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मानक पूरे किए बिना ईंट भट्टे चलाने की तैयारी-BAGHPAT
Updated Fri, 15 Dec 2017 01:01 AM IST
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नियम विरुद्ध भट्ठा संचालन पर डीएम बागपत को हाईकोर्ट का नोटिस
बागपत /मेरठ।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, ईपका फॉर एनसीआर व केंद्रीय पर्यावरण एवं वन मंत्रालय ने ईंट भट्ठा संचालन के लिए नियमावली जारी की है। इसके साथ ही ईंट भट्ठों का संचालन 15 मार्च 2018 से पहले शुरू करने पर रोक लगाई हुई है। बावजूद इसके बागपत जनपद में जहां सौ से ज्यादा भट्ठों पर पथाई शुरू हो चुकी है, वहीं आधा दर्जन में फुकाई भी शुरू हो चुकी है। जबकि मेरठ जनपद में भी आधा दर्जन से ज्यादा भट्ठों पर पथाई हो रही है। ऐसे में मेरठ निवासी सुमित सिंह की अवमानना याचिका पर जिलाधिकारी बागपत को हाईकोर्ट में तलब किया गया है।
ये दिए गए थे भट्ठा संचालन के निर्देश
नियम के अनुसार ईंट भट्ठों के खनन क्षेत्र में कम से कम छह फीट ऊंचाई तक टीन की चादर से चार दीवारी करना होगा। इसके साथ ही कच्ची ईंटों के निर्माण में 25 प्रतिशत तक फ्लाईएश मिलाना जरूरी होगा। इन सबके बीच दिल्ली में बढ़ रही प्रदूषण की समस्या पर ईपीसीए (ईपका) फॉर एनसीआर ने 15 मार्च 2018 तक एनसीआर क्षेत्र में ईंट भट्ठों का संचालन पूरी तरह बंद रखने के आदेश दिए थे।
नहीं हुआ आदेश का पालन
एनसीआर क्षेत्र में आने वाले बागपत और मेरठ जनपद में सबसे ज्यादा ईंट भट्ठे हैं। इनमें बागपत में करीब 550 और मेरठ जनपद में 225 ईंट भट्ठे हैं। शिकायतकर्ता का दावा है कि बागपत में इस समय करीब 100 और मेरठ में आधा दर्जन से ज्यादा भट्ठों पर पथाई शुरू हो गई है। यहीं नहीं बागपत में तो करीब 8 भट्ठों ने धुआं उगलते हुए ईंट पकाई का काम शुरू कर दिया है।
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बागपत डीएम हुए तलब
इस मामले में बागपत के मूल निवासी और वर्तमान में पल्लवपुरम में रहने वाले सुमित सिंह ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की। जिस पर 12 दिसंबर को बागपत डीएम ने जवाब दाखिल करते हुए कहा कि उनके यहां भट्ठों का संचालन नहीं हो रहा है। जिस पर सुमित सिंह की तरफ से उनके अधिवक्ता ने डीएम बागपत के हलफनामे को झूठा बताया। इसके बाद हाईकोर्ट ने डीएम बागपत को फिर से जहां 19 दिसंबर को कोर्ट में तलब किया है, वहीं सुमित सिंह को भी भट्ठा संचालन के साक्ष्य उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है।
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बागपत /मेरठ।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, ईपका फॉर एनसीआर व केंद्रीय पर्यावरण एवं वन मंत्रालय ने ईंट भट्ठा संचालन के लिए नियमावली जारी की है। इसके साथ ही ईंट भट्ठों का संचालन 15 मार्च 2018 से पहले शुरू करने पर रोक लगाई हुई है। बावजूद इसके बागपत जनपद में जहां सौ से ज्यादा भट्ठों पर पथाई शुरू हो चुकी है, वहीं आधा दर्जन में फुकाई भी शुरू हो चुकी है। जबकि मेरठ जनपद में भी आधा दर्जन से ज्यादा भट्ठों पर पथाई हो रही है। ऐसे में मेरठ निवासी सुमित सिंह की अवमानना याचिका पर जिलाधिकारी बागपत को हाईकोर्ट में तलब किया गया है।
ये दिए गए थे भट्ठा संचालन के निर्देश
नियम के अनुसार ईंट भट्ठों के खनन क्षेत्र में कम से कम छह फीट ऊंचाई तक टीन की चादर से चार दीवारी करना होगा। इसके साथ ही कच्ची ईंटों के निर्माण में 25 प्रतिशत तक फ्लाईएश मिलाना जरूरी होगा। इन सबके बीच दिल्ली में बढ़ रही प्रदूषण की समस्या पर ईपीसीए (ईपका) फॉर एनसीआर ने 15 मार्च 2018 तक एनसीआर क्षेत्र में ईंट भट्ठों का संचालन पूरी तरह बंद रखने के आदेश दिए थे।
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नहीं हुआ आदेश का पालन
एनसीआर क्षेत्र में आने वाले बागपत और मेरठ जनपद में सबसे ज्यादा ईंट भट्ठे हैं। इनमें बागपत में करीब 550 और मेरठ जनपद में 225 ईंट भट्ठे हैं। शिकायतकर्ता का दावा है कि बागपत में इस समय करीब 100 और मेरठ में आधा दर्जन से ज्यादा भट्ठों पर पथाई शुरू हो गई है। यहीं नहीं बागपत में तो करीब 8 भट्ठों ने धुआं उगलते हुए ईंट पकाई का काम शुरू कर दिया है।
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बागपत डीएम हुए तलब
इस मामले में बागपत के मूल निवासी और वर्तमान में पल्लवपुरम में रहने वाले सुमित सिंह ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की। जिस पर 12 दिसंबर को बागपत डीएम ने जवाब दाखिल करते हुए कहा कि उनके यहां भट्ठों का संचालन नहीं हो रहा है। जिस पर सुमित सिंह की तरफ से उनके अधिवक्ता ने डीएम बागपत के हलफनामे को झूठा बताया। इसके बाद हाईकोर्ट ने डीएम बागपत को फिर से जहां 19 दिसंबर को कोर्ट में तलब किया है, वहीं सुमित सिंह को भी भट्ठा संचालन के साक्ष्य उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है।