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कैंट में टॉवर हटाने से सिग्नल फ्रीक्वेंसी डाउन
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कैंट में टावर हटाने से सिग्नल फ्रीक्वेंसी डाउन
- पिछले दिनों कैंट बोर्ड की टीम ने हटाए थे 11 टॉवर
- 28 फरवरी को टॉवर के लिए दोबारा शुरू होगी टेंडर प्रक्रिया
मेरठ। कैंट में अवैध रूप से लगे टावरों को हटाने का कार्य किया जा रहा है। पिछले दिनों कैंट बोर्ड की टीम ने 11 टावर हटा दिए थे। जिससे क्षेत्रवासियों को मोबाइल सिग्नल नहीं आने की वजह से परेशानी झेलनी पड़ रही है। हालांकि पिछले दिनों कैंट बोर्ड की तरफ से मोबाइल टावर लगाने को लेकर प्रक्रिया शुरू हुई है लेकिन कंपनियों के नहीं आने की वजह से यह प्लान अटक रहा है।
कैंट बोर्ड ने कंपनियों को बुलाने के लिए क्षेत्र में लगे टावरों को हटाने का कार्य शुरू कर दिया है। जिससे लोगों की परेशानी भी बढ़ गई है। पिछले दिनों कैंट बोर्ड की बैठक में 25 साइटों पर टावर लगाने का निर्णय लिया गया था। जिसमें स्थायी टॉवर को लगाया जाना है। इसके लिए दिसंबर में टेंडर प्रक्रिया शुरू की गई थी। पहली बार निकाले गए टेंडर में सिर्फ इंडस कंपनी ने ही टेंडर प्रक्रिया में भाग लिया था। एक बार फिर कैंट बोर्ड की तरफ से टेंडर प्रक्रिया को शुरू किया गया है। जिससे कंपनी रूचि लेकर टेंडर प्रक्रिया में भाग लेकर कैंट में टॉवर लगाने के लिए हामी भरे। टावर लगने के बाद यहां से गुजरने वाले और यहां रहने वाले हजारों लोगों को राहत मिलेगी।
हमारा प्रयास है कि टावर लगाने के लिए कंपनियां रुचि दिखाएं। इसलिए हमने अवैध टावर को हटाने का निर्णय लिया है। हालांकि इन टावर को हटाने से फ्रीक्वेंसी डाउन हो गई है। लेकिन जल्द टावर प्रक्रिया को पूरा किया जाएगा।- अनुज सिंह, सीईई, कैंट बोर्ड
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- पिछले दिनों कैंट बोर्ड की टीम ने हटाए थे 11 टॉवर
- 28 फरवरी को टॉवर के लिए दोबारा शुरू होगी टेंडर प्रक्रिया
मेरठ। कैंट में अवैध रूप से लगे टावरों को हटाने का कार्य किया जा रहा है। पिछले दिनों कैंट बोर्ड की टीम ने 11 टावर हटा दिए थे। जिससे क्षेत्रवासियों को मोबाइल सिग्नल नहीं आने की वजह से परेशानी झेलनी पड़ रही है। हालांकि पिछले दिनों कैंट बोर्ड की तरफ से मोबाइल टावर लगाने को लेकर प्रक्रिया शुरू हुई है लेकिन कंपनियों के नहीं आने की वजह से यह प्लान अटक रहा है।
कैंट बोर्ड ने कंपनियों को बुलाने के लिए क्षेत्र में लगे टावरों को हटाने का कार्य शुरू कर दिया है। जिससे लोगों की परेशानी भी बढ़ गई है। पिछले दिनों कैंट बोर्ड की बैठक में 25 साइटों पर टावर लगाने का निर्णय लिया गया था। जिसमें स्थायी टॉवर को लगाया जाना है। इसके लिए दिसंबर में टेंडर प्रक्रिया शुरू की गई थी। पहली बार निकाले गए टेंडर में सिर्फ इंडस कंपनी ने ही टेंडर प्रक्रिया में भाग लिया था। एक बार फिर कैंट बोर्ड की तरफ से टेंडर प्रक्रिया को शुरू किया गया है। जिससे कंपनी रूचि लेकर टेंडर प्रक्रिया में भाग लेकर कैंट में टॉवर लगाने के लिए हामी भरे। टावर लगने के बाद यहां से गुजरने वाले और यहां रहने वाले हजारों लोगों को राहत मिलेगी।
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हमारा प्रयास है कि टावर लगाने के लिए कंपनियां रुचि दिखाएं। इसलिए हमने अवैध टावर को हटाने का निर्णय लिया है। हालांकि इन टावर को हटाने से फ्रीक्वेंसी डाउन हो गई है। लेकिन जल्द टावर प्रक्रिया को पूरा किया जाएगा।- अनुज सिंह, सीईई, कैंट बोर्ड
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