फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   मुसीबत में मददगार बने भारतीय

मुसीबत में मददगार बने भारतीय

Sun, 10 Sep 2017 11:03 PM IST
Updated Sun, 10 Sep 2017 11:03 PM IST
विज्ञापन
मुसीबत में मददगार बने भारतीय

विज्ञापन
इरमा की मुसीबत में घिरे अमेरिका में हमवतन बने सहारा
यही तो है वसुधैव कुटुंबकम् की सनातनी परंपरा, भारतीयों ने पेश की भाईचारे की मिसाल
फ्लोरिडा का ऐसा हाल कि रूह कांप उठे, लोग घर से हुए बेघर लोगों में भारतीय भी, अन्य शहरों में भारतीय ही कर रहे मदद
मदन बालियान
बागपत। इरमा तूफान से अमेरिका के फ्लोरिडा राज्य और कैरेबियाई द्वीपों भारी तबाही का मंजर है। लाखों लोगों को तूफान प्रभावित इलाके से हटा दिया गया है। इनमें बड़ी संख्या में भारतीय भी शामिल हैं। कंपनियों ने छुट्टी घोषित कर दी है, घर छोड़ना पड़ रहा है। होटलों में जगह नहीं है, सात समुंदर पार मुसीबत में घिरे इन लोगों की मदद के लिए अपने ही आगे आ रहे हैं। फ्लोरिडा से पलायन कर निकले ये लोग अन्य शहरों में भारतीयों को ढूंढकर उनके घरों में अपना ठिकाना बना रहे हैं। जो जिसकी जितनी मदद कर सकता है, कर रहा है।
बागपत के बड़ौत निवासी अजीत सिंह शिकागो में बिजनेसमैन है। वह बताते हैं कि अमेरिका इतिहास का अब तक सबसे बड़ा तूफान हैं। इतनी बड़ी संख्या में लोग पहली बार घर से बेघर हुए हैं। इस तूफान को वहां हेरीकेन कहते हैं। फ्लोरिडा की कंपनियों में बड़ी संख्या में भारतीय कंप्यूटर इंजीनियर हैं। तूफान के आने से कंपनियों ने छुट्टियां कर दी हैं, लोग बेरोजगार और बेघर हो गए हैं। फ्लोरिडा में रहने वाले लोग अन्य शहरों के होटल ढूंढ रहे हैं, लेकिन कमरे खाली नहीं मिल रहे हैं। ऐसे में भारतीय अपने देश के लोगों के ठिकाने ढूंढकर उनके घर में भी पनाह ले रहे हैं। खुद अजीत सिंह के घर में मुजफ्फरनगर के विकास बालियान और बागपत के ही संजीव तोमर ने ठिकाना बनाया है। अजीत बताते हैं कि ऐसे तो कई मामले हैं, लोग जान पहचान वालों के घर में रुके हैं। फ्लोरिडा से निकलकर आए संजीव तोमर का कहना है बिजली कट ने मुसीबत बढ़ा दी है। सप्लाई नहीं होने के कारण लोगों को अधिक परेशानी हुई। तूफान की तीव्रता एक दिन पहले के सापेक्ष कम हुई है, लेकिन खतरा टला नहीं है।
विज्ञापन

शिकागो में बना रहे हैं ठिकाने
बागपत। बड़ौत की आवास विकास कॉलोनी के रहने वाले अजीत सिंह कहते हैं कि देर रात तक फ्लोरिडा से शिकागो लोगों के आने जाने का सिलसिला जारी रहा। यहां लोग आ रहे हैं, इसकी सबसे बड़ी वजह यह है कि वहां पर करीब तीन माह तक हालात सामान्य होने वाले नहीं है। सरकार ने अपनी पूरी ताकत लगा रखी है, लोगों की मदद की जा रही है, लेकिन हालात सुधरने में काफी समय लगेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

साठ लाख से अधिक हो गए बेघर
बागपत। जैन मोहल्ला निवासी शशांक गोयल टेक्सॉस में रहते हैं। वह कहते हैं कि इस स्टेट में कोई खतरा नहीं है। फ्लोरिडा से पलायन हुआ है। अभी जल्द वहां हालात सामान्य नहीं होंगे, क्योंकि अकेले फ्लोरिडा से करीब 60 लाख लोग अब तक पलायन कर चुके हैं। नुकसान की एक वजह और सामने आई है। असल में सरकार ने पहले ही घर छोड़ने के लिए कहा था, लेकिन लोगों ने अनसुना किया और देरी से पलायन किया।

वेस्ट यूपी के लोगों की बड़ी संख्या
बागपत। फ्लोरिडा में बड़ी संख्या में मुजफ्फरनगर, मेरठ, बागपत, बिजनौर और शामली के लोग रहते हैं। अधिकतर कंप्यूटर इंजीनियर फ्लोरिडा की कंपनियों में नौकरी करते हैं।

