{"_id":"52-42890","slug":"Meerut-42890-52","type":"story","status":"publish","title_hn":"फर्जी अमीन को जमकर धुन डाला ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
फर्जी अमीन को जमकर धुन डाला
Meerut
Updated Sun, 14 Oct 2012 12:00 PM IST
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मेरठ। असली अमीन की शह पर वसूली करने वाले फर्जी अमीन को शक होने पर लोगों ने धुन दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस उसे थाने ले गई। पीछे-पीछे थाने पहुंची भीड़ ने आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर हंगामा कर दिया। बाद में एक अफसर के कहने पर दोनों पक्षों में समझौता करा दिया गया।
शनिवार सुबह एक व्यक्ति बिसातियों वाली मसजिद इस्लामाबाद में खुद को तहसील का अमीन बताकर वसूली करने पहुंचा था। उसके पास आरसी के अलावा सरकारी अफसरों की मुहर होना भी बताया गया। लोगों को जब उस पर शक हुआ तो उन्होंने उससे परिचय पत्र मांग लिया। आरोप है कि जब उसने परिचय पत्र दिखाने से इनकार किया तो लोगों का शक और बढ़ गया। लोगों ने उस पर फर्जी अमीन बनकर वसूली करने का आरोप लगाते हुए शोर मचा दिया, जिससे वहां भीड़ जमा हो गई और उसके साथ मारपीट कर दी। तभी किसी ने इसकी सूचना पुलिस को दे दी।
मौके पर पहुंची फैंटम पुलिस उसे थाना लिसाड़ी गेट ले आई। थाने पहुंचे लोगों ने हंगामा करते हुए आरोप लगाया कि सदर तहसील के एक अमीन ने बकाया वसूली के लिए इसे प्राइवेट रूप से रखा हुआ है। आरोप था कि यह युवक अमीन के इशारे पर अवैध वसूली करता है। इस बीच एक अफसर ने उसे तहसील का अमीन बताते हुए मामले में समझौता कराने के निर्देश दिए। जिसके बाद पुलिस ने दोनों पक्षों में समझौता करा दिया। एसओ लिसाड़ी गेट का कहना है कि हंगामे के समय वे थाने पर नहीं थे। जब वे थाने आए तो समझौता हो चुका था। यदि कोई लिखित शिकायत होगी तो जांच की जाएगी।
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शनिवार सुबह एक व्यक्ति बिसातियों वाली मसजिद इस्लामाबाद में खुद को तहसील का अमीन बताकर वसूली करने पहुंचा था। उसके पास आरसी के अलावा सरकारी अफसरों की मुहर होना भी बताया गया। लोगों को जब उस पर शक हुआ तो उन्होंने उससे परिचय पत्र मांग लिया। आरोप है कि जब उसने परिचय पत्र दिखाने से इनकार किया तो लोगों का शक और बढ़ गया। लोगों ने उस पर फर्जी अमीन बनकर वसूली करने का आरोप लगाते हुए शोर मचा दिया, जिससे वहां भीड़ जमा हो गई और उसके साथ मारपीट कर दी। तभी किसी ने इसकी सूचना पुलिस को दे दी।
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मौके पर पहुंची फैंटम पुलिस उसे थाना लिसाड़ी गेट ले आई। थाने पहुंचे लोगों ने हंगामा करते हुए आरोप लगाया कि सदर तहसील के एक अमीन ने बकाया वसूली के लिए इसे प्राइवेट रूप से रखा हुआ है। आरोप था कि यह युवक अमीन के इशारे पर अवैध वसूली करता है। इस बीच एक अफसर ने उसे तहसील का अमीन बताते हुए मामले में समझौता कराने के निर्देश दिए। जिसके बाद पुलिस ने दोनों पक्षों में समझौता करा दिया। एसओ लिसाड़ी गेट का कहना है कि हंगामे के समय वे थाने पर नहीं थे। जब वे थाने आए तो समझौता हो चुका था। यदि कोई लिखित शिकायत होगी तो जांच की जाएगी।
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