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अपराधियों के खिलाफ राधना में महापंचायत, लिप्त पाए जाने पर समाज से होगा बहिष्कार
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किठौर के राधना में एनआईए की दबिश के बाद अवैध धंधे से जुडे़ लोगों के खिलाफ महापंचायत
कई गांवों के लोगों ने असामाजिक तत्वों का गांवों से सामाजिक बहिष्कार करने की शपथ ली
अमर उजाला ब्यूरो
किठौर/मेरठ। किठौर के राधना में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) के सर्च ऑपरेशन और कार्रवाई के बाद लोगों में जागरूकता आई है। रविवार को गांव में स्थित मदरसे में अवैध धंधे से जुडे़ लोगों के खिलाफ कई गांवों के लोगों की महापंचायत आयोजित की गई। जिमसें उलमा-ए-दीन भी शामिल हुए। पंचायत में मौजूद लोगों ने असामाजिक तत्वों की आलोचना करते हुए न मानने पर गांव से सामाजिक बहिष्कार करने की शपथ ली।
एनआईए की छापेमारी से बदनाम हुए राधना गांव में ही स्थित इस्लामिया मदरसे में हथियार तस्करी, गोकशी, जुआ, सट्टा या कोई अन्य गलत काम के विरोध को लेकर महापंचायत हुई। जिसमें जमीयत उलमा मेरठ के जिला सदर मौलाना अमीर आलम भी मौजूद रहे। उन्होंने पंचायत में कहा कि इस्लाम आपसी सौहार्द और अमन का पैगाम देता है। फिर मजहब-ए-इस्लाम और सच्चे मुसलमान से किसी भी कौम और बिरादरी को नुकसान नहीं पहुंच सकता। लेकिन आज मुसलमानों पर तरह-तरह के आरोप लग रहे हैं।
उन्होंने महापंचायत में मौजूद लोगों को अवैध धंधा करने वालों का सामाजिक बहिष्कार करने की शपथ दिलाई। राधना के पूर्व ग्राम प्रधान अब्दुल जब्बार ने कहा कि गांव में पल रहे आपराधिक प्रवृत्ति के कुछ लोगों ने प्रदेश में ही नहीं बल्कि अब देश में भी गांव की बदनामी करा दी है। राधना की पहचान न सिर्फ मेरठ बल्कि पूरे देश में हथियार तस्करों के नाम से होती जा रही है। कुछ आपराधिक छवि के लोगों की वजह से पहले पंजाब, दिल्ली, हरियाणा और दूसरे जिलों की पुलिस भी अवैध हथियारों, कारीगरों और तस्करों की तलाश में दबिश देती रही है। लेकिन किसी भी ग्रामीण ने आज तक कोई आवाज नहीं उठाई। जिसके चलते उनका दुस्साहस बढ़ता गया। जिससे सुर्खियों में आया राधना अब एनआईए के रडार पर आ गया है।
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बैठक में पूर्व प्रधान उमर अली, विरेंद्र चेयरमैन, प्रधानाचार्य ओमवीर, मौलाना जुनैद, मुफ्ती सद्दाम, मौलवी अब्दुल्ला ने भी विचार व्यक्त किए। लोगों ने क्षेत्र में अमन शांति कायम रखने और असामाजिक तत्वों के विरोध पर जोर दिया। इस दौरान बहरोड़ा, इंद्रपुरा, भगवानपुर, नवल, ललियाना, शौंदत और किठौर के सैकड़ों लोग शामिल रहे।
यह सराहनीय कदम
मदरसे में महापंचायत के होने की जानकारी मिली है। गण्यमान्य लोगों और ग्रामीणों का यह सराहनीय कदम है। हर गांव की अपनी छवि होती है। शरारती तत्वों पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। कुछ चुनिंदा असामाजिक लोग गांव को बदनाम कर रहे हैं। -राजेश कुमार, एसपी देहात मेरठ
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किठौर के राधना में एनआईए की दबिश के बाद अवैध धंधे से जुडे़ लोगों के खिलाफ महापंचायत
कई गांवों के लोगों ने असामाजिक तत्वों का गांवों से सामाजिक बहिष्कार करने की शपथ ली
अमर उजाला ब्यूरो
किठौर/मेरठ। किठौर के राधना में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) के सर्च ऑपरेशन और कार्रवाई के बाद लोगों में जागरूकता आई है। रविवार को गांव में स्थित मदरसे में अवैध धंधे से जुडे़ लोगों के खिलाफ कई गांवों के लोगों की महापंचायत आयोजित की गई। जिमसें उलमा-ए-दीन भी शामिल हुए। पंचायत में मौजूद लोगों ने असामाजिक तत्वों की आलोचना करते हुए न मानने पर गांव से सामाजिक बहिष्कार करने की शपथ ली।
एनआईए की छापेमारी से बदनाम हुए राधना गांव में ही स्थित इस्लामिया मदरसे में हथियार तस्करी, गोकशी, जुआ, सट्टा या कोई अन्य गलत काम के विरोध को लेकर महापंचायत हुई। जिसमें जमीयत उलमा मेरठ के जिला सदर मौलाना अमीर आलम भी मौजूद रहे। उन्होंने पंचायत में कहा कि इस्लाम आपसी सौहार्द और अमन का पैगाम देता है। फिर मजहब-ए-इस्लाम और सच्चे मुसलमान से किसी भी कौम और बिरादरी को नुकसान नहीं पहुंच सकता। लेकिन आज मुसलमानों पर तरह-तरह के आरोप लग रहे हैं।
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उन्होंने महापंचायत में मौजूद लोगों को अवैध धंधा करने वालों का सामाजिक बहिष्कार करने की शपथ दिलाई। राधना के पूर्व ग्राम प्रधान अब्दुल जब्बार ने कहा कि गांव में पल रहे आपराधिक प्रवृत्ति के कुछ लोगों ने प्रदेश में ही नहीं बल्कि अब देश में भी गांव की बदनामी करा दी है। राधना की पहचान न सिर्फ मेरठ बल्कि पूरे देश में हथियार तस्करों के नाम से होती जा रही है। कुछ आपराधिक छवि के लोगों की वजह से पहले पंजाब, दिल्ली, हरियाणा और दूसरे जिलों की पुलिस भी अवैध हथियारों, कारीगरों और तस्करों की तलाश में दबिश देती रही है। लेकिन किसी भी ग्रामीण ने आज तक कोई आवाज नहीं उठाई। जिसके चलते उनका दुस्साहस बढ़ता गया। जिससे सुर्खियों में आया राधना अब एनआईए के रडार पर आ गया है।
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बैठक में पूर्व प्रधान उमर अली, विरेंद्र चेयरमैन, प्रधानाचार्य ओमवीर, मौलाना जुनैद, मुफ्ती सद्दाम, मौलवी अब्दुल्ला ने भी विचार व्यक्त किए। लोगों ने क्षेत्र में अमन शांति कायम रखने और असामाजिक तत्वों के विरोध पर जोर दिया। इस दौरान बहरोड़ा, इंद्रपुरा, भगवानपुर, नवल, ललियाना, शौंदत और किठौर के सैकड़ों लोग शामिल रहे।
यह सराहनीय कदम
मदरसे में महापंचायत के होने की जानकारी मिली है। गण्यमान्य लोगों और ग्रामीणों का यह सराहनीय कदम है। हर गांव की अपनी छवि होती है। शरारती तत्वों पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। कुछ चुनिंदा असामाजिक लोग गांव को बदनाम कर रहे हैं। -राजेश कुमार, एसपी देहात मेरठ