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एनजीटी का प्रदेश सरकार को आखिरी मौका

Sat, 16 Feb 2019 02:42 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sat, 16 Feb 2019 02:42 AM IST
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एनजीटी का प्रदेश सरकार को आखिरी मौका
मेरठ। दिल्ली रोड पर पार्क व ओपन स्पेस के लिए आरक्षित भूमि को अवैध रूप से आवासीय बताकर बेचे जाने के मामले में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने प्रदेश सरकार को आखिरी मौका देते हुये इस मामले में प्रभावी कानून बनाने को कहा है।
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बुधवार को एनजीटी के समक्ष सुनवाई के समय प्रदेश के प्रमुख सचिव आवास व शहरी नियोजन के अलावा एडवोकेट जनरल सहित प्रशासन के सभी मुख्य अधिकारी मौजूद रहे। एनजीटी ने प्रमुख सचिव आवास को सुनवाई की अगली तारीख 11 मार्च से पहले अपना हलफनामा दाखिल कर इस मामले को लेकर कानून में किये जा रहे प्रस्तावित संशोधनों का विस्तृत ब्यौरा दाखिल करने को कहा है।
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यह है मामला
दिल्ली रोड पर बिल्डर राकेश गुप्ता व विशाल कंसल द्वारा मेरठ महायोजना में पार्क व ओपन स्पेस के लिए आरक्षित भूमि को धोखाधड़ी कर आवासीय बताकर बेचे जाने का मामला शासन, प्रशासन व एमडीए के लिये मुसीबत बन गया है। एनजीटी का कहना है कि यह व्यवस्था होनी चाहिए कि ओपन स्पेस और पार्क की जमीन की रजिस्ट्री ही न हो पाए। 18 जनवरी को एडवोकेट जनरल द्वारा कानून में बदलाव का कोई ठोस प्रस्ताव न देने पर एनजीटी की खंडपीठ ने प्रमुख सचिव आवास को पुन: तलब किया। एमडीए वीसी साहब सिंह भी इस मौके पर उपस्थित रहे। उन्होंने कहा कि उनके स्तर से रजिस्ट्री विभाग को पत्र लिखा जा चुका है। लेकिन यह व्यवस्था प्रदेश भर की है। प्रमुख सचिव द्वारा यह बताने पर कि राजस्व व रजिस्ट्रेशन विभाग को कानून में आवश्यक संशोधन हेतु लिखा गया है। इस पर खंडपीठ ने अपनी नाराजगी जताते हुये कहा कि जिम्मेदारी विभागों पर डाली जा सकती।
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अनुमति नहीं
एनजीटी ने सरकार को लिखा है कि पार्क व ओपन स्पेस की भूमि को किसी अन्य प्रयोजन के लिए उपयोग करने की अनुमति नहीं दी जा सकती है। न्यायमूर्ति राघवेंद्र एस राठौड़ ने उप्र सरकार के आवास एवं शहरी नियोजन विभाग को अंतिम अवसर देते हुये निर्देशित किया है कि वह प्रस्तावित संशोधनों को लेकर सुनवाई की अगली तारीख पर आएं। आवास सचिव को निर्देशित किया है कि वह अपना हलफनामा दायर कर इस विषय में उठाए गए सभी कदमों व प्रस्तावित समस्त कार्यवाही का ब्यौरा दें। आवास सचिव के हलफनामे की एडवांस कॉपी पार्क एवेन्यू प्लॉट होल्डर्स के एडवोकेट को भी देने के निर्देश दिए गए हैं।
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