{"_id":"5c2e76e5bdec2257057f35be","slug":"51546548965-meerut-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"तेंदुए की तलाश में ढिकौली के जंगलों में पहुंची वन विभाग की टीम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
तेंदुए की तलाश में ढिकौली के जंगलों में पहुंची वन विभाग की टीम
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टीम के सदस्यों ने किसानों और ग्रामीणों से जानकारी ली
पंजों के निशान देखकर उन्हें प्रथमदृष्टया चीतल के बताए
अमर उजाला ब्यूरो
मवाना। ग्राम ढिकौली-बिराना के जंगल में तेंदुआ होने की जानकारी मिलने पर बृहस्पतिवार सुबह वन विभाग की टीम जांच करने पहुंची। टीम ने जंगल में कांबिंग की और पंजों के निशान देखे। टीम ने इस दौरान किसानाें और ग्रामीणों से भी बातचीत की।
बताते चलें कि ढिकौली गांव निवासी रमेश के खेत ढिकौली-बिराना मार्ग पर हैं। तीन दिन पहले गन्ने की छिलाई करने के दौरान रमेश ने सरसों के खेत में तेंदुए जैसा जंगली जानवर देखा था। जिसके बाद से ही ग्रामीणों में दहशत फैल गई और किसानों ने खेतों में जाना छोड़ दिया। बृहस्पतिवार को मामले की जानकारी पाकर हस्तिनापुर सेंक्चुरी के डिप्टी रेंजर विनोद कुमार के नेतृत्व में टीम ढिकौली-बिराना मार्ग स्थित रमेश के खेत पर पहुंची। जानकारी पाकर किसान एवं ग्रामीण भी मौके पर पहुंच गए और टीम को तेंदुए के बारे में जानकारी दी। टीम ने जिस जगह पर तेंदुआ देखा जाना बताया वहां का निरीक्षण किया और पंजों के निशान देखे। निशान के फोटो भी खींचे। डिप्टी रेंजर विनोद ने बताया कि किसान जिस तरह से तेंदुए का रंग व उसके ऊपर काली धारी बता रहे हैं उस तरह तो चीता होता है। हालांकि हस्तिनापुर सेंक्चुरी में चीता नहीं है। उन्होंने बताया कि प्रथमदृष्टया पंजों के निशान देखकर ज्ञात हुआ है कि निशान तेंदुए के नहीं बल्कि हिरण की तरह दिखने वाले चीतल के हैं। उन्होंने मामले की जांच रिपोर्ट बनाकर उच्चाधिकारियों को भेज दी है।
दहशत में रहे ग्रामीण
तेंदुए के जंगल में दिखाई देने से ढिकौली एवं आसपास के ग्रामीण तथा किसान दहशत में हैं। जिस कारण गन्ने की छिलाई का कार्य प्रभावित हो रहा है। वहीं, ग्रामीण सुबह में अपने बच्चों को साथ लेकर स्कूल छोड़ने जा रहे हैं। बृहस्पतिवार को जंगल में तेंदुए की तलाश में पहुंचे वन विभाग के डिप्टी रेंजर विनोद कुमार ने भी ग्रामीणों और किसानों को समझाने का प्रयास किया परंतु ग्रामीण अब भी दहशत में हैं।
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पंजों के निशान देखकर उन्हें प्रथमदृष्टया चीतल के बताए
अमर उजाला ब्यूरो
मवाना। ग्राम ढिकौली-बिराना के जंगल में तेंदुआ होने की जानकारी मिलने पर बृहस्पतिवार सुबह वन विभाग की टीम जांच करने पहुंची। टीम ने जंगल में कांबिंग की और पंजों के निशान देखे। टीम ने इस दौरान किसानाें और ग्रामीणों से भी बातचीत की।
बताते चलें कि ढिकौली गांव निवासी रमेश के खेत ढिकौली-बिराना मार्ग पर हैं। तीन दिन पहले गन्ने की छिलाई करने के दौरान रमेश ने सरसों के खेत में तेंदुए जैसा जंगली जानवर देखा था। जिसके बाद से ही ग्रामीणों में दहशत फैल गई और किसानों ने खेतों में जाना छोड़ दिया। बृहस्पतिवार को मामले की जानकारी पाकर हस्तिनापुर सेंक्चुरी के डिप्टी रेंजर विनोद कुमार के नेतृत्व में टीम ढिकौली-बिराना मार्ग स्थित रमेश के खेत पर पहुंची। जानकारी पाकर किसान एवं ग्रामीण भी मौके पर पहुंच गए और टीम को तेंदुए के बारे में जानकारी दी। टीम ने जिस जगह पर तेंदुआ देखा जाना बताया वहां का निरीक्षण किया और पंजों के निशान देखे। निशान के फोटो भी खींचे। डिप्टी रेंजर विनोद ने बताया कि किसान जिस तरह से तेंदुए का रंग व उसके ऊपर काली धारी बता रहे हैं उस तरह तो चीता होता है। हालांकि हस्तिनापुर सेंक्चुरी में चीता नहीं है। उन्होंने बताया कि प्रथमदृष्टया पंजों के निशान देखकर ज्ञात हुआ है कि निशान तेंदुए के नहीं बल्कि हिरण की तरह दिखने वाले चीतल के हैं। उन्होंने मामले की जांच रिपोर्ट बनाकर उच्चाधिकारियों को भेज दी है।
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दहशत में रहे ग्रामीण
तेंदुए के जंगल में दिखाई देने से ढिकौली एवं आसपास के ग्रामीण तथा किसान दहशत में हैं। जिस कारण गन्ने की छिलाई का कार्य प्रभावित हो रहा है। वहीं, ग्रामीण सुबह में अपने बच्चों को साथ लेकर स्कूल छोड़ने जा रहे हैं। बृहस्पतिवार को जंगल में तेंदुए की तलाश में पहुंचे वन विभाग के डिप्टी रेंजर विनोद कुमार ने भी ग्रामीणों और किसानों को समझाने का प्रयास किया परंतु ग्रामीण अब भी दहशत में हैं।
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