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माल रोड पर आया बारहसिंघा तो मच गया शोर
Updated Fri, 15 Jun 2018 02:20 AM IST
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माल रोड पर आया बारहसिंघा
मेेरठ। माल रोड पर व्हीलर क्लब के पास बृहस्पतिवार को एक बारहसिंघा पहुंच गया। लोग उसके फोटो खींचने लगे। भीड़ को देख वह सहम गया और छिपने के लिए इधर-उधर भागने लगा, लेकिन उसे कहीं जगह नहीं मिल पाई। सूचना पर पुलिस और वाइल्ड लाइफ की टीम पहुंची। घंटों की मशक्कत के बाद किसी तरह उसे बंगला नंबर 111 की तरफ ले जाकर सुरक्षित किया गया। टीम देर रात तक उसे पकड़ने की कोशिश में जुटी थी।
सुबह सात बजे माल रोड पर घूमने वाले लोगों ने व्हीलर क्लब के पास बारहसिंघा को देखा। सूचना पर पुलिस, वाइल्ड लाइफ की टीम और एनिमल केयर सोसायटी के अंशुमाली वशिष्ठ मौके पर पहुंच गए। घंटों की मशक्कत के बाद वाइल्ड लाइफ राज सिंह की टीम बारहसिंघा को किसी तरह बंगला नंबर 111 की तरफ ले गई। इसके बाद टीम ने अंधेरा होने तक बंगला नंबर 111 की तरफ जाने वाले रास्ते पर ताला लगाकर दो गार्ड तैनात कर दिए। वाइल्ड लाइफ वार्डन राजसिंह ने बताया कि बारहसिंघा का दिल बहुत कमजोर होता है। कहीं वो भागकर सड़क पर किसी वाहन आदि से टकराकर घायल न हो जाए, इसलिए उसको दिन में पकड़ने की कोशिश नहीं की गई।
पहले भी आ चुके
पिछले महीने रेलवे रोड क्षेत्र में सिटी स्टेशन जाने वाले रास्ते पर मंशा देवी मंदिर के पास बारहसिंघा का पूरा परिवार देखा गया था। बारहसिंघा का ये जोड़ा यहां पर काफी समय से रह रहा है। वन अधिकारियों का कहना है कि दोनों को पकड़ना मुश्किल है। दलदली जमीन होने की वजह से उनको रहने में कोई दिक्कत नहीं है। बता दें कि कैंट क्षेत्र जंगल से लगा होने के कारण यहां तीन बार तेंदुआ भी आ चुका है। वहीं जीव जंतु एक्सपर्ट बताते हैं कि आजकल खेतों में फसल कटाई का काम चल रहा है। ऐसे में जंगलों से भटककर बारहसिंघा आदि शहर में आ रहे हैं।
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मेेरठ। माल रोड पर व्हीलर क्लब के पास बृहस्पतिवार को एक बारहसिंघा पहुंच गया। लोग उसके फोटो खींचने लगे। भीड़ को देख वह सहम गया और छिपने के लिए इधर-उधर भागने लगा, लेकिन उसे कहीं जगह नहीं मिल पाई। सूचना पर पुलिस और वाइल्ड लाइफ की टीम पहुंची। घंटों की मशक्कत के बाद किसी तरह उसे बंगला नंबर 111 की तरफ ले जाकर सुरक्षित किया गया। टीम देर रात तक उसे पकड़ने की कोशिश में जुटी थी।
सुबह सात बजे माल रोड पर घूमने वाले लोगों ने व्हीलर क्लब के पास बारहसिंघा को देखा। सूचना पर पुलिस, वाइल्ड लाइफ की टीम और एनिमल केयर सोसायटी के अंशुमाली वशिष्ठ मौके पर पहुंच गए। घंटों की मशक्कत के बाद वाइल्ड लाइफ राज सिंह की टीम बारहसिंघा को किसी तरह बंगला नंबर 111 की तरफ ले गई। इसके बाद टीम ने अंधेरा होने तक बंगला नंबर 111 की तरफ जाने वाले रास्ते पर ताला लगाकर दो गार्ड तैनात कर दिए। वाइल्ड लाइफ वार्डन राजसिंह ने बताया कि बारहसिंघा का दिल बहुत कमजोर होता है। कहीं वो भागकर सड़क पर किसी वाहन आदि से टकराकर घायल न हो जाए, इसलिए उसको दिन में पकड़ने की कोशिश नहीं की गई।
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पहले भी आ चुके
पिछले महीने रेलवे रोड क्षेत्र में सिटी स्टेशन जाने वाले रास्ते पर मंशा देवी मंदिर के पास बारहसिंघा का पूरा परिवार देखा गया था। बारहसिंघा का ये जोड़ा यहां पर काफी समय से रह रहा है। वन अधिकारियों का कहना है कि दोनों को पकड़ना मुश्किल है। दलदली जमीन होने की वजह से उनको रहने में कोई दिक्कत नहीं है। बता दें कि कैंट क्षेत्र जंगल से लगा होने के कारण यहां तीन बार तेंदुआ भी आ चुका है। वहीं जीव जंतु एक्सपर्ट बताते हैं कि आजकल खेतों में फसल कटाई का काम चल रहा है। ऐसे में जंगलों से भटककर बारहसिंघा आदि शहर में आ रहे हैं।
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