दस घंटे लगातार ड्राइव कर पहुंचे सुरक्षित ठिकाने पर
इरमा से बचने को अमेरिका में भटक रहे लाड़ले, चिंता में घरवाले
बिजनौर। अमेरिका में आए इरमा तूफान की धमक हजारों मील तक सुनाई दे रही है। हालात ये है कि एक से दो हजार किलोमीटर के दूर भी होटल पूरी तरह भरे हुए हैं। कुछ ने अपने परिचितों के यहां शरण ली तो कुछ अभी सुरक्षित ठिकाना तलाश रहे हैं। यहां उनके परिवारीजन चिंता में घिरे हुए हैं और फोन कर पल-पल की जानकारी ले रहे हैं। बिजनौर निवासी इंजीनियर अंशुल कुमार का हाल ही में मियामिंसबर्ग ओहायो से लगभग 1500 किलोमीटर दूर टैंपा में ट्रांसफर हुआ था। 28 अगस्त को कार्यभार ग्रहण किया था। परिवार सहित अभी मकान में ढंग से शिफ्ट भी नहीं हुए थे कि वहां के प्रशासन और कंपनी के आदेश के कारण उन्हें शहर छोड़ना पड़ा। वे दो दिन अटलांटा अपने एक मित्र के यहां रुके, उसके बाद दस घंटे की ड्राइव कर मियामिंसबर्ग आ गए। उन्होंने बताया कि ओहायो तक के सारे होटल भरें हैं। मजबूरन उन्हें यहां आना पड़ा। यहां काफी मित्र और साथी हैं। तूफान के गुजरने तक वे यहीं रहेंगे। अब हालात सामन्य होकर जाकर देंखेंगे कि क्या हालात है। उधर, रविवार सवेरे सवा नौ बजे मूल रूप से झालू की रहने वाली और फलोरिड़ा में जा बसी सपना गुप्ता ने बताया कि तूफान शुरू हो गया है। बारिश और हवा काफी तेज है, घर से निकलना बहुत ही खतरनाक है। ब्यूरो
रिश्तेदारों की सलामती के लिए कर रहे प्रार्थना
शामली। अमेरिका के फ्लोरिडा सहित कई इलाकों में आए इरमा तूफान में वहां रह रहे जिले के कई परिवार प्रभावित हुए हैं। परिवारीजन अमेरिका में रहने वाले अपने रिश्तेदारों की सलामती और स्वस्थ रहने की ईश्वर से प्रार्थना कर रहे हैं। कई लोगों ने फोन पर बातचीत कर वहां रह रहे परिवार के सदस्यों को ढांढस बताया।
कांधला क्षेत्र के गांव हुरमजपुर निवासी विक्रांत जावला की सिस्टर इन लॉ (साली) पारुल और उनके पति अभिषेक अपने परिवार सहित अमेरिका के फ्लोरिडा में ही रहते हैं। विक्रांत जावला ने बताया कि अभिषेक इरिक्शन कंपनी में सॉफ्टवेयर डेवलपर हैं। शनिवार को उनसे फोन पर बातचीत हुई थी, जिसमें उन्होंने कहा कि तूफान की वजह से पूरा शहर खाली कर दिया गया है। वह भी 20 घंटे ड्राइविंग करके 800 किलोमीटर दूर अटलांटा पहुंचे। वहां अमेरिकन तेलगू एसोसिएशन एनजीओ संचालक के यहां शरण ली। इस एनजीओ को हैदराबाद का एक परिवार चलाता है, जिन्होंने ऑनलाइन यह मेसेज डाल रखा था कि यदि कोई भारतीय फ्लोरिडा से शिफ्ट हो रहा है, तो वह उनके यहां आकर रह सकता है। इसकी जानकारी होने पर ही अभिषेक और पारुल अपनी बेटे आर्यन और बेटी अरना के साथ उनके घर पहुंच गए। कैराना से भाजपा सांसद हुकुम सिंह की चार बेटियां भी अमेरिका में हैं, जिनमें सुनीता और नंदिनी न्यू जर्सी में हैं, तो प्रियंका और नंदिता न्यूयॉर्क में रहती हैं। भाजपा सांसद हुकुम सिंह ने रविवार को ही अपनी बेटियों से फोन पर वार्ता कर वहां का हाल जाना। उन्होंने बताया कि न्यू जर्सी और न्यूयॉर्क में तूफान का कोई असर नहीं है।

-- कैराना की प्रीति जैन के परिवार को भी झेलनी पड़ी परेशानी
कैराना। कस्बा कैराना के मोहल्ला सरावज्ञान निवासी प्रद्युमन जैन और सरिता जैन की बेटी प्रीति जैन अमेरिका के बे सिटी में रहती हैं। उनके दामाद शशांक जैन बिजनेसमैन हैं और पेट्रोल पंप चलाते हैं। सात सितंबर को तूफान की आशंका के चलते शहर को खाली करने की सूचना प्रसारित हुई। इसके बाद प्रीति और शशांक अपने परिवार सहित मकान छोड़कर 100 किलोमीटर दूर परिचित के यहां मकान में पहुंच गए थे। वेटिकन सिटी में हालात सामान्य होने पर वापस अपने मकान में पहुंच गए हैं। प्रद्युमन और सरिता ने बताया कि प्रतिदिन आठ से दस बार अपनी बेटी और दामाद से फोन पर बातचीत कर कुशलता की जानकारी ले रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed