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Meerut News: हस्तिनापुर-चांदपुर मार्ग पर खतरे के बीच चल रहा सफर
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खतरे में जान जान जोखिम में टूटे संपर्क मार्ग पर निकलते राहगीर स्रोत संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
हस्तिनापुर। हस्तिनापुर-चांदपुर (बिजनौर) मार्ग पर भीमकुंड गांव के पास सड़क कटने के पांच दिन बाद भी मरम्मत कार्य शुरू नहीं हो सका है। इससे राहगीर और ग्रामीण जान जोखिम में डालकर पानी के बीच से आवागमन करने को मजबूर हैं। लोगों का आरोप है कि संबंधित विभागों को जानकारी होने के बावजूद अब तक मार्ग दुरुस्त कराने के लिए प्रभावी कदम नहीं उठाए गए हैं।
ग्रामीण कुलदीप, सचिन, नितिन, बिरजू आदि बताया गया कि पांच दिन पहले कुछ किसानों ने जलनिकासी के उद्देश्य से बुलडोजर की मदद से राजमार्ग को काट दिया था। मामले में लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के सहायक अभियंता अभिषेक शर्मा ने अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी, लेकिन इसके बाद भी सड़क का मरम्मत कार्य नहीं कराया गया। कटाव के कारण वाहन चालक और पैदल राहगीर जोखिम उठाकर मार्ग पार कर रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते व्यवस्था नहीं की गई तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
गंगा पार स्थित बधवा, खेड़ी, मनोहरपुर और खेड़ी कला सहित कई गांवों के किसानों की कृषि भूमि इस मार्ग से जुड़ी है। किसानों का कहना है कि यदि वे बिजनौर बैराज होकर जाएं तो करीब 90 किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ेगी, जबकि इस मार्ग से उनके खेत मात्र चार किलोमीटर दूर हैं। ऐसे में मजबूरीवश वे कटे हुए मार्ग से ही आवागमन कर रहे हैं।
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हस्तिनापुर। हस्तिनापुर-चांदपुर (बिजनौर) मार्ग पर भीमकुंड गांव के पास सड़क कटने के पांच दिन बाद भी मरम्मत कार्य शुरू नहीं हो सका है। इससे राहगीर और ग्रामीण जान जोखिम में डालकर पानी के बीच से आवागमन करने को मजबूर हैं। लोगों का आरोप है कि संबंधित विभागों को जानकारी होने के बावजूद अब तक मार्ग दुरुस्त कराने के लिए प्रभावी कदम नहीं उठाए गए हैं।
ग्रामीण कुलदीप, सचिन, नितिन, बिरजू आदि बताया गया कि पांच दिन पहले कुछ किसानों ने जलनिकासी के उद्देश्य से बुलडोजर की मदद से राजमार्ग को काट दिया था। मामले में लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के सहायक अभियंता अभिषेक शर्मा ने अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी, लेकिन इसके बाद भी सड़क का मरम्मत कार्य नहीं कराया गया। कटाव के कारण वाहन चालक और पैदल राहगीर जोखिम उठाकर मार्ग पार कर रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते व्यवस्था नहीं की गई तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
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गंगा पार स्थित बधवा, खेड़ी, मनोहरपुर और खेड़ी कला सहित कई गांवों के किसानों की कृषि भूमि इस मार्ग से जुड़ी है। किसानों का कहना है कि यदि वे बिजनौर बैराज होकर जाएं तो करीब 90 किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ेगी, जबकि इस मार्ग से उनके खेत मात्र चार किलोमीटर दूर हैं। ऐसे में मजबूरीवश वे कटे हुए मार्ग से ही आवागमन कर रहे हैं।
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