{"_id":"5952bc654f1c1b463c8b46fe","slug":"51498594405-meerut-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"एंबूलेंस के इंतजार में 45 मिनट तड़पता रहा जहर खाया युवक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एंबूलेंस के इंतजार में 45 मिनट तड़पता रहा जहर खाया युवक
Updated Wed, 28 Jun 2017 01:43 AM IST
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सीएचसी में पौन घंटे तड़पता रहा युवक पर नहीं आई एंबुलेंस
जिले की स्वास्थ्य सेवाओं का बुरा हाल है। मंगलवार को कोट कालोनी के एक युवक ने घरेलू कलह में जहरीला पदार्थ खा लिया। सीएचसी से युवक को गाजियाबाद सरकारी अस्पताल रेफर कर दिया गया।
सूचना देने के बाद भी 108 एंबुलेंस नहीं पहुंची और युवक पौन घंटे तक सीएचसी पर तड़फता रहा। इस पर युवक के परिजनों ने हंगामा किया। हालत गंभीर होने पर परिजन उसे बाइक पर बैठाकर मोदीनगर के एक निजी अस्पताल ले गए।
कोट कालोनी में गुलफाम (38) पुत्र गुलजार परिवार सहित रहता है। उसने मंगलवार दोपहर घरेलू कलह में जहरीला पदार्थ खा लिया। हालत बिगड़ने पर परिजन उसे सीएचसी लेकर पहुंचे।
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उसे सीएससी से गाजियाबाद सरकारी अस्पताल रेफर कर दिया गया। 108 एंबुलेंस को फोन किया। बताया गया कि लखनऊ से एंबुलेंस को गाजियाबाद भेजने का मैसेज मिलने के बाद भी सीएचसी कोई कर्मचारी नहीं पहुंचा।
गुलफाम की हालत बिगड़ने पर परिजनों ने हंगामा शुरू कर दिया। आरोप है कि 102 एंबुलेंस अस्पताल में खड़ी होने के बाद चालक मौजूद नहीं था। एंबुलेंस नहीं पहुंचने 45 मिनट तक गुलफाम अस्पताल में दर्द से तड़पता रहा।
अधिक हालत बिगड़ने पर परिजन उसे बाइक पर बैठाकर मोदीनगर के निजी अस्पताल ले गए। हाईवे पर बैलेंस बिगड़ने से गुलफाम एक बार बाइक से गिरने से बचा।
सीएचसी प्रभारी डॉ. सूर्यांशु ओझा ने बताया कि एंबुलेंस किसी मरीज को छोड़ने गई हुई थी। लखनऊ से मैसेज मिलने के बाद भी चालक को फोन किया, लेकिन वह एंबुलेंस लेकर अस्पताल नहीं पहुंचा। युवक शराब के नशे में भी था, जिसकी सूचना थाने को दी गई थी।
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जिले की स्वास्थ्य सेवाओं का बुरा हाल है। मंगलवार को कोट कालोनी के एक युवक ने घरेलू कलह में जहरीला पदार्थ खा लिया। सीएचसी से युवक को गाजियाबाद सरकारी अस्पताल रेफर कर दिया गया।
सूचना देने के बाद भी 108 एंबुलेंस नहीं पहुंची और युवक पौन घंटे तक सीएचसी पर तड़फता रहा। इस पर युवक के परिजनों ने हंगामा किया। हालत गंभीर होने पर परिजन उसे बाइक पर बैठाकर मोदीनगर के एक निजी अस्पताल ले गए।
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कोट कालोनी में गुलफाम (38) पुत्र गुलजार परिवार सहित रहता है। उसने मंगलवार दोपहर घरेलू कलह में जहरीला पदार्थ खा लिया। हालत बिगड़ने पर परिजन उसे सीएचसी लेकर पहुंचे।
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उसे सीएससी से गाजियाबाद सरकारी अस्पताल रेफर कर दिया गया। 108 एंबुलेंस को फोन किया। बताया गया कि लखनऊ से एंबुलेंस को गाजियाबाद भेजने का मैसेज मिलने के बाद भी सीएचसी कोई कर्मचारी नहीं पहुंचा।
गुलफाम की हालत बिगड़ने पर परिजनों ने हंगामा शुरू कर दिया। आरोप है कि 102 एंबुलेंस अस्पताल में खड़ी होने के बाद चालक मौजूद नहीं था। एंबुलेंस नहीं पहुंचने 45 मिनट तक गुलफाम अस्पताल में दर्द से तड़पता रहा।
अधिक हालत बिगड़ने पर परिजन उसे बाइक पर बैठाकर मोदीनगर के निजी अस्पताल ले गए। हाईवे पर बैलेंस बिगड़ने से गुलफाम एक बार बाइक से गिरने से बचा।
सीएचसी प्रभारी डॉ. सूर्यांशु ओझा ने बताया कि एंबुलेंस किसी मरीज को छोड़ने गई हुई थी। लखनऊ से मैसेज मिलने के बाद भी चालक को फोन किया, लेकिन वह एंबुलेंस लेकर अस्पताल नहीं पहुंचा। युवक शराब के नशे में भी था, जिसकी सूचना थाने को दी गई थी।