{"_id":"52-58681","slug":"Meerut-58681-52","type":"story","status":"publish","title_hn":"मानसून में ‘सरकार’ के फैसलों ने रुलाया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मानसून में ‘सरकार’ के फैसलों ने रुलाया
Meerut
Updated Tue, 18 Jun 2013 05:30 AM IST
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बिजली बंबा बाईपास बंद है तो शहर में खुदी सड़कें बारिश में मौत का गड्ढा बन रही हैं। जिले की ‘सरकार’ यानी प्रशासन के गलत फैसलों ने पूरे मेरठ की जनता को मुसीबतों की ओर धकेल दिया है। विकास के नाम पर शहर में कई जगह काम शुरू कर दिया गया लेकिन किसी ने इस ओर ध्यान नहीं दिया कि मानसून आने पर हालत क्या होगी? वहीं, मानसून ने सरकारी निर्माण विभाग को करारा झटका दिया है। ये विभाग जो कभी समय से काम पूरा करना तो दूर शुरू तक नहीं करते, उन्हें मानसून ने 15 दिन पहले आकर परेशान कर दिया है। हाल ये है कि जल निगम जिन सड़कों की खुदाई कर मरम्मत में लापरवाही कर रहा था, अब उसे जवाब देते नहीं बन रहा है। और लोक निर्माण विभाग की भी हालत कुछ ऐसी ही है। हालांकि दोनों ही विभाग बारिश में भी काम पूरा होने और जारी रखने का दावा कर रहें है।
खुदी हुई हैं सड़कें
मेरठ। जल निगम ने जेएनएनयूआरएम योजना के तहत पेयजल और सीवर लाइन डालने के काम में पूरा शहर खोद दिया। हालांकि काफी हद तक सड़कों की मरम्मत कर दी गई है। लेकिन जहां सड़कें खुदी हैं, वहां लोग परेशान हो रहे हैं। और जहां मरम्मत हो चुकी हैं, वहां पर सड़कें या तो बैठ गई है, यह पहली ही बारिश में बहकर मरम्मत की गुणवत्ता पर सवाल खड़ा कर रही हैं।
इस समय घंटाघर से रेलवे रोड चौराहा, जली कोठी से होते हुए थापर नगर नाले की पटरी से बच्चा पार्क चौराहा तक सड़क खुदी हुई है। रविवार और सोमवार को जल भराव में दुपहिया वाहन चालक जहां गिरकर घायल और गंदे हुए तो चौपहिया वाहन भी इन गड्ढों में फंस गए। ऐसे में दिन भर जाम की स्थिति बनी रही।
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क्यों शुरू हुआ बिजली बंबा बाइपास का काम
मेरठ। लोक निर्माण विभाग ने बारिश सिर पर होने के बावजूद बिजली बंबा बाईपास जैसे व्यस्त मार्ग को तोड़ दिया है। अब बारिश में इस पर कैसे काम होगा? इसे लेकर अधिकारी भी चिंतित हैं। शनिवार रात से शुरू हुई बारिश ने बिजली बंबा बाईपास निर्माण के काम में बाधा पैदा कर दी है। अधिकारियों ने काम शुरू करने से पहले इस ओर ध्यान ही नहीं दिया कि यह मानसून के दौरान कैसे पूरा होगा। अब बिजली बंबा बाईपास का काम अटक गया है और वाहनों का आवागमन शहर में ज्यादा हो गया है। इस कारण शहर में जाम के हालात और बदतर हो गए हैं। यह सारी कवायद प्रदेश के मुखिया को खुश करने के लिए की गई है। सीएम के मेरठ आने से पहले काम शुरू कर दिया गया। यदि इस बारे में गंभीरता बरती जाती तो वर्तमान में पैच वर्क कराके ही रास्ते का चालू रखा जा सकता था। मानसून के बाद सड़क बना दी जाती। इससे न जनता को परेशानी होती और न काम लटकता। अधिशासी अभियंता शशिभूषण शर्मा का कहना है कि सड़क तोड़ने और पत्थर डालने का काम बारिश में भी हो सकता है। लेकिन समस्या ये आ रही है कि पहाड़ों पर तेज बारिश हो रही है। ऐसे में पत्थर लेने गए ट्रक वहां फंस गए हैं। जब तक पत्थर नहीं आता, तब कुछ भी कहना मुश्किल है।
अमर उजाला सेतु के निर्माण पर बारिश ने ब्रेक लगाया
दिल्ली रोड पर निर्माणधीन फ्लाईओवर शुरू होने के बाद शहर को काफी हद तक जाम से छुटकारा मिलने की उम्मीद है। गत वर्ष 2012 से ओवरब्रिज के एक हिस्से पर वाहन दौड़ रहे हैं। सेतु निगम के अनुसार 31 जुलाई तक दूसरे हिस्से का निर्माण कार्य पूर्ण होना निर्धारित है। लेकिन गत रविवार से शुरू हुई बारिश ने फ्लाई ओवर के निर्माण कार्य की गति धीमी कर दी। सेतु निगम के परियोजना प्रबंधक सतीश कुमार का कहना है कि 80 प्रतिशत से अधिक कार्य पूर्ण हो चुका है। बारिश में काम पूरी तरह रुका नहीं है, बल्कि धीमा हुआ है। कम से कम 15 दिन तो लेट हो ही जाएगा।
इंटरलॉकिंग टाइल्स लगाने का काम रुका
मेरठ। मेट्रो प्लाजा से भूमिया के पुल तक सड़क के दोनों ओर टायल लगाने के लिए सड़क खोदी गई है। धीमी गति से चल रहा निर्माण कार्य जनता के लिए परेशानी का सबब बन चुका है। गत रविवार को हुई बारिश से जलभराव ने निर्माण कार्य को ब्रेक लगा दिया है। सोमवार को ओडियन नाला मार्ग किशनपुरी के सामने खुदी पड़ी सड़क पर बनी दलदल और रुके निर्माण कार्य को लेकर स्थानीय लोगों ने हंगामा भी किया। इस्लामुददीन, दाताराम, सुरेश चंद, इंतियाज अली,रामाधर गुप्ता और अशोक कुमार ने कहा कि फरवरी माह से अब तक यहां की जनता धूल फांकती आ रही थी अब कीचड़ में रहना होगा। ठेकेदार ने जानबूझकर टायल लगाने में देरी की है। ताकि बारिश के दौरान काम रुका रहे और फर्जी तरीके से निगम से पेमेंट प्राप्त कर ले।
अधिकारियों का बहाना
पेयजल योजना के परियोजना प्रबंधक एसएन श्रीवास्तव ने बताया कि 95 प्रतिशत से ज्यादा काम पूरा हो चुका है। अब सिर्फ भूमिया का पुल और जली कोठी के पास स्थित नाले की पुलिया पर पाइप लाइन जोड़नी है। लेकिन यह पाइप लाइन टैंचलैस तकनीक से जोड़ी जाएगी, जिसमें खुदाई नहीं होगी सिर्फ दोनो तरफ दो गड्ढे किये जाएंगे। यह काम बरसात में भी पूरा हो जायेगा। इसके साथ ही जहां पर सड़क खुदी हुई है, वहां बारिश में ही पत्थर डालकर चलने लायक बनाया जायेगा और बरसात के बाद इसकी पूरी मरम्मत कर दी जाएगी।
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खुदी हुई हैं सड़कें
मेरठ। जल निगम ने जेएनएनयूआरएम योजना के तहत पेयजल और सीवर लाइन डालने के काम में पूरा शहर खोद दिया। हालांकि काफी हद तक सड़कों की मरम्मत कर दी गई है। लेकिन जहां सड़कें खुदी हैं, वहां लोग परेशान हो रहे हैं। और जहां मरम्मत हो चुकी हैं, वहां पर सड़कें या तो बैठ गई है, यह पहली ही बारिश में बहकर मरम्मत की गुणवत्ता पर सवाल खड़ा कर रही हैं।
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इस समय घंटाघर से रेलवे रोड चौराहा, जली कोठी से होते हुए थापर नगर नाले की पटरी से बच्चा पार्क चौराहा तक सड़क खुदी हुई है। रविवार और सोमवार को जल भराव में दुपहिया वाहन चालक जहां गिरकर घायल और गंदे हुए तो चौपहिया वाहन भी इन गड्ढों में फंस गए। ऐसे में दिन भर जाम की स्थिति बनी रही।
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क्यों शुरू हुआ बिजली बंबा बाइपास का काम
मेरठ। लोक निर्माण विभाग ने बारिश सिर पर होने के बावजूद बिजली बंबा बाईपास जैसे व्यस्त मार्ग को तोड़ दिया है। अब बारिश में इस पर कैसे काम होगा? इसे लेकर अधिकारी भी चिंतित हैं। शनिवार रात से शुरू हुई बारिश ने बिजली बंबा बाईपास निर्माण के काम में बाधा पैदा कर दी है। अधिकारियों ने काम शुरू करने से पहले इस ओर ध्यान ही नहीं दिया कि यह मानसून के दौरान कैसे पूरा होगा। अब बिजली बंबा बाईपास का काम अटक गया है और वाहनों का आवागमन शहर में ज्यादा हो गया है। इस कारण शहर में जाम के हालात और बदतर हो गए हैं। यह सारी कवायद प्रदेश के मुखिया को खुश करने के लिए की गई है। सीएम के मेरठ आने से पहले काम शुरू कर दिया गया। यदि इस बारे में गंभीरता बरती जाती तो वर्तमान में पैच वर्क कराके ही रास्ते का चालू रखा जा सकता था। मानसून के बाद सड़क बना दी जाती। इससे न जनता को परेशानी होती और न काम लटकता। अधिशासी अभियंता शशिभूषण शर्मा का कहना है कि सड़क तोड़ने और पत्थर डालने का काम बारिश में भी हो सकता है। लेकिन समस्या ये आ रही है कि पहाड़ों पर तेज बारिश हो रही है। ऐसे में पत्थर लेने गए ट्रक वहां फंस गए हैं। जब तक पत्थर नहीं आता, तब कुछ भी कहना मुश्किल है।
अमर उजाला सेतु के निर्माण पर बारिश ने ब्रेक लगाया
दिल्ली रोड पर निर्माणधीन फ्लाईओवर शुरू होने के बाद शहर को काफी हद तक जाम से छुटकारा मिलने की उम्मीद है। गत वर्ष 2012 से ओवरब्रिज के एक हिस्से पर वाहन दौड़ रहे हैं। सेतु निगम के अनुसार 31 जुलाई तक दूसरे हिस्से का निर्माण कार्य पूर्ण होना निर्धारित है। लेकिन गत रविवार से शुरू हुई बारिश ने फ्लाई ओवर के निर्माण कार्य की गति धीमी कर दी। सेतु निगम के परियोजना प्रबंधक सतीश कुमार का कहना है कि 80 प्रतिशत से अधिक कार्य पूर्ण हो चुका है। बारिश में काम पूरी तरह रुका नहीं है, बल्कि धीमा हुआ है। कम से कम 15 दिन तो लेट हो ही जाएगा।
इंटरलॉकिंग टाइल्स लगाने का काम रुका
मेरठ। मेट्रो प्लाजा से भूमिया के पुल तक सड़क के दोनों ओर टायल लगाने के लिए सड़क खोदी गई है। धीमी गति से चल रहा निर्माण कार्य जनता के लिए परेशानी का सबब बन चुका है। गत रविवार को हुई बारिश से जलभराव ने निर्माण कार्य को ब्रेक लगा दिया है। सोमवार को ओडियन नाला मार्ग किशनपुरी के सामने खुदी पड़ी सड़क पर बनी दलदल और रुके निर्माण कार्य को लेकर स्थानीय लोगों ने हंगामा भी किया। इस्लामुददीन, दाताराम, सुरेश चंद, इंतियाज अली,रामाधर गुप्ता और अशोक कुमार ने कहा कि फरवरी माह से अब तक यहां की जनता धूल फांकती आ रही थी अब कीचड़ में रहना होगा। ठेकेदार ने जानबूझकर टायल लगाने में देरी की है। ताकि बारिश के दौरान काम रुका रहे और फर्जी तरीके से निगम से पेमेंट प्राप्त कर ले।
अधिकारियों का बहाना
पेयजल योजना के परियोजना प्रबंधक एसएन श्रीवास्तव ने बताया कि 95 प्रतिशत से ज्यादा काम पूरा हो चुका है। अब सिर्फ भूमिया का पुल और जली कोठी के पास स्थित नाले की पुलिया पर पाइप लाइन जोड़नी है। लेकिन यह पाइप लाइन टैंचलैस तकनीक से जोड़ी जाएगी, जिसमें खुदाई नहीं होगी सिर्फ दोनो तरफ दो गड्ढे किये जाएंगे। यह काम बरसात में भी पूरा हो जायेगा। इसके साथ ही जहां पर सड़क खुदी हुई है, वहां बारिश में ही पत्थर डालकर चलने लायक बनाया जायेगा और बरसात के बाद इसकी पूरी मरम्मत कर दी जाएगी।