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उच्चाधिकारियों की हरी झंडी के बाद बनेगा रोडवेज बस अड्डा
Updated Sat, 10 Mar 2018 02:16 AM IST
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शताब्दीनगर बस अड्डे को अफसरों की मुहर का इंतजार
मेरठ। रोडवेज बस अड्डों को शहर से बाहर करने की कवायद परवान नहीं चढ़ पा रही है। एमडीए द्वारा शताब्दी नगर में दिखाई गई जमीन को रोडवेज के स्थानीय अधिकारियों ने पास तो कर दिया, लेकिन उच्चाधिकारियों की हरी झंडी के बाद ही इस पर निर्णय होने की बात कही। उधर एमडीए अधिकारियों का कहना है कि रोडवेज यहां भी फ्री में जमीन देने की बात कर रहा है।
रोडवेज का भैसाली और सोहराबगेट बस अड्डा शहर के बीच आने के चलते जाम का पर्याय बन चुका है। बस अड्डों को बाहर करने के लिए हाईकोर्ट और एनजीटी में सुनवाई चल रही है। इस बीच भैसाली बस अड्डे पर अस्थायी शेड आदि का निर्माण कार्य भी बदस्तूर जारी है। लेकिन बस अड्डों के बाहर करने की कवायद मेें एमडीए ने रोडवेज को कंकरखेड़ा, शताब्दीनगर और परतापुर आदि में जमीन देने का प्लान बनाया है। इस क्रम में शताब्दीनगर में स्थानीय रोडवेज अधिकारियों को जमीन दिखा दी है। बताया गया कि दिखाई गई जमीन दिल्ली रोड से करीब डेढ़ किलोमीटर अंदर है। रोडवेज आरएम एसके बनर्जी ने दिखाई गई जमीन को बस अड्डे के लिए मुफीद तो माना, लेकिन निर्णय शासन स्तर से होने की बात कहते हुए रिपोर्ट भेजे जाने की बात कही।
फ्री में जमीन की हो रही मांग
रोडवेज बस अड्डे के लिए हमेशा की तरह फ्री में जमीन देने की मांग कर रहा है। एमडीए अधिकारियों का कहना है कि रोडवेज को जमीन का पैसा देना होगा। इसके बाद ही जमीन दी जाएगी।
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खास बातें:
- रोडवेज अधिकारियों को पसंद आई शताब्दीनगर में दिखाई गई जमीन
- रोडवेज ने फ्री में जमीन देने की मांग की
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मेरठ। रोडवेज बस अड्डों को शहर से बाहर करने की कवायद परवान नहीं चढ़ पा रही है। एमडीए द्वारा शताब्दी नगर में दिखाई गई जमीन को रोडवेज के स्थानीय अधिकारियों ने पास तो कर दिया, लेकिन उच्चाधिकारियों की हरी झंडी के बाद ही इस पर निर्णय होने की बात कही। उधर एमडीए अधिकारियों का कहना है कि रोडवेज यहां भी फ्री में जमीन देने की बात कर रहा है।
रोडवेज का भैसाली और सोहराबगेट बस अड्डा शहर के बीच आने के चलते जाम का पर्याय बन चुका है। बस अड्डों को बाहर करने के लिए हाईकोर्ट और एनजीटी में सुनवाई चल रही है। इस बीच भैसाली बस अड्डे पर अस्थायी शेड आदि का निर्माण कार्य भी बदस्तूर जारी है। लेकिन बस अड्डों के बाहर करने की कवायद मेें एमडीए ने रोडवेज को कंकरखेड़ा, शताब्दीनगर और परतापुर आदि में जमीन देने का प्लान बनाया है। इस क्रम में शताब्दीनगर में स्थानीय रोडवेज अधिकारियों को जमीन दिखा दी है। बताया गया कि दिखाई गई जमीन दिल्ली रोड से करीब डेढ़ किलोमीटर अंदर है। रोडवेज आरएम एसके बनर्जी ने दिखाई गई जमीन को बस अड्डे के लिए मुफीद तो माना, लेकिन निर्णय शासन स्तर से होने की बात कहते हुए रिपोर्ट भेजे जाने की बात कही।
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फ्री में जमीन की हो रही मांग
रोडवेज बस अड्डे के लिए हमेशा की तरह फ्री में जमीन देने की मांग कर रहा है। एमडीए अधिकारियों का कहना है कि रोडवेज को जमीन का पैसा देना होगा। इसके बाद ही जमीन दी जाएगी।
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खास बातें:
- रोडवेज अधिकारियों को पसंद आई शताब्दीनगर में दिखाई गई जमीन
- रोडवेज ने फ्री में जमीन देने की मांग की