फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   60 species fluttered in Cantt

कैंट में लहरा रहे 60 प्रजाति के पौधे   

Wed, 14 Sep 2016 02:50 AM IST
विपिन धनकड़/मेरठ
विपिन धनकड़/मेरठ Updated Wed, 14 Sep 2016 02:50 AM IST
विज्ञापन
60 species fluttered in Cantt
माल रोड पर छाई हरियाली। - फोटो : अमर उजाला
शहर में कैंट इलाका पेड़ों के लिए स्वर्ग है। यहां 60 प्रजाति के पौधे हैं। अंग्रेजों द्वारा लए गए पौधे अभी भी कैंट की शोभा बढ़ा रहे हैं। फलदार वृक्ष से लेकर औषधीय गुणों से लबालब पौधे क्रांतिधरा में लहरा रहे हैं। ये 60 प्रजातियों के पेड़ों का ही असर है कि कैंट का एनवायरमेंट एकदम अलग है। साफ सुथरा और तरोताजा। हरियाली इतनी की मन झूम उठे। गर्मी में यहां ठंडक का एहसास होता है।
विज्ञापन

कैंट में पौधे की प्रजातियों का पता लगाने का काम सेंट मेरीज एकेडमी के 10वीं के छात्र अनादि पाठक ने किया है। अनादि को पेड़ों की पहचान करने का शौक है। दो महीने की मेहनत के बाद छात्र कैंट बोर्ड को यह बताने में कामयाब रहा कि मेरठ कैंट में 60 प्रजातियों के पेड़ मौजूद हैं। यह उनकी धरोहर हैं। कई पेड़ तो ऐसे हैं कि वह किसी और छावनी में नहीं मिलेंगे। बोर्ड ने भी अनादि की मेहनत को साकार करते हुए पेड़ों पर उनकी पहचान अंकित की है। रेडियोलॉजिस्ट और इतिहासकार डॉ. अमित पाठक के बेटे अनादि ने कैंट में गांधीबाग, माल रोड और अन्य जगहों पर मौजूद पेड़ों को पहचानने का काम किया। शहर में सिर्फ तीन जगह ऐसी हैं जहां पेड़ों की भरमार है। इनमें कैंट इलाका, सर्किट हाउस और चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय। इसके अलावा सड़क किनारे कुछ पेड़ मिल जाएंगे। पुराने और घने पेड़ उक्त तीन जगहों पर ही मिलेंगे। अनादि ने तीन साल पहले पेड़ों की जानकारी करने शुरू की। कई किताबें पढ़ीं और इंटरनेट पर सर्च किया। अब वह इस काबिल हैं कि पेड़ की पहचान आसानी से कर सकते हैं। 
विज्ञापन


कैंट में पेड़ों की ये हैं 60 प्रजाति 
कैंट
में मौजूद पेड़ों में बरगद, कामरूप, आम, पीपल, इमली, पिलखन, अमलताश, रॉयल पाम, ट्रंपेट वाइन, चाइनीज फैन पाम, ताड़, मोरपंखी, बूटल ब्रश, कनेर, पीला कनेर, सफेदा, मोनेस्ट्रा, मनी प्लांट, जकरांदा, नीम, कठहल, गुलेर, मीठा नीम, टट, सागौन, फिश पाम्स, टैल्स, बीजा, कहुवा, सेमल, बकीन, कीकर, बोगेनवीला, सप्तपर्णी, चिर, सिल्वर ऑक, साइकस, चाइनीज जूनिपर, चंपा, गुलमोहर, कचनार, स्टारफ्रूट, रबर प्लांट, पापुलर, बेल, रात की रानी, शिरीश, शीशम, लोकाट, खजूर, गुड़हल, अमरूद, पुटीजा, अशोक, कनक चंपा और जंगली सरु है।  
विज्ञापन
विज्ञापन


कई पौधे मिले अलग 
बूटल
ब्रश और जकरांदा पेड़ अंग्र्रेज कैंट में लेकर आए थे। यहां की जलवायु को यह शूट कर गया। इसके अलावा कई पौधे जैसे कटमूली और कहुवा रेयर मिलते हैं। कैंट इलाके में आर्मी की वजह से लोगों का दखल नहीं है। पेड़ नहीं काटे जाते। इस वजह से यहां काफी पुराने पेड़ भी हैं। पुराने पेड़ों की वजह से कीट और पक्षियों का संरक्षण हो रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed