फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   एमसीआई की टीम को मिली मेडिकल में बेहतर व्यवस्था

एमसीआई की टीम को मिली मेडिकल में बेहतर व्यवस्था

Thu, 22 Feb 2018 02:17 AM IST
Updated Thu, 22 Feb 2018 02:17 AM IST
विज्ञापन
एमसीआई की टीम को मिली मेडिकल में बेहतर व्यवस्था
एमसीआई की टीम ने किया मेडिकल का निरीक्षण
विज्ञापन

मेरठ।
मेडिकल कॉलेज की एमबीबीएस की डेढ़ सौ सीटों की मान्यता का समय बढ़ाने के लिए संसाधनों की जांच को तीन सदस्यीय टीम अस्पताल पहुंची। स्टाफ से लेकर डॉक्टर तक वर्दी में मिलें, वहीं कुछ अपडेट दिखा। टीम ने पर्चा काउंटर, दवा की डिस्पेंसरी में मरीजों की कतारें, इमरजेंसी में दोपहर में ड्यूटी पर ईएमओ ना पाकर नाराजगी जताई। टीम ने मरीज, बेड की संख्या समेत अन्य संसाधनों की जांच की।
लाला लाजपत राय मेडिकल कॉलेज में पांच साल पहले तक एमबीबीएस की 100 सीटें थी, जिन्हें बढ़ाकर 150 कर दिया गया था। तब से हर साल लगातार इन सीटों का नवीनीकरण होता रहा है। अब पांच साल बाद स्थायी मान्यता के लिए एमसीआई की तीन सदस्यीय टीम कोऑर्डिनेटर डॉ. आरके माहेश्वरी, डॉ. डीएस पटवर्धन, डॉ. एसपी राठौड़ जांच करने बुधवार को कॉलेज पहुंचे। टीम ने मेडिकल कॉलेज के इमरजेंसी वार्ड, आईसीयू, सर्जरी, मेडिसिन, हड्डी, बाल रोग, ब्लड बैंक, रेडियोलॉजी विभाग के साथ कॉलेज के एकेडमिक विभाग को भी देखा। इमरजेंसी में मरीजों से सुविधाओं के बारे में भी पूछताछ की। इस दौरान टीम सब कुछ दुरुस्त होने पर संतुष्ट नजर आई। एमसीआई टीम के सदस्यों ने बताया कि रिपोर्ट गोपनीय होती है जो वो फाइनल रिपोर्ट एमसीआई नई दिल्ली को देंगे। एमसीआई टीम के साथ प्रधानाचार्य डॉ. एसके गर्ग के निर्देशन में सीएमएस डॉ. अजीत कुमार, चिकित्सा अधीक्षक डॉ. संजीव कुमार, डॉ. अरुण कुमार, डॉ. गौरव गुप्ता, डॉ. धर्मवीर, डॉ सीमा जैन आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन


मरीजों और तीमारदारों ने की नारेबाजी
निरीक्षण के दौरान मरीज-तीमारदारों ने टीम को देखकर जांच रिपोर्ट, दवाइयां आदि खामियों को लेकर सरकार मुर्दाबाद के नारे लगाने शुरू कर दिए। टीम आक्रोशित भीड़ को देखकर चुपके से वहां से निकल गई।
विज्ञापन
विज्ञापन


लाइसेंस नवीनीकरण न होने पर नाराजगी
एमसीआई की टीम ने ब्लड बैंक के लाइसेंस के रिन्यूवल नहीं होने के बावजूद उसके संचालन पर नाराजगी जताई। टीम को जांच में पता चला कि पिछले महीने ही लाइसेंस रिन्यूवल हो जाना चाहिए था, जो नहीं कराया गया। टीम ने इसे भी अपनी फाइलों में दर्ज किया। वहीं दूसरी तरफ टीम को अस्पताल में विशेष चिकित्सकों की कमी भी नजर आई। इसमें कैंसर के लिए रेडियोथेरेपी करीब चार साल से बंद होने की सूचना मिली, तो अस्पताल में न्यूरो फीजिशियन, कार्डियोलोजिस्ट, प्लास्टिक सर्जन, नैफ्रोलोजिस्ट की कमी भी नजर आई।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed