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मेडिकल में विवादित पर्चा काउंटर शुरू करने की तैयारी
Updated Wed, 12 Sep 2018 02:12 AM IST
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मेडिकल में ‘विवादित’ पर्चा काउंटर शुरू करने की तैयारी
मेरठ। मेडिकल कॉलेज में नए पर्चा काउंटर को शुरू करने की तैयारी की जा रही है। मरीजों की भीड़ को देखते हुए यह निर्णय लिया जा रहा है। इस संबंध में प्राचार्य, एसआआईसी और सीएमएस की बैठक हुई है, जिसके बाद नए पर्चा काउंटर केलिए दो कंप्यूटर उपलब्ध कराए गए हैं।
यह वही पर्चा काउंटर है, जिसकी वजह से मेडिकल कॉलेज में पिछले महीने बवाल हुआ था। बवाल केबाद अगले दिन इस नए पर्चा काउंटर पर लगाए गए नाम के पत्थर पर कालिख पोत दी गई थी, जो अभी तक इसी तरह है। मेडिकल कॉलेज में हर रोज ढाई से तीन हजार मरीज ओपीडी में आते हैं। भीड़ की वजह से पर्चा काउंटर पर लंबी-लंबी कतारें लगी रहती हैं। ऐसे भी काफी मरीज रहते हैं, जिन्हें कई बार बिना चिकित्सक को दिखाए लौटना पड़ता है। पूर्व फार्मासिस्ट योगेंद्र पाल सिंह और अन्य कर्मचारियों ने पर्चा काउंटर के बराबर में ही नया पर्चा काउंटर बनाया था, लेकिन इस पर योगेंद्र पाल सिंह और अन्य अधिकारियों का नाम लिखा होने केकारण कुछ कर्मचारियों ने इस पर एतराज जताया था। उनका कहना था कि सरकारी जमीन पर कोई कैसे बिना अनुमति के निर्माण कर सकता है। दूसरी तरफ, अधिकारियों का कहना था कि इससे मरीजों को लाभ मिलेगा। सीएमएस डॉ. अजीत चौधरी का कहना है कि मरीजों की संख्या ज्यादा है और पर्चा काउंटर छोटा पड़ रहा है, जिस कराण नए पर्चा काउंटर को जल्द ही शुरू किया जाएगा, इसके लिए दो कंप्यूटर भी उपलब्ध करा दिए गए हैं।
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मेरठ। मेडिकल कॉलेज में नए पर्चा काउंटर को शुरू करने की तैयारी की जा रही है। मरीजों की भीड़ को देखते हुए यह निर्णय लिया जा रहा है। इस संबंध में प्राचार्य, एसआआईसी और सीएमएस की बैठक हुई है, जिसके बाद नए पर्चा काउंटर केलिए दो कंप्यूटर उपलब्ध कराए गए हैं।
यह वही पर्चा काउंटर है, जिसकी वजह से मेडिकल कॉलेज में पिछले महीने बवाल हुआ था। बवाल केबाद अगले दिन इस नए पर्चा काउंटर पर लगाए गए नाम के पत्थर पर कालिख पोत दी गई थी, जो अभी तक इसी तरह है। मेडिकल कॉलेज में हर रोज ढाई से तीन हजार मरीज ओपीडी में आते हैं। भीड़ की वजह से पर्चा काउंटर पर लंबी-लंबी कतारें लगी रहती हैं। ऐसे भी काफी मरीज रहते हैं, जिन्हें कई बार बिना चिकित्सक को दिखाए लौटना पड़ता है। पूर्व फार्मासिस्ट योगेंद्र पाल सिंह और अन्य कर्मचारियों ने पर्चा काउंटर के बराबर में ही नया पर्चा काउंटर बनाया था, लेकिन इस पर योगेंद्र पाल सिंह और अन्य अधिकारियों का नाम लिखा होने केकारण कुछ कर्मचारियों ने इस पर एतराज जताया था। उनका कहना था कि सरकारी जमीन पर कोई कैसे बिना अनुमति के निर्माण कर सकता है। दूसरी तरफ, अधिकारियों का कहना था कि इससे मरीजों को लाभ मिलेगा। सीएमएस डॉ. अजीत चौधरी का कहना है कि मरीजों की संख्या ज्यादा है और पर्चा काउंटर छोटा पड़ रहा है, जिस कराण नए पर्चा काउंटर को जल्द ही शुरू किया जाएगा, इसके लिए दो कंप्यूटर भी उपलब्ध करा दिए गए हैं।
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