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बिना नोटिस आवास गिराये जाने पर भाजपाइयों ने जताया रोष
Updated Wed, 25 Apr 2018 02:56 AM IST
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बिना नोटिस आवास गिराए जाने पर रोष
मेरठ। एमडीए द्वारा विगत दिनों पांडव नगर में अवैध निर्माण पर कार्रवाई की गई, लेकिन इसमें जिन आवासों पर नोटिस जारी किया गया, उनके बजाए दूसरे आवास गिरा दिए गए। इस मामले में मंगलवार को पीड़ित लोग भाजपा महानगर अध्यक्ष करुणेश नंदन गर्ग के नेतृत्व में एमडीए सचिव राजकुमार से मिले और इस कार्रवाई पर नाराजगी जताई।
करुणेश नंदन गर्ग ने एमडीए सचिव से कहा कि जिन लोगों को नोटिस जारी किए गए थे, उनका ध्वस्तीकरण नहीं किया गया है। लेकिन जिन्हें नोटिस नहीं जारी किया गया, उनके मकानों को ध्वस्त कर दिया गया। इसमें मिलीभगत का अंदेशा लगता है। क्योंकि यह लोग लगभग 75 वर्ष से वहां रह रहे थे और एमडीए की इस कार्रवाई से ये लोग बेघर हो गए हैं। यदि जमीन प्राधिकरण की ही है तो इनके लिए रहने की व्यवस्था होनी चाहिए और इस पूरे प्रकरण की जांच होनी चाहिए।
जिस पर एमडीए सचिव ने डूडा के अधिकारी से बात कर बेघर हुए लोगों के लिए मकान आवंटित करने हेतु एक आग्रह पत्र जारी करने की बात कही। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि इस पूरे प्रकरण की वह खुद जांच करेंगे। यदि कोई अधिकारी इसमें गलत पाया गया तो उस पर कार्रवाई की जाएगी। वहीं महानगर अध्यक्ष ने इस पूरे प्रकरण की मुख्यमंत्री के जनसुनवाई पोर्टल पर भी शिकायत की। इस दौरान महानगर मीडिया प्रभारी गजेंद्र शर्मा, मयंक जैन, अमित शर्मा, पार्षद विजय सोनकर, संजय सैनी और पीड़ित परिवार मौजूद रहे।
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मेरठ। एमडीए द्वारा विगत दिनों पांडव नगर में अवैध निर्माण पर कार्रवाई की गई, लेकिन इसमें जिन आवासों पर नोटिस जारी किया गया, उनके बजाए दूसरे आवास गिरा दिए गए। इस मामले में मंगलवार को पीड़ित लोग भाजपा महानगर अध्यक्ष करुणेश नंदन गर्ग के नेतृत्व में एमडीए सचिव राजकुमार से मिले और इस कार्रवाई पर नाराजगी जताई।
करुणेश नंदन गर्ग ने एमडीए सचिव से कहा कि जिन लोगों को नोटिस जारी किए गए थे, उनका ध्वस्तीकरण नहीं किया गया है। लेकिन जिन्हें नोटिस नहीं जारी किया गया, उनके मकानों को ध्वस्त कर दिया गया। इसमें मिलीभगत का अंदेशा लगता है। क्योंकि यह लोग लगभग 75 वर्ष से वहां रह रहे थे और एमडीए की इस कार्रवाई से ये लोग बेघर हो गए हैं। यदि जमीन प्राधिकरण की ही है तो इनके लिए रहने की व्यवस्था होनी चाहिए और इस पूरे प्रकरण की जांच होनी चाहिए।
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जिस पर एमडीए सचिव ने डूडा के अधिकारी से बात कर बेघर हुए लोगों के लिए मकान आवंटित करने हेतु एक आग्रह पत्र जारी करने की बात कही। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि इस पूरे प्रकरण की वह खुद जांच करेंगे। यदि कोई अधिकारी इसमें गलत पाया गया तो उस पर कार्रवाई की जाएगी। वहीं महानगर अध्यक्ष ने इस पूरे प्रकरण की मुख्यमंत्री के जनसुनवाई पोर्टल पर भी शिकायत की। इस दौरान महानगर मीडिया प्रभारी गजेंद्र शर्मा, मयंक जैन, अमित शर्मा, पार्षद विजय सोनकर, संजय सैनी और पीड़ित परिवार मौजूद रहे।
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