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महिलाएं हमारी सभ्यता की विरासत हैं : डॉ. जयभगवान
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अमर उजाला ब्यूरो
सरूरपुर। जनता इंटर कॉलेज कल्याणपुर में शनिवार को महिला दिवस के मौके पर एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इसमें महिला सशक्तीकरण पर विचार रखते हुए वक्ताओं ने कहा कि महिलाएं हमारे समाज में महिलाओं का पुरुषों से ज्यादा योगदान रहा है। वे ही पुरुषों की जन्मदाता रही हैं। इसलिये हमें महिलाओं का हमेशा आदर और सम्मान करना चाहिए।
इंटर कॉलेज में शनिवार को आयोजित संगोष्ठी में प्रधानाचार्य डॉ. जयभगवान सिंह ने कहा कि आज शिक्षा, स्वास्थ्य, खेल, अंतरिक्ष आदि क्षेत्रों में महिलाओं का कहीं ज्यादा योगदान रहा है। हमें महिलाओं का खोया अतीत कालीन गौरव लौटाना होगा। महिलाएं अब पुरुषों के समाज के बराबर आ सकेंगी। उन्होंने कहा कि परिवार के प्रति उनका कर्तव्य व त्याग उन्हें सम्मान का अधिकारी बनाता है। बच्चों में संस्कार नारी द्वारा ही संपादित होता है क्योंकि मां बच्चे की प्रथम गुरु होती है। उन्हें हर स्तर पर संरक्षित, सुरक्षित, शिक्षा, सामाजिक व राजनीतिक अभिकरण समानता दिलाना होगा। कार्यक्रम में कहा कि महिलाएं हमारी सभ्यता की सांस्कृतिक विरासत हैं। इसके बिना जगत की परिकल्पना व्यर्थ है। इस दौरान सुशील कुमार, मनोज कुमार, मुकेश, रविन्द्र नाथ आदि मौजूद रहे।
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सरूरपुर। जनता इंटर कॉलेज कल्याणपुर में शनिवार को महिला दिवस के मौके पर एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इसमें महिला सशक्तीकरण पर विचार रखते हुए वक्ताओं ने कहा कि महिलाएं हमारे समाज में महिलाओं का पुरुषों से ज्यादा योगदान रहा है। वे ही पुरुषों की जन्मदाता रही हैं। इसलिये हमें महिलाओं का हमेशा आदर और सम्मान करना चाहिए।
इंटर कॉलेज में शनिवार को आयोजित संगोष्ठी में प्रधानाचार्य डॉ. जयभगवान सिंह ने कहा कि आज शिक्षा, स्वास्थ्य, खेल, अंतरिक्ष आदि क्षेत्रों में महिलाओं का कहीं ज्यादा योगदान रहा है। हमें महिलाओं का खोया अतीत कालीन गौरव लौटाना होगा। महिलाएं अब पुरुषों के समाज के बराबर आ सकेंगी। उन्होंने कहा कि परिवार के प्रति उनका कर्तव्य व त्याग उन्हें सम्मान का अधिकारी बनाता है। बच्चों में संस्कार नारी द्वारा ही संपादित होता है क्योंकि मां बच्चे की प्रथम गुरु होती है। उन्हें हर स्तर पर संरक्षित, सुरक्षित, शिक्षा, सामाजिक व राजनीतिक अभिकरण समानता दिलाना होगा। कार्यक्रम में कहा कि महिलाएं हमारी सभ्यता की सांस्कृतिक विरासत हैं। इसके बिना जगत की परिकल्पना व्यर्थ है। इस दौरान सुशील कुमार, मनोज कुमार, मुकेश, रविन्द्र नाथ आदि मौजूद रहे।
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