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धवस्तीकरण कार्रवाई पर व्यापार संघ का विरोध
Updated Sat, 26 Aug 2017 02:47 AM IST
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हंगामा कर व्यापारी बोले, अधिकारियों पर भी हो एक्शन
- अवैध कांप्लेक्स पर कार्रवाई का मामला
- विभागीय अधिकारियों की लापरवाही से हुआ निर्माण
अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ। बेगम पुल समीप बने अवैध कांपलेक्स के धवस्तीकरण की कार्रवाई पर मेरठ व्यापार संघ अध्यक्ष नवीन गुप्ता और अन्य व्यापारियों ने विरोध जताया। व्यापारियों ने एमडीए टीम का विरोध किया। पुलिस ने व्यवस्था संभालते हुए व्यापारियों को शांत कराया। व्यापारियों ने एमडीए अधिकारियों पर अवैध निर्माणों को खड़ा करने का आरोप लगाया। कहा कि अधिकारियों पर भी तो एक्शन हो।
व्यापारियों का कहना था कि निर्माण पूर्ण होने के बाद ही विभाग द्वारा कार्रवाई की जाती है। निर्माण के दौरान विभागीय अधिकारी सेंटिग कर आंखे बंद कर भवन खड़ा करा देते हैं। धवस्तीकरण में मालिक से ज्यादा एमडीए अधिकारियों की लापरवाही होती है। नवीन गुप्ता ने कहा कि इस मामले में मंडलायुक्त से मिलकर अवैध निर्माण कराने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की जाएगी। शाहिद मंजूर, दीपक कामरा और नवीन गुप्ता ने एमडीए अधिकारियों को कांप्लेक्स के पेपर भी दिखाये। इस दौरान व्यापार संघ पदाधिकारी विजय आनंद, संदीप रेवड़ी, कमल ठाकुर, पवन मित्तल, सरदार दलजीत सिंह, उमेश शारदा सहित अन्य व्यापारी मौजूद रहे।
5 घंटे तक अफरातफरी रही
मेरठ। पांच घंटे की धवस्तीकरण कार्रवाई के दौरान कांप्लेक्स रोड के आसपास अफरातफरी का माहौल रहा। पूर्व मंत्री शाहिद मंजूर के व्यावसायिक साझेदार दीपक कामरा साथियोें के साथ पेपर लेकर घूमते रहे। समायोजन के लिए 5 लॉख के ड्रॉफ्ट की कॉपी और अन्य पेपर भी दिखाये। इस दौरान कई बार अधिकारियों से लोगों की जमकर नोकझोंक हुई। मामला पूर्व मंत्री से जुड़ा होने के कारण पुलिस को पब्लिक द्वारा भारी विरोध का अंदेशा था। जिसके चलते पुलिस ने कांपलेक्स रोड़ को पूरी तरह बंद कर सोतीगंज की ओर रूट डायवर्जन कर दिया।
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जनप्रतिधि ही करा रहे अवैध निर्माण
सच संस्था के अध्यक्ष डॉ. संदीप पहल ने कहा है कि इस निर्माण से यह बात साफ हो रही है कि जन प्रतिनिधि ही अवैध निर्माण करा रहे है। यह कार्रवाई ठीक हुई है। उन्होंने कहा जब नेता और व्यापारी ही अवैध निर्माण कराएंगे तो आम आदमी से क्या उम्मीद की जा सकती है। यही कारण है कि अवैध निर्माणों की संख्या दिन प्रतिदिन बढती जा रही है।
कालेज की भी कर दी छुट्टी
ध्वस्तीकरण के दौरान इस कांप्लेक्स से सटे जगदीश शरण इंटर कालेज की भी छुट्टी कर दी गई। माना यह जा रहा था कि एक साथ कहीं कांप्लेक्स का ध्वस्तीकरण न हो जाए पर इससे आसपास की दुकानों तथा लोगों को खतरा हो सकता था। यही कारण रहा कि हथौड़ों से लेंटर पर काम किया गया। साथ ही बुलडोजर पहले नीचे की दुकानों के शटर तथा सीढ़ियों पर लगाए गए।
हापुड़ के दस जेई रहे मुस्तैद
मेरठ। ध्वस्तीकरण अभियान के दौरान जहां मेरठ की टीम सक्रिय रही तो वहीं हापुड़ पिलखुवा विकास प्राधिकरण के दस जेई भी मौके पर मुस्तैद रहे। चूंकि यहां अवर अभियंता हड़ताल पर हैं तो वहां से जेई बुलाए गए हैं।
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- अवैध कांप्लेक्स पर कार्रवाई का मामला
- विभागीय अधिकारियों की लापरवाही से हुआ निर्माण
अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ। बेगम पुल समीप बने अवैध कांपलेक्स