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नगर निगम, ईईएसएल और पीवीवीएनएल में फंसी एलईडी की रोशनी
Updated Tue, 19 Sep 2017 02:23 AM IST
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जिम्मेदारी डाल रहे एक दूसरे पर, कैसे हों सड़कें रोशन
मेरठ। शहर में एलईडी की रोशनी नगर निगम, ईईएसएल और पीवीवीएनएल के बीच फंसी है। व्यवस्था में सुधार करने के बजाय गेंद एक दूसरे के पाले में डाली जा रही है। ईईएसएल ने बंद लाइटों के लिए नगर निगम और पीवीवीएनएल को जिम्मेदार ठहराया है। कहा कि अधिकतर एलईडी केबल खराब होने या फिर स्ट्रीट लाइट का वायर न होने के कारण बंद है। उधर, नगर निगम ने ईईएसएल को पत्र लिखकर स्पष्ट किया है कि अनेकों बार खराब फेज वायर आदि की सूची मांगी गई है, लेकिन कंपनी के अधिकारियों ने उपलब्ध ही नहीं कराई है।
महानगर में ईईएसएल कंपनी एलईडी लगा रही है। अब तक 24 हजार एलईडी लगकर तैयार हो गई हैं। लेकिन दस हजार लाइटें बंद पड़ी हैं। अमर उजाला ने सोमवार के अंक में मामले को प्रमुखता से प्रकाशित किया। इसके बाद कंपनी ने स्पष्टीकरण दिया तो नगर निगम ने कंपनी के अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांग लिया। वहीं कंपनी के अधिकारियों ने शीघ्र ही सभी लाइटों को चालू करने का आश्वासन भी दिया है।
फेज वायर नहीं लगाए जा रहे
फेज वायर को लेकर पूर्व में महापौर, निगम और पीवीवीएनएल अधिकारियों के साथ बैठक भी हो चुकी है। कई बार पत्र भी लिखा जा चुका है। लेकिन न तो नगर निगम का सहयोग मिल रहा है और न ही पीवीवीएनएल के अधिकारी फेजवायर लगवा रहे हैं। अधिकतर लाइटें उन्हीं स्थानों पर बंद हैं जहां फेज वायर नहीं है या फिर डिवाइडर केबल खराब हैं। चंदन मोहिली, इंजीनियर टेक्निकल ईईएसएल
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एलईडी के संबंध में कोई शिकायत नहीं आई
एलईडी के संबंध में हमारे यहां किसी ने कोई शिकायत नहीं की है। अगर फेज वायर मांगा जाता है तो जरूर दिया जाएगा। संजय अग्रवाल, अधीक्षण अभियंता, शहर, पीवीवीएनएल
नगर निगम ने ईईएसएल से मांगा स्पष्टीकरण
निगम के पथ प्रकाश प्रभारी राजेश चौहान ने ईईएसएल के इंजीनियर को पत्र लिखा है। कहा है कि कंपनी के अधिकारी शहर के पथ प्रकाश व्यवस्था को लेकर गंभीर नहीं दिख रहे हैं। अपनी जिम्मेदारी से बचने के लिए रखरखाव की जिम्मेदारी नगर निगम की तरफ डाल रहे हैं, जबकि एलईडी लगाने से लेकर रखरखाव तक की समस्त जिम्मेदारी कंपनी की है। नगर निगम की तरफ से सात बिंदुओं पर स्पष्टीकरण मांगा गया है। कहा कि कार्य की प्रगति प्रतिदिन निगम को उपलब्ध कराई जाए। एलईडी लगाने वाले कर्मचारियों के मोबाइल नंबर की सूची दी जाए। प्रोजेक्ट की वित्तीय रिपोर्ट शीघ्र प्रस्तुत की जाए। महानगर में कितने स्थानों पर अभी तक सीसीएमएस की स्थापना की गई है, सूची दी जाए। कंपनी के अधिकारी के जनता के फोन नहीं उठ रहे हैं। शीघ्र ही कंट्रोल रूम खोला जाए। जिन मार्ग और वार्डों में स्ट्रीट लाइट वायर नहीं है। या खराब है उसकी सूची उपलब्ध कराने के लिए अनेकों बार पत्र लिखा जा चुका है। लेकिन कोई सूचना नहीं मिल रही है। खराब लाइटें तत्काल ठीक कराई जाएं।
खास बात
एलईडी बंद होने का मामला
नगर निगम ने ईईएसएल कंपनी के अधिकारियों को लिखा पत्र, व्यवस्था सुधारने को कहा
ईईएसएल कंपनी के अधिकारियों ने कहा, एलईडी केबल खराब होने के कारण हैं बंद
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मेरठ। शहर में एलईडी की रोशनी नगर निगम, ईईएसएल और पीवीवीएनएल के बीच फंसी है। व्यवस्था में सुधार करने के बजाय गेंद एक दूसरे के पाले में डाली जा रही है। ईईएसएल ने बंद लाइटों के लिए नगर निगम और पीवीवीएनएल को जिम्मेदार ठहराया है। कहा कि अधिकतर एलईडी केबल खराब होने या फिर स्ट्रीट लाइट का वायर न होने के कारण बंद है। उधर, नगर निगम ने ईईएसएल को पत्र लिखकर स्पष्ट किया है कि अनेकों बार खराब फेज वायर आदि की सूची मांगी गई है, लेकिन कंपनी के अधिकारियों ने उपलब्ध ही नहीं कराई है।
महानगर में ईईएसएल कंपनी एलईडी लगा रही है। अब तक 24 हजार एलईडी लगकर तैयार हो गई हैं। लेकिन दस हजार लाइटें बंद पड़ी हैं। अमर उजाला ने सोमवार के अंक में मामले को प्रमुखता से प्रकाशित किया। इसके बाद कंपनी ने स्पष्टीकरण दिया तो नगर निगम ने कंपनी के अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांग लिया। वहीं कंपनी के अधिकारियों ने शीघ्र ही सभी लाइटों को चालू करने का आश्वासन भी दिया है।
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फेज वायर नहीं लगाए जा रहे
फेज वायर को लेकर पूर्व में महापौर, निगम और पीवीवीएनएल अधिकारियों के साथ बैठक भी हो चुकी है। कई बार पत्र भी लिखा जा चुका है। लेकिन न तो नगर निगम का सहयोग मिल रहा है और न ही पीवीवीएनएल के अधिकारी फेजवायर लगवा रहे हैं। अधिकतर लाइटें उन्हीं स्थानों पर बंद हैं जहां फेज वायर नहीं है या फिर डिवाइडर केबल खराब हैं। चंदन मोहिली, इंजीनियर टेक्निकल ईईएसएल
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एलईडी के संबंध में कोई शिकायत नहीं आई
एलईडी के संबंध में हमारे यहां किसी ने कोई शिकायत नहीं की है। अगर फेज वायर मांगा जाता है तो जरूर दिया जाएगा। संजय अग्रवाल, अधीक्षण अभियंता, शहर, पीवीवीएनएल
नगर निगम ने ईईएसएल से मांगा स्पष्टीकरण
निगम के पथ प्रकाश प्रभारी राजेश चौहान ने ईईएसएल के इंजीनियर को पत्र लिखा है। कहा है कि कंपनी के अधिकारी शहर के पथ प्रकाश व्यवस्था को लेकर गंभीर नहीं दिख रहे हैं। अपनी जिम्मेदारी से बचने के लिए रखरखाव की जिम्मेदारी नगर निगम की तरफ डाल रहे हैं, जबकि एलईडी लगाने से लेकर रखरखाव तक की समस्त जिम्मेदारी कंपनी की है। नगर निगम की तरफ से सात बिंदुओं पर स्पष्टीकरण मांगा गया है। कहा कि कार्य की प्रगति प्रतिदिन निगम को उपलब्ध कराई जाए। एलईडी लगाने वाले कर्मचारियों के मोबाइल नंबर की सूची दी जाए। प्रोजेक्ट की वित्तीय रिपोर्ट शीघ्र प्रस्तुत की जाए। महानगर में कितने स्थानों पर अभी तक सीसीएमएस की स्थापना की गई है, सूची दी जाए। कंपनी के अधिकारी के जनता के फोन नहीं उठ रहे हैं। शीघ्र ही कंट्रोल रूम खोला जाए। जिन मार्ग और वार्डों में स्ट्रीट लाइट वायर नहीं है। या खराब है उसकी सूची उपलब्ध कराने के लिए अनेकों बार पत्र लिखा जा चुका है। लेकिन कोई सूचना नहीं मिल रही है। खराब लाइटें तत्काल ठीक कराई जाएं।
खास बात
एलईडी बंद होने का मामला
नगर निगम ने ईईएसएल कंपनी के अधिकारियों को लिखा पत्र, व्यवस्था सुधारने को कहा
ईईएसएल कंपनी के अधिकारियों ने कहा, एलईडी केबल खराब होने के कारण हैं बंद