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उफ! इस शहर के जाम से तौबा
Meerut
Updated Thu, 13 Feb 2014 05:44 AM IST
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मेरठ। जाम को लेकर डीएम सख्त हुए तो बुधवार को एसपी सिटी ने खुद डंडा संभाल लिया। आड़े तिरछे खडे़ वाहनों को डंडा फटकारते हुए हटाया, लेकिन बाकी जगह शहर में वही स्थिति रही। वाहन सुबह से रात तक रेंगते रहे। जाम फंसे लोग तौबा करते नजर आए।
शहर इस समय बेतरतीब जाम से जूझ रहा है। ऐसा लग रहा है मानों शहर सिकुड़ गया हो। यह गलत भी नहीं है। आधे से ज्यादा शहर की सड़के उखड़ी पड़ी हैं। कहीं पर खुदाई चल रही है, तो कहीं पर सड़कें बन रही हैं। छावनी क्षेत्र में तो रास्ते ही बंद कर दिए गए हैं। ऐसे में वाहनों का पूरा भार कुछ खास मार्गों पर नजर आ रहा है, जो जाम को बढ़ावा दे रहा है।
बिजली बंबा बाईपास बंद होने से दिल्ली रोड पर अतिरिक्त भार है। घंटाघर मार्ग भी बंद होने से रेलवे रोड चौराहा से बेगमपुल तक जाने वाले मार्ग पर ट्रैफिक बढ़ गया है। ऐसे में लगातार जाम लग रहा है। वहीं दूसरी तरफ शारदा रोड होते हुए जो ट्रैफिक हापुड़ रोड की तरफ जा रहा है, उसके कारण वहां पर जाम लग रहा है। बुधवार को बागपत तिराहा से बेगमपुल और हापुड़ चौराहा से भूमिया पुल तक दिन भर जाम लगा रहा।
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इस जाम को लेकर जिलाधिकारी पंकज यादव ने मंगलवार को एसएसपी ओंकार सिंह ने बात की और पुलिस को ट्रैफिक कंट्रोल के निर्देश दिए थे। जिस पर बुधवार को एसपी सिटी ओमप्रकाश खुद डंडा लेकर रेलवे रोड चौराहा पहुंच गए। एसपी सिटी ने सड़क और चौराहे पर आड़े तिरछे खड़े आटो चालकों को हड़का कर खदेड़ा। तब जाकर जाम की स्थिति कुछ हल्की हुई, लेकिन उनके जाते ही फिर से वही स्थिति बन गई।
अब तो घर से निकलना भी दूभर है
जाम से जूझते लोग शहर की व्यवस्था को कोस रहे हैं। गाजियाबाद से आए मो. हारुन अपनी रिश्तेदारी में आए थे। वापस जाते हुए केसरगंज में जाम के बीच फंसे हारुन ने कहा कि अब तो मेरठ की हालत बदतर होती जा रही है। गाजियाबाद में यहां से ज्यादा ट्रैफिक है, बावजूद इसके वहां पर जाम की ऐसी स्थिति नहीं होती है। उन्होंने इसके लिए ट्रैफिक पुलिस को जिम्मेदार ठहराया।
कलंजरी गांव से सामान खरीदने आए दिनेश मोदी ने कहा कि एक साल से हालत ज्यादा खराब है। जब से सड़कों को खोदकर पाइप लाइन डाली जा रही है। तब से यह कहना मुश्किल है कि आज किस जगह रास्ता बंद होगा और कहां पर जाम लग जाएगा। दिनेश मोदी ने कहा कि प्रशासन की ढिलाई के कारण जनता मुसीबत झेल रही है।
पल्लवपुरम निवासी शैलेंद्र जैन ने कहा कि अब तो मजबूरी में ही आते हैं। क्योंकि शहर में आने के बाद इस जाम में फंसकर कब वापसी होगी, कह नहीं सकते। शैलेंद्र के अनुसार वह पहले पुराने शहर में रहते थे, इसी जाम के कारण उन्होंने पल्लवपुरम शिफ्ट कर लिया है।
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शहर इस समय बेतरतीब जाम से जूझ रहा है। ऐसा लग रहा है मानों शहर सिकुड़ गया हो। यह गलत भी नहीं है। आधे से ज्यादा शहर की सड़के उखड़ी पड़ी हैं। कहीं पर खुदाई चल रही है, तो कहीं पर सड़कें बन रही हैं। छावनी क्षेत्र में तो रास्ते ही बंद कर दिए गए हैं। ऐसे में वाहनों का पूरा भार कुछ खास मार्गों पर नजर आ रहा है, जो जाम को बढ़ावा दे रहा है।
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बिजली बंबा बाईपास बंद होने से दिल्ली रोड पर अतिरिक्त भार है। घंटाघर मार्ग भी बंद होने से रेलवे रोड चौराहा से बेगमपुल तक जाने वाले मार्ग पर ट्रैफिक बढ़ गया है। ऐसे में लगातार जाम लग रहा है। वहीं दूसरी तरफ शारदा रोड होते हुए जो ट्रैफिक हापुड़ रोड की तरफ जा रहा है, उसके कारण वहां पर जाम लग रहा है। बुधवार को बागपत तिराहा से बेगमपुल और हापुड़ चौराहा से भूमिया पुल तक दिन भर जाम लगा रहा।
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इस जाम को लेकर जिलाधिकारी पंकज यादव ने मंगलवार को एसएसपी ओंकार सिंह ने बात की और पुलिस को ट्रैफिक कंट्रोल के निर्देश दिए थे। जिस पर बुधवार को एसपी सिटी ओमप्रकाश खुद डंडा लेकर रेलवे रोड चौराहा पहुंच गए। एसपी सिटी ने सड़क और चौराहे पर आड़े तिरछे खड़े आटो चालकों को हड़का कर खदेड़ा। तब जाकर जाम की स्थिति कुछ हल्की हुई, लेकिन उनके जाते ही फिर से वही स्थिति बन गई।
अब तो घर से निकलना भी दूभर है
जाम से जूझते लोग शहर की व्यवस्था को कोस रहे हैं। गाजियाबाद से आए मो. हारुन अपनी रिश्तेदारी में आए थे। वापस जाते हुए केसरगंज में जाम के बीच फंसे हारुन ने कहा कि अब तो मेरठ की हालत बदतर होती जा रही है। गाजियाबाद में यहां से ज्यादा ट्रैफिक है, बावजूद इसके वहां पर जाम की ऐसी स्थिति नहीं होती है। उन्होंने इसके लिए ट्रैफिक पुलिस को जिम्मेदार ठहराया।
कलंजरी गांव से सामान खरीदने आए दिनेश मोदी ने कहा कि एक साल से हालत ज्यादा खराब है। जब से सड़कों को खोदकर पाइप लाइन डाली जा रही है। तब से यह कहना मुश्किल है कि आज किस जगह रास्ता बंद होगा और कहां पर जाम लग जाएगा। दिनेश मोदी ने कहा कि प्रशासन की ढिलाई के कारण जनता मुसीबत झेल रही है।
पल्लवपुरम निवासी शैलेंद्र जैन ने कहा कि अब तो मजबूरी में ही आते हैं। क्योंकि शहर में आने के बाद इस जाम में फंसकर कब वापसी होगी, कह नहीं सकते। शैलेंद्र के अनुसार वह पहले पुराने शहर में रहते थे, इसी जाम के कारण उन्होंने पल्लवपुरम शिफ्ट कर लिया है।