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स्मार्ट सिटी के लिए पढ़ना होगा दवनगेरे का इतिहास
Updated Sat, 09 Sep 2017 02:48 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ।
मेरठ को स्मार्ट सिटी बनाने के लिए नगर निगम को कर्नाटक के दवनगेरे शहर का इतिहास पढ़ना होगा। दवनगेरे की भौगोलिक स्थिति मेरठ से मेल खाती है। स्मार्ट सिटी चयन प्रक्रिया की कोर कमेटी ने मेरठ नगर निगम प्रशासन को दवनगेरे के प्रपोजल को पढ़ने और उसके आधार पर अपना मजबूत और सरल भाषा में प्रपोजल तैयार करने की सलाह दी है। अभी तक नगर निगम द्वार तैयार किए गए प्रपोजल में एरिया बेस को भी स्पष्ट नहीं किया गया है।
दिल्ली निर्माण भवन में छह सितंबर को स्मार्ट सिटी की दौड़ में शामिल सभी शहरों से अधिकारियों की एक कार्यशाला आयोजित की गई थी। इसमें स्मार्ट सिटी चयन प्रक्रिया की कोर कमेटी के वे अधिकारी शामिल हुए जो प्रपोजल पढ़ने के बाद एक एक बिंदु पर अंक देते हैं। कोर कमेटी के सदस्यों ने मेरठ के स्मार्ट सिटी के प्रपोजल में शामिल एक एक बिंदु को पढ़ा। साथ ही कई बिंदुओं को खारिज कर दिया था। कमेटी के अधिकारी अजीत कुमार ने बैठक में शामिल निगम अधिकारियों से कहा कि मेरठ के उद्योग सहित काफी बिंदु दवनगेरे स्मार्ट सिटी से मिलते हैं। इसलिए वह अपना स्मार्ट सिटी का प्रपोजल तैयार करने से पहले दवनगेरे का प्रपोजल गंभीरता से पढ़ें। मेरठ के लिए यह अंतिम मौका होगा। बता दें कि दवनगेरे स्मार्ट सिटी उन शहरों में से एक है जिनको केंद्र सरकार ने पहले दस शहरों में चुना है।
निगम प्रशासन ने भी खंगाला दवनगेरे स्मार्ट सिटी
कोर कमेटी की सलाह पर नगर निगम प्रशासन ने कार्य करना शुरू कर दिया है। जहां कंसलटेंट की टीम कर्नाटक के दवनगेरे स्मार्ट सिटी का लेखाजेखा खंगाल रही है। वहीं नगर निगम प्रशासन ने भी स्मार्ट सिटी सेल के अधिकारियों से दवनगेरे का लेखाजोखा निकलवा लिया है।
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प्रपोजल में ये नहीं स्पष्ट
- शहर के कौन से एरिया को मॉडल के रूप में तैयार करना है।
- कैंची उद्योग को शहर से बाहर कहां पर विकसित किया जाना है।
- सर्राफा बाजार को किस तरह विकसित किया जाएगा और कैसा होगा।
- मल्टी स्टोरी पार्किँग कहां पर बनायी जाएगी।
- शहर में उद्योग को किस तरह बढ़ाया जा सकेगा।
- स्मार्ट सिटी बनने के बाद शहर में क्या क्या बदलाव होगा।
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मेरठ।
मेरठ को स्मार्ट सिटी बनाने के लिए नगर निगम को कर्नाटक के दवनगेरे शहर का इतिहास पढ़ना होगा। दवनगेरे की भौगोलिक स्थिति मेरठ से मेल खाती है। स्मार्ट सिटी चयन प्रक्रिया की कोर कमेटी ने मेरठ नगर निगम प्रशासन को दवनगेरे के प्रपोजल को पढ़ने और उसके आधार पर अपना मजबूत और सरल भाषा में प्रपोजल तैयार करने की सलाह दी है। अभी तक नगर निगम द्वार तैयार किए गए प्रपोजल में एरिया बेस को भी स्पष्ट नहीं किया गया है।
दिल्ली निर्माण भवन में छह सितंबर को स्मार्ट सिटी की दौड़ में शामिल सभी शहरों से अधिकारियों की एक कार्यशाला आयोजित की गई थी। इसमें स्मार्ट सिटी चयन प्रक्रिया की कोर कमेटी के वे अधिकारी शामिल हुए जो प्रपोजल पढ़ने के बाद एक एक बिंदु पर अंक देते हैं। कोर कमेटी के सदस्यों ने मेरठ के स्मार्ट सिटी के प्रपोजल में शामिल एक एक बिंदु को पढ़ा। साथ ही कई बिंदुओं को खारिज कर दिया था। कमेटी के अधिकारी अजीत कुमार ने बैठक में शामिल निगम अधिकारियों से कहा कि मेरठ के उद्योग सहित काफी बिंदु दवनगेरे स्मार्ट सिटी से मिलते हैं। इसलिए वह अपना स्मार्ट सिटी का प्रपोजल तैयार करने से पहले दवनगेरे का प्रपोजल गंभीरता से पढ़ें। मेरठ के लिए यह अंतिम मौका होगा। बता दें कि दवनगेरे स्मार्ट सिटी उन शहरों में से एक है जिनको केंद्र सरकार ने पहले दस शहरों में चुना है।
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निगम प्रशासन ने भी खंगाला दवनगेरे स्मार्ट सिटी
कोर कमेटी की सलाह पर नगर निगम प्रशासन ने कार्य करना शुरू कर दिया है। जहां कंसलटेंट की टीम कर्नाटक के दवनगेरे स्मार्ट सिटी का लेखाजेखा खंगाल रही है। वहीं नगर निगम प्रशासन ने भी स्मार्ट सिटी सेल के अधिकारियों से दवनगेरे का लेखाजोखा निकलवा लिया है।
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प्रपोजल में ये नहीं स्पष्ट
- शहर के कौन से एरिया को मॉडल के रूप में तैयार करना है।
- कैंची उद्योग को शहर से बाहर कहां पर विकसित किया जाना है।
- सर्राफा बाजार को किस तरह विकसित किया जाएगा और कैसा होगा।
- मल्टी स्टोरी पार्किँग कहां पर बनायी जाएगी।
- शहर में उद्योग को किस तरह बढ़ाया जा सकेगा।
- स्मार्ट सिटी बनने के बाद शहर में क्या क्या बदलाव होगा।