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पीएचडी में प्रवेश परीक्षा से होंगे बस 60 फीसदी दाखिले

Thu, 02 May 2019 02:11 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Thu, 02 May 2019 02:11 AM IST
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पीएचडी में प्रवेश परीक्षा से होंगे बस 60 फीसदी दाखिले
पीएचडी में प्रवेश परीक्षा से होंगे बस 40 फीसदी दाखिले
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- सेना के अफसरों को छूट हुई खत्म, देना होगा टेस्ट
- तीन दिन में सभी विभागों से मांगी सीटों और ऑर्डीनेंस की जानकारी

अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ। सीसीएसयू कैंपस और कॉलेजों में पीएचडी में प्रवेश परीक्षा से बस 40 फीसदी दाखिले ही होेंगे। 60 फीसदी सीट नेट, जेआरएफ और गेट वाले छात्रों के लिए रखी जाएंगी। वहीं, सेना के अफसरों को पीएचडी में दी जाने वाली छूट भी खत्म कर दी गई है। उन्हें भी पीएचडी में रजिस्ट्रेशन के लिए परीक्षा देनी होगी। यह निर्णय बुधवार को हुई बैठक में लिए गए हैं। प्रवेश परीक्षा की तिथि को लेकर घोषणा नहीं हो पाई है। वहीं, सभी कॉलेजों के विभागाध्यक्षों से तीन दिन के भीतर सीटों और नए आर्डीनेंस के बारे में जानकारी मांगी गई है।
कुलपति प्रो. एनके तनेजा और प्रति कुलपति प्रो. वाई विमला के निर्देशन में बुधवार शाम को बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में पीएचडी में प्रवेश पर नए नियमों के बारे में चर्चा हुई। तय हुआ कि अभी तक पीएचडी में रजिस्ट्रेशन के लिए सिर्फ मुक्त श्रेणी वाले छात्र-छात्राओं को सीधे रजिस्ट्रेशन की छूट है। मुक्त श्रेणी में जेआरएफ, नेट, एमफिल, एनआरआई, गेट और सेना के अफसर शामिल हैं। इन सभी को पीएचडी के लिए सीईटी देने की बाध्यता नहीं है। 50 फीसदी सीटों पर रजिस्ट्रेशन सीईटी पास करने वाले छात्र-छात्राओं के हो रहे हैं। इस पर चर्चा हुई कि प्रवेश परीक्षा के माध्यम से पीएचडी में प्रवेश का प्रतिशत घटाया जाए। ऐसे में जेआरएफ, नेट, एमफिल वाले छात्रों का कोटा अब 60 फीसदी हो जाएग। सेना के अफसरों को भी प्रवेश परीक्षा पास करने के बाद ही रजिस्ट्रेशन कराना होगा। प्रवेश परीक्षा की तिथि घोषित करने के लिए सभी विभागाध्यक्षों ने तीन दिन में पूरी जानकारी देने को कहा गया है।
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तीन साल पहले हुई थी प्रवेश परीक्षा
पीएचडी में प्रवेश के लिए आखिरी बार सीईटी की परीक्षा अप्रैल 2016 में हुई थी। सीईटी में पास होने वाले छात्र-छात्राओं को छह महीने का रिसर्च कोर्स वर्क करना पड़ता है। रिसर्च कोर्स वर्क में पास होने पर ही उनकी आरडीसी होती है। साल 2017 तक के डाटा के मुताबिक सभी विषयों में सीसीएसयू कैंपस और कॉलेजों में पीएचडी की 4220 सीटें हैं। जिनमें से 1626 सीटों पर छात्र-छात्राएं शोध कर रहे हैं। 2594 सीटें खाली हैं।
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