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रैन बसेरा
Updated Fri, 18 Aug 2017 02:43 AM IST
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- वहीं खाना मिलेगा, सोने के लिए बेड, टीवी भी लगेंगे
- मैनेजर, चौकीदार, कुक होंगे तैनात, सीसीटीवी कैमरे लगेंगे
अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ। बेघर लोगों के लिए सरकार द्वारा रेन बसेरों में बेहतर सुविधाएं देने की तैयारी है। शहर के 12 रेन बसेरों का जीर्णोद्धार करने के लिए शासन को डीपीआर भेजी गयी है। स्वीकृत होते ही इस पर काम शुरू होगा।
यह है योजना
राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन के तहत शहर में संचालित रेन बसेरों को डबल स्टोरी बनाया जाएगा। ताकि कोई व्यक्ति फुटपाथ पर सोता नजर न आए। सुविधाओं के हिसाब से इन रेनबसेरों में ही खाना मिलेगा। तख्त के बजाय बेड और मनोरंजन के लिए टीवी की सुविधा होगी। यहां मैनेजर से लेकर कुक और चौकीदार तैनात होंगे। सुरक्षा की दृष्टि से सीसीटीवी कैमरों से आने-जाने वाले लोगों की निगरानी होगी।
अब 16 हो जाएंगे रेन बसेरे
महानगर में नगर निगम द्वारा टाउन हॉल परिसर, जिला अस्पताल, मेडिकल कालेज, बच्चा पार्क चौराहा के निकट, नौचंदी मैदान, सूरजकुुंड निगम महापौर कार्यालय, सूरजकुंड संक्रामक अस्पताल परिसर, परतापुर, कासमपुर, भोला रोड, पल्लवपुरम में 12 रेन बसेरे संचालित हैं। परतापुर में बराल, खड़ौली, कमालपुर, दिल्ली रोड मुकुट महल के पीछे चार नए रेन बसेरे बन रहे हैं। जिसके बाद इनकी संख्या 16 हो जाएगी। पुराने रेनबसेरों का जीर्णोद्धार करने और आवश्यक व्यवस्थाओं पर 1.75 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
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महिलाओं के लिए आरक्षण
रेन बसेरों का एक हिस्सा महिलाओं के लिए पूरी तरह से आरक्षित होगा। यहां ठहरने वाली महिलाओं की सुरक्षा की जिम्मेदारी पुलिस-प्रशासन की होगी।
सुप्रीम कोर्ट की कमेटी करेगी निरीक्षण
- इन रेनबसेरों की सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित कमेटी निगरानी करेगी। न्यायिक क्षेत्र से जुड़े कमेटी के सदस्य औचक निरीक्षण करेंगे। खर्च होने वाली धनराशि पर भी निगाह रखी जाएगी।
कोट
शासन को डीपीआर भेजी गई है। इसी साल रेनबसेरों का जीर्णोद्धार कर संचालित कर दिया जाएगा। -आरपी सिंह, पीओ डूडा
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- मैनेजर, चौकीदार, कुक होंगे तैनात, सीसीटीवी कैमरे लगेंगे
अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ। बेघर लोगों के लिए सरकार द्वारा रेन बसेरों में बेहतर सुविधाएं देने की तैयारी है। शहर के 12 रेन बसेरों का जीर्णोद्धार करने के लिए शासन को डीपीआर भेजी गयी है। स्वीकृत होते ही इस पर काम शुरू होगा।
यह है योजना
राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन के तहत शहर में संचालित रेन बसेरों को डबल स्टोरी बनाया जाएगा। ताकि कोई व्यक्ति फुटपाथ पर सोता नजर न आए। सुविधाओं के हिसाब से इन रेनबसेरों में ही खाना मिलेगा। तख्त के बजाय बेड और मनोरंजन के लिए टीवी की सुविधा होगी। यहां मैनेजर से लेकर कुक और चौकीदार तैनात होंगे। सुरक्षा की दृष्टि से सीसीटीवी कैमरों से आने-जाने वाले लोगों की निगरानी होगी।
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अब 16 हो जाएंगे रेन बसेरे
महानगर में नगर निगम द्वारा टाउन हॉल परिसर, जिला अस्पताल, मेडिकल कालेज, बच्चा पार्क चौराहा के निकट, नौचंदी मैदान, सूरजकुुंड निगम महापौर कार्यालय, सूरजकुंड संक्रामक अस्पताल परिसर, परतापुर, कासमपुर, भोला रोड, पल्लवपुरम में 12 रेन बसेरे संचालित हैं। परतापुर में बराल, खड़ौली, कमालपुर, दिल्ली रोड मुकुट महल के पीछे चार नए रेन बसेरे बन रहे हैं। जिसके बाद इनकी संख्या 16 हो जाएगी। पुराने रेनबसेरों का जीर्णोद्धार करने और आवश्यक व्यवस्थाओं पर 1.75 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
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महिलाओं के लिए आरक्षण
रेन बसेरों का एक हिस्सा महिलाओं के लिए पूरी तरह से आरक्षित होगा। यहां ठहरने वाली महिलाओं की सुरक्षा की जिम्मेदारी पुलिस-प्रशासन की होगी।
सुप्रीम कोर्ट की कमेटी करेगी निरीक्षण
- इन रेनबसेरों की सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित कमेटी निगरानी करेगी। न्यायिक क्षेत्र से जुड़े कमेटी के सदस्य औचक निरीक्षण करेंगे। खर्च होने वाली धनराशि पर भी निगाह रखी जाएगी।
कोट
शासन को डीपीआर भेजी गई है। इसी साल रेनबसेरों का जीर्णोद्धार कर संचालित कर दिया जाएगा। -आरपी सिंह, पीओ डूडा