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क्रिकेटर बनने की चाह में उम्र का ‘खेल’

Sat, 27 Apr 2019 02:39 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sat, 27 Apr 2019 02:39 AM IST
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क्रिकेटर बनने की चाह में उम्र का ‘खेल’
क्रिकेटर बनने की चाह में उम्र का ‘खेल’
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- एमडीसीए में चयन के बाद 60 से ज्यादा खिलाड़ी बाहर
- मेडिकल टेस्ट में खिलाड़ियों की उम्र ज्यादा मिली
अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ। क्रिकेटर बनने की चाह में युवा खिलाड़ी जन्म प्रमाणपत्र और आधार कार्ड में जन्मतिथि में गड़बड़ी कर उम्र छिपा रहे हैं। इस वर्ष अंडर-16 व 19 वर्ग में 60 से ज्यादा खिलाड़ी अधिक उम्र के चलते मेडिकल टेस्ट में बाहर किये गए। मेरठ जिला क्रिकेट एसोसिएशन (एमडीसीए) द्वारा प्रतिवर्ष विभिन्न वर्गों के ट्रॅायल आयोजित होते हैं। इस साल सभी वर्गों में 1793 खिलाड़ियों ने ट्रॉयल के लिए पंजीकरण कराया था। जबकि पिछले वर्ष खिलाड़ियों की पंजीकरण संख्या 1875 थी।
एमडीसीए द्वारा जनवरी-फरवरी माह में अंडर-14, 16, 19, 23 व रणजी के ट्रॉयल के लिए पंजीकरण किए जाते हैं। इस साल फरवरी में सभी वर्गों में 1793 खिलाड़ियों ने पंजीकरण कराया था। हालांकि पिछले साल के मुकाबले खिलाड़ियों की संख्या कम है, लेकिन ट्रॉयल के दिन भी खिलाड़ियों को पंजीकरण की छूट होती है। मार्च में अंडर-16 व 19 वर्ग में 900 खिलाड़ियों ने ट्रॉयल दिया था जिसमें से 60 से ज्यादा खिलाड़ियों को चयन के बाद बाहर कर दिया गया, जिनकी उम्र ज्यादा पाई गई। एक निजी संस्थान में एमडीसीए ने ऐसे खिलाड़ियों को बोन टेस्ट कराया था, जिनकी उम्र देखने में ज्यादा लग रही थी। खेल अधिकारियों के अनुसार ट्रॉयल के समय सलेक्टर्स अधिक उम्र वाले खिलाड़ियों का चयन तो कर लेते हैं, लेकिन उन खिलाड़ियों का चयन के बाद बोन टेस्ट होता है। जिसके आधार पर इस वर्ष भी बोन टेस्ट में उम्र ज्यादा आने पर 60 से ज्यादा खिलाड़ियों को बाहर किया गया। हालांकि अभी अंडर-14, 23 व रणजी के खिलाड़ियों के ट्रॉयल बाकी हैं। जागरूकता की कमी के चलते खिलाड़ी सीनियर टीम के ट्रॉयल से भी वंचित रह जाते हैं। ऐसे में अधिकारी खिलाड़ियों को उम्र छिपाने से बचने की सलाह देते हैं।
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खिलाड़ियों का चयन सलेक्टर्स द्वारा किया जाता है। जिसके बाद ऐसे खिलाड़ियों को बोन टेस्ट प्रक्रिया से गुजरना होता है, जिनकी उम्र्र देखने में अधिक लगती है। पारदर्शिता के लिये इन खिलाड़ियों का उम्र का सर्टिफिकेट जारी होता है। जिसके आधार पर खिलाड़ी का चयन होता है। सुरेंद्र चौहान, एमडीसीए सचिव
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