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हवलदार का शव पहुंचा गांव अतराडा में, किया गया राजकीय सम्मान से साथ अंतिम संसर
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खरखौदा। राजस्थान के जैसलमेर सीमा पर तैनात बीएसएफ के हवलदार की तीन दिन पहले हृदय गति रुकने से मौत हो गई थी। उसका शव शुक्रवार को पैतृक गांव अतराड़ा पहुंचा। उसका पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया।
मूल रूप से गांव अतराड़ा निवासी राकेश त्यागी (53) पुत्र रामशरण करीब 35 वर्ष पहले बीएसफ में तैनात हुआ था। वह करीब ढाई वर्ष से राजस्थान के जैसलमेर में बार्डर पर तैनात था। राकेश का परिवार इस समय हापुड़ के थाना बाबूगढ़ में रह रहा है। 25 दिसंबर की रात्रि में ड्यूटी के दौरान राकेश त्यागी की तबियत बिगड़ गई। इस पर साथियों ने उसे जोधपुर के सैनिक अस्पताल में भर्ती कराया। वहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। चिकित्सकों ने हृदय गति रुकना मौत का कारण बताया। इसके बाद सैनिक का शव दिल्ली लाया गया। शुक्रवार सुबह दिल्ली से बीएसएफ सूबेदार रमेश कुमार व सुशील कुमार के नेतृत्व आई गारद के साथ हवलदार का शव गांव अतराड़ा पहुंचा। यहां काली नदी किनारे श्मशान घाट पर पूरे राजकीय सम्मान के साथ शव का अंतिम संस्कार किया गया। वहीं, विधायक सत्यवीर त्यागी ने पहुंचकर पीड़ित परिजनों को सांत्वना दी।
बेटी की होनी है दो माह बाद शादी
हवलदार राकेश त्यागी के परिवार में उसकी पत्नी मोहिनी, बेटी रीना, बेटा दीपक व तुषार हैं। तीनों बच्चे अविवाहित हैं तथा तीनों पढाई कर रहे हैं। बड़ी बेटी के विवाह की पूरी तैयारी हो चुकी है। उसकी फरवरी में शादी है। हवलदार की मौत के बाद पूरा परिवार सदमे में है। वहीं, मृतक का सबसे छोटा भाई प्रमोद भी बीएसएफ में तैनात है।
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मृतक के बेटे को सौंपा तिरंगा
अंतिम संस्कार में पहुंचे थाना खरखौदा इंस्पेक्टर राजेंद्र त्यागी ने वह तिरंगा झंडा जिसमें हवलदार का शव लिपटकर आया था। उसे मृतक के छोटे बेटे को सम्मानपूर्वक सौंपा। कहा कि राजकीय पर्व पर इस तिरंगे को जरूर फहराना।
मुख्य बातें
जैसलमेर सीमा पर तैनात बीएसएफ के हवलदार की तीन दिन पहले हृदय गति रुकने से हो गई थी मौत
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मूल रूप से गांव अतराड़ा निवासी राकेश त्यागी (53) पुत्र रामशरण करीब 35 वर्ष पहले बीएसफ में तैनात हुआ था। वह करीब ढाई वर्ष से राजस्थान के जैसलमेर में बार्डर पर तैनात था। राकेश का परिवार इस समय हापुड़ के थाना बाबूगढ़ में रह रहा है। 25 दिसंबर की रात्रि में ड्यूटी के दौरान राकेश त्यागी की तबियत बिगड़ गई। इस पर साथियों ने उसे जोधपुर के सैनिक अस्पताल में भर्ती कराया। वहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। चिकित्सकों ने हृदय गति रुकना मौत का कारण बताया। इसके बाद सैनिक का शव दिल्ली लाया गया। शुक्रवार सुबह दिल्ली से बीएसएफ सूबेदार रमेश कुमार व सुशील कुमार के नेतृत्व आई गारद के साथ हवलदार का शव गांव अतराड़ा पहुंचा। यहां काली नदी किनारे श्मशान घाट पर पूरे राजकीय सम्मान के साथ शव का अंतिम संस्कार किया गया। वहीं, विधायक सत्यवीर त्यागी ने पहुंचकर पीड़ित परिजनों को सांत्वना दी।
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बेटी की होनी है दो माह बाद शादी
हवलदार राकेश त्यागी के परिवार में उसकी पत्नी मोहिनी, बेटी रीना, बेटा दीपक व तुषार हैं। तीनों बच्चे अविवाहित हैं तथा तीनों पढाई कर रहे हैं। बड़ी बेटी के विवाह की पूरी तैयारी हो चुकी है। उसकी फरवरी में शादी है। हवलदार की मौत के बाद पूरा परिवार सदमे में है। वहीं, मृतक का सबसे छोटा भाई प्रमोद भी बीएसएफ में तैनात है।
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मृतक के बेटे को सौंपा तिरंगा
अंतिम संस्कार में पहुंचे थाना खरखौदा इंस्पेक्टर राजेंद्र त्यागी ने वह तिरंगा झंडा जिसमें हवलदार का शव लिपटकर आया था। उसे मृतक के छोटे बेटे को सम्मानपूर्वक सौंपा। कहा कि राजकीय पर्व पर इस तिरंगे को जरूर फहराना।
मुख्य बातें
जैसलमेर सीमा पर तैनात बीएसएफ के हवलदार की तीन दिन पहले हृदय गति रुकने से हो गई थी मौत