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...तो अब नहीं चलेगा घोसीपुर कमेला
Meerut
Updated Tue, 18 Jun 2013 05:30 AM IST
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मेरठ। अगर घोसीपुर कमेला बंद है तो शहर में मीट की सप्लाई कहां से हो रही है। क्या अब से पहले भी घोसीपुर कमेले के अलावा शहर में दर्जनों अवैध मिनी कमेले चल रहे थे। अगर चल रहे थे तो इनको चलवाने वाला कौन था? अवैध कमेलों में पशु कटान हो रहा है तो नगर निगम प्रशासन और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड प्रतिबंध क्यों नहीं लगा रहा है। क्या दोनों विभागों ने मीट माफियों को लाइसेंस दे दिया है? अगर नहीं तो जिला प्रशासन अवैध पशु कटान करने वालों के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं कर रहा है? क्या पुलिस ने भी क्षेत्र में घूमना बंद कर दिया है?
महानगर की जनता के इन सवालों पर गौर करें तो अवैध कमेले में काटे जा रहे पशुओं के खून से पुलिस, नगर निगम प्रशासन और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का दामन पर दाग साफ दिखाई दे रहे हैं। जब क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी बृजेश बहादुर से बात करते हैं तो वे गली मोहल्लों में चल रहे अवैध कमेलों के लिए पुलिस और नगर निगम को जिम्मेदार ठहराते हैं। उधर, नगर स्वास्थ्य अधिकारी डा. राजवीर सिंह कहते हैं कि नगर निगम का घोसीपुर में कमेला है। जो ठेके की समयावधि के चलते बंद पड़ा है। शहर की गलियों में हो रहे अवैध पशु कटान को रोकने की जिम्मेदारी पुलिस और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की है। दो दिन पूर्व जिलाधिकारी नवदीप रिणवा ने अवैध कमेलों में पशु कटान पर पुलिस, नगर निगम, प्रदूषण बोर्ड को जमकर फटकार लगाई थी। जिसका विभागीय अधिकारियों पर कोई असर नहीं हुआ।
पहले से अधिक हो रही सप्लाई :
घोसीपुर कमेले के ठेके की समयावधि खत्म हुए चार दिन बीत चुके हैं। नगर निगम की माने तो शहर में मीट की सप्लाई बंद है। अगर मौके पर मीट की दुकानों लटके पशुओं के मीट पर ध्यान दें तो पहले से भी अधिक मीट की सप्लाई शहर में हो रही है।
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रोड का नाम इस्लाम मार्ग हो
मेरठ। पुराने कमेले मार्ग का नाम दीन की खदमत को अंजाम दे रहे हकीम मौ. इस्लाम अंसारी के नाम से रखा जाना चाहिए। सपा शहर विधान सभा अध्यक्ष अरशद मक्की ने इस संबंध में नगर विकास मंत्री को भी फैक्स भेजा है। इस अवसर पर डा. यासीन, सईद अहमद, मोलाना सिराज, कारी अनवार, सिराज कासमी आदि मुख्य रहे।
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महानगर की जनता के इन सवालों पर गौर करें तो अवैध कमेले में काटे जा रहे पशुओं के खून से पुलिस, नगर निगम प्रशासन और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का दामन पर दाग साफ दिखाई दे रहे हैं। जब क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी बृजेश बहादुर से बात करते हैं तो वे गली मोहल्लों में चल रहे अवैध कमेलों के लिए पुलिस और नगर निगम को जिम्मेदार ठहराते हैं। उधर, नगर स्वास्थ्य अधिकारी डा. राजवीर सिंह कहते हैं कि नगर निगम का घोसीपुर में कमेला है। जो ठेके की समयावधि के चलते बंद पड़ा है। शहर की गलियों में हो रहे अवैध पशु कटान को रोकने की जिम्मेदारी पुलिस और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की है। दो दिन पूर्व जिलाधिकारी नवदीप रिणवा ने अवैध कमेलों में पशु कटान पर पुलिस, नगर निगम, प्रदूषण बोर्ड को जमकर फटकार लगाई थी। जिसका विभागीय अधिकारियों पर कोई असर नहीं हुआ।
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पहले से अधिक हो रही सप्लाई :
घोसीपुर कमेले के ठेके की समयावधि खत्म हुए चार दिन बीत चुके हैं। नगर निगम की माने तो शहर में मीट की सप्लाई बंद है। अगर मौके पर मीट की दुकानों लटके पशुओं के मीट पर ध्यान दें तो पहले से भी अधिक मीट की सप्लाई शहर में हो रही है।
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रोड का नाम इस्लाम मार्ग हो
मेरठ। पुराने कमेले मार्ग का नाम दीन की खदमत को अंजाम दे रहे हकीम मौ. इस्लाम अंसारी के नाम से रखा जाना चाहिए। सपा शहर विधान सभा अध्यक्ष अरशद मक्की ने इस संबंध में नगर विकास मंत्री को भी फैक्स भेजा है। इस अवसर पर डा. यासीन, सईद अहमद, मोलाना सिराज, कारी अनवार, सिराज कासमी आदि मुख्य रहे।