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लोहा व्यापारी को फैक्ट्री में बुलाकर काट डाला था
Updated Tue, 21 Nov 2017 03:02 AM IST
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मेरठ। लोहा व्यापारी सुनील प्रकाश गर्ग की हत्या का 24 घंटे बीतने से पहले ही पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा कर दिया है। कातिलों ने अपनी फैक्ट्री में बुलाकर व्यापारी को धारदार हथियार से काटा था। आरोपियों ने करीब एक लाख रुपये के विवाद में हत्या करना बताया है। पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। एसएसपी ने देर रात आरोपियों से खुद पूछताछ की। जिसमें उन्होंने अपना जुर्म कबूला है।
पुलिस के अनुसार व्यापारी सुनील गर्ग रविवार शाम चार बजे घर से निकले थे तो बसंत निवासी फूलबाग कॉलोनी नौचंदी ने उन्हें कॉल की थी। सुनील के बसंत पर एक लाख रुपये बकाया होना बताया गया। बसंत की फूलबाग कॉलोनी में घर के पास तांबे की फैक्ट्री है। पैसे लेने के लिए सुनील बसंत की फैक्ट्री में पहुंचे। जहां पर दोनों व्यापारियों में बात हुई। लेनदेन को लेकर दोनों में बहस होने लगी थी। तभी बसंत के दो साथियों आशु और अशोक (रिक्शा चालक) ने पीछे से धारदार हथियार से सुनील पर हमला बोला। उसके बाद बसंत समेत तीनों आरोपियों ने सुनील की गर्दन काट दी। फैक्ट्री में तीनों ने मिलकर लाश को बोरे में बंद किया। उसके बाद रिक्शे में ले जाकर शव को नाले के पास फेंक आए थे। सीसीटीवी कैमरे की फुटेज में आरोपी शव को ले जाते कैद हो गए थे। पुलिस ने बसंत समेत तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
आधे घंटे रिक्शा में शव लेकर घूमते रहे
पुलिस ने बताया कि बसंत ने शव को रिक्शा में रखवाकर अपना एक साथी उसमें बैठा दिया। बसंत खुद स्कूटी से रिक्शा के साथ-साथ चलता रहा। गलियों से होता हुआ रिक्शा बसपा कार्यालय के पास पहुंचा। करीब आधे घंटे तक शव रिक्शा में लेकर हत्यारोपी इधर-उधर घूमते रहे। अंधेरा घना होने पर करीब 7:30 बजे हत्यारोपियों ने शव को नाले के पास फेंक दिया। रिक्शे में शव को ले जाते कई लोगों ने देखा। लेकिन किसी ने रिक्शा चालक को टोकने की जहमत तक नहीं उठाई।
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ऐसे पहुंची हत्यारोपियों तक पुलिस
सुनील का शव प्लास्टिक के दो बोरे में और फिर उसके ऊपर एक बोरी थी। सुनील के बेटे शुभम का कहना था कि उसके पापा फूलबाग कॉलोनी में जाने की बात कहकर गए थे। शुभम ने बसंत का नाम पुलिस को बता दिया था। शाम को पुलिस ने शुभम को सीसीटीवी कैमरे की फुटेज दिखाई। जिसमें रिक्शा में शव ले जाते समय बसंत भी दिखाई दे रहा था। हालांकि शुभम ने बसंत को नहीं पहचाना। पुलिस ने बसंत के घर दबिश दी तो वह फरार मिला। शक गहराने पर पुलिस ने सर्विलांस की मदद ली तो पता चला कि बसंत ने ही व्यापारी को कॉल करके बुलाया था। सीडीआर सामने आने के बाद पुलिस ने बसंत को धर दबोचा।
लेनदेन बताया कारण
पुलिस के मुताबिक आरोपी बसंत ने हत्या का कारण एक लाख रुपये के लेनदेन को लेकर हुआ विवाद बताया। उसने वारदात करना भी कबूल कर लिया है। पुलिस ने बसंत, आशु और रिक्शा चालक अशोक को गिरफ्तार कर लिया है। अशोक ने एक हजार रुपये में शव को नाले तक पहुंचाने की जिम्मेदारी ली थी। एसएसपी मंजिल सैनी के अनुसार सीसीटीवी कैमरे की फुटेज और सर्विलांस की मदद से पुलिस ने तीनों हत्यारोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। प्रारंभिक जांच में हत्या का कारण लेनदेन का विवाद सामने आया है। मंगलवार (आज) इसका खुलासा कर दिया जाएगा।
खास बात
- तीन आरोपी गिरफ्तार, एक लाख रुपये का बताया विवाद
- एसएसपी ने रात में आरोपियों से पूछताछ की, जुल्म कबूला
- हत्या कर रिक्शा में ले गए थे शव, नाले के किनारे फेंककर भागे थे
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पुलिस के अनुसार व्यापारी सुनील गर्ग रविवार शाम चार बजे घर से निकले थे तो बसंत निवासी फूलबाग कॉलोनी नौचंदी ने उन्हें कॉल की थी। सुनील के बसंत पर एक लाख रुपये बकाया होना बताया गया। बसंत की फूलबाग कॉलोनी में घर के पास तांबे की फैक्ट्री है। पैसे लेने के लिए सुनील बसंत की फैक्ट्री में पहुंचे। जहां पर दोनों व्यापारियों में बात हुई। लेनदेन को लेकर दोनों में बहस होने लगी थी। तभी बसंत के दो साथियों आशु और अशोक (रिक्शा चालक) ने पीछे से धारदार हथियार से सुनील पर हमला बोला। उसके बाद बसंत समेत तीनों आरोपियों ने सुनील की गर्दन काट दी। फैक्ट्री में तीनों ने मिलकर लाश को बोरे में बंद किया। उसके बाद रिक्शे में ले जाकर शव को नाले के पास फेंक आए थे। सीसीटीवी कैमरे की फुटेज में आरोपी शव को ले जाते कैद हो गए थे। पुलिस ने बसंत समेत तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
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आधे घंटे रिक्शा में शव लेकर घूमते रहे
पुलिस ने बताया कि बसंत ने शव को रिक्शा में रखवाकर अपना एक साथी उसमें बैठा दिया। बसंत खुद स्कूटी से रिक्शा के साथ-साथ चलता रहा। गलियों से होता हुआ रिक्शा बसपा कार्यालय के पास पहुंचा। करीब आधे घंटे तक शव रिक्शा में लेकर हत्यारोपी इधर-उधर घूमते रहे। अंधेरा घना होने पर करीब 7:30 बजे हत्यारोपियों ने शव को नाले के पास फेंक दिया। रिक्शे में शव को ले जाते कई लोगों ने देखा। लेकिन किसी ने रिक्शा चालक को टोकने की जहमत तक नहीं उठाई।
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ऐसे पहुंची हत्यारोपियों तक पुलिस
सुनील का शव प्लास्टिक के दो बोरे में और फिर उसके ऊपर एक बोरी थी। सुनील के बेटे शुभम का कहना था कि उसके पापा फूलबाग कॉलोनी में जाने की बात कहकर गए थे। शुभम ने बसंत का नाम पुलिस को बता दिया था। शाम को पुलिस ने शुभम को सीसीटीवी कैमरे की फुटेज दिखाई। जिसमें रिक्शा में शव ले जाते समय बसंत भी दिखाई दे रहा था। हालांकि शुभम ने बसंत को नहीं पहचाना। पुलिस ने बसंत के घर दबिश दी तो वह फरार मिला। शक गहराने पर पुलिस ने सर्विलांस की मदद ली तो पता चला कि बसंत ने ही व्यापारी को कॉल करके बुलाया था। सीडीआर सामने आने के बाद पुलिस ने बसंत को धर दबोचा।
लेनदेन बताया कारण
पुलिस के मुताबिक आरोपी बसंत ने हत्या का कारण एक लाख रुपये के लेनदेन को लेकर हुआ विवाद बताया। उसने वारदात करना भी कबूल कर लिया है। पुलिस ने बसंत, आशु और रिक्शा चालक अशोक को गिरफ्तार कर लिया है। अशोक ने एक हजार रुपये में शव को नाले तक पहुंचाने की जिम्मेदारी ली थी। एसएसपी मंजिल सैनी के अनुसार सीसीटीवी कैमरे की फुटेज और सर्विलांस की मदद से पुलिस ने तीनों हत्यारोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। प्रारंभिक जांच में हत्या का कारण लेनदेन का विवाद सामने आया है। मंगलवार (आज) इसका खुलासा कर दिया जाएगा।
खास बात
- तीन आरोपी गिरफ्तार, एक लाख रुपये का बताया विवाद
- एसएसपी ने रात में आरोपियों से पूछताछ की, जुल्म कबूला
- हत्या कर रिक्शा में ले गए थे शव, नाले के किनारे फेंककर भागे थे