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Meerut News: मानसिक तनाव में मजदूर ने फांसी लगाकर दी जान
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रोहटा। क्षेत्र के मिर्जापुर गांव में बुधवार सुबह मजदूर यामीन का शव छत के कमरे में फंदे से लटका हुआ मिला। घटना की जानकारी पर ग्रामीणों की भारी भीड़ मौके पर जुट गई। पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर मोर्चरी भेजने का प्रयास किया, लेकिन परिजनों ने पोस्टमार्टम कराने से इन्कार कर दिया। गमगीन माहौल में शव सुपुर्द-ए-खाक कर दिया।
यामीन (48) पुत्र रसीद मेहनत-मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करता था। करीब चार माह पूर्व यामीन की पत्नी की बीमारी के चलते मौत हो गई थी। इसके बाद से वह मानसिक रूप से अस्वस्थ रहने लगा था। परिवारजनों ने उसका इलाज कई चिकित्सकों से कराया, लेकिन कोई विशेष लाभ नहीं मिला।
यामीन का बड़ा बेटा मेरठ में मजदूरी करता है। छोटा बेटा घर पर ही रहता है। मंगलवार रात यामीन छत पर बने कमरे में सोने गया था। बुधवार सुबह वह नीचे नहीं आया तो छोटे बेटे ने जाकर देखा, जहां वह छत में लगे पंखे के कुंडे से दुपट्टे के सहारे फंदे पर लटका मिला।
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परिजनों के अनुरोध पर पुलिस ने शव उन्हें सौंप दिया। सीओ आशुतोष कुमार ने बताया कि मृतक मानसिक रूप से बीमार था और उसका इलाज कराया जा रहा था। परिजनों ने किसी भी प्रकार की कानूनी कार्रवाई से इन्कार किया है। मामले में कोई संदिग्ध परिस्थिति सामने नहीं आई है।
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यामीन (48) पुत्र रसीद मेहनत-मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करता था। करीब चार माह पूर्व यामीन की पत्नी की बीमारी के चलते मौत हो गई थी। इसके बाद से वह मानसिक रूप से अस्वस्थ रहने लगा था। परिवारजनों ने उसका इलाज कई चिकित्सकों से कराया, लेकिन कोई विशेष लाभ नहीं मिला।
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यामीन का बड़ा बेटा मेरठ में मजदूरी करता है। छोटा बेटा घर पर ही रहता है। मंगलवार रात यामीन छत पर बने कमरे में सोने गया था। बुधवार सुबह वह नीचे नहीं आया तो छोटे बेटे ने जाकर देखा, जहां वह छत में लगे पंखे के कुंडे से दुपट्टे के सहारे फंदे पर लटका मिला।
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परिजनों के अनुरोध पर पुलिस ने शव उन्हें सौंप दिया। सीओ आशुतोष कुमार ने बताया कि मृतक मानसिक रूप से बीमार था और उसका इलाज कराया जा रहा था। परिजनों ने किसी भी प्रकार की कानूनी कार्रवाई से इन्कार किया है। मामले में कोई संदिग्ध परिस्थिति सामने नहीं आई है।