{"_id":"59b444134f1c1bf57f8b579d","slug":"61504986131-meerut-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"चरित्र मनुष्य की सबसे बड़ी पूंजी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चरित्र मनुष्य की सबसे बड़ी पूंजी
Updated Sun, 10 Sep 2017 01:28 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चरित्र मनुष्य की सबसे बड़ी पूंजी
बागपत। चौधरी चरण सिंह समाज सुधार मंच ने गांव लूंब में गोष्ठी की। इस मौके पर मंच के अध्यक्ष सुखबीर सिंह गठीना ने कहा चरित्र मनुष्य की सब से बड़ी पूंजी है। मनुष्य को चरित्र निर्माण की ओर ध्यान देना चाहिए। समाज में कन्या भ्रूण हत्या, शराब का सेवन, दहेज प्रथा जैसी बुराइयों घर कर रही है। समाज को खोखला कर रही है। स्वामी दयानंद सरस्वती और चौधरी चरण सिंह की विचार धाराओं को आगे बढ़ाना है। इसमें संरक्षक प्रोफेसर बलजीत सिंह आर्य, आचार्य वीरेंद्र सिंह, बलजोर सिंह आर्य, इंद्रपाल शास्त्री, सुबोध राणा, अजय सोलंकी, ऋषिपाल, राममेहर हेवा आदि रहे।
विज्ञापन
बागपत। चौधरी चरण सिंह समाज सुधार मंच ने गांव लूंब में गोष्ठी की। इस मौके पर मंच के अध्यक्ष सुखबीर सिंह गठीना ने कहा चरित्र मनुष्य की सब से बड़ी पूंजी है। मनुष्य को चरित्र निर्माण की ओर ध्यान देना चाहिए। समाज में कन्या भ्रूण हत्या, शराब का सेवन, दहेज प्रथा जैसी बुराइयों घर कर रही है। समाज को खोखला कर रही है। स्वामी दयानंद सरस्वती और चौधरी चरण सिंह की विचार धाराओं को आगे बढ़ाना है। इसमें संरक्षक प्रोफेसर बलजीत सिंह आर्य, आचार्य वीरेंद्र सिंह, बलजोर सिंह आर्य, इंद्रपाल शास्त्री, सुबोध राणा, अजय सोलंकी, ऋषिपाल, राममेहर हेवा आदि रहे।