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बेटी अब कहलाएगी ‘इंजीनियर बिटिया’
Meerut
Updated Fri, 10 Oct 2014 05:32 AM IST
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मेरठ। बेटी अब इंजीनियर बिटिया कहलाएगी। तकनीकी शिक्षा में छात्राओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए सीबीएसई और मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने ‘प्रगति’ नामक छात्रवृत्ति योजना शुरू की है।
मंत्रालय ने योजना में प्रति वर्ष चार लाख छात्राओं को शामिल करने का लक्ष्य रखा है। जिन छात्राओं के पिता की वार्षिक आय छह लाख से कम है, वे इसका हिस्सा होंगी। उन्हें 30 हजार रुपये छात्रवृत्ति के साथ 2 हजार रुपये ट्यूशन फीस 10 माह तक प्रदान की जाएगी। इसके साथ ही सीबीएसई ने छात्राओं, एससी, एसटी और अल्पसंख्यकों को तकनीकी शिक्षा से जोड़ने के लिए ‘उड़ान’ की शुरुआत की है। सीबीएसई के अनुसार बिहार, उप्र, मध्यप्रदेश जैसे राज्यों में तकनीकी शिक्षा में छात्राओं की संख्या बेहद कम है। वर्तमान में इंजीनियरिंग कॉलेजों में 77 फीसदी छात्र और 33 फीसदी छात्राएं हैं। सेंट जोंस स्कूल की प्रधानाचार्या चंद्रलेखा जैन ने बताया कि छात्राओं क ो तकनीकी शिक्षा से जोड़ने के लिए सीबीएसई और मंत्रालय ने यह शुरुआत की है। जो छात्राओं को भविष्य बनाने में मददगार साबित होगी।
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मंत्रालय ने योजना में प्रति वर्ष चार लाख छात्राओं को शामिल करने का लक्ष्य रखा है। जिन छात्राओं के पिता की वार्षिक आय छह लाख से कम है, वे इसका हिस्सा होंगी। उन्हें 30 हजार रुपये छात्रवृत्ति के साथ 2 हजार रुपये ट्यूशन फीस 10 माह तक प्रदान की जाएगी। इसके साथ ही सीबीएसई ने छात्राओं, एससी, एसटी और अल्पसंख्यकों को तकनीकी शिक्षा से जोड़ने के लिए ‘उड़ान’ की शुरुआत की है। सीबीएसई के अनुसार बिहार, उप्र, मध्यप्रदेश जैसे राज्यों में तकनीकी शिक्षा में छात्राओं की संख्या बेहद कम है। वर्तमान में इंजीनियरिंग कॉलेजों में 77 फीसदी छात्र और 33 फीसदी छात्राएं हैं। सेंट जोंस स्कूल की प्रधानाचार्या चंद्रलेखा जैन ने बताया कि छात्राओं क ो तकनीकी शिक्षा से जोड़ने के लिए सीबीएसई और मंत्रालय ने यह शुरुआत की है। जो छात्राओं को भविष्य बनाने में मददगार साबित होगी।
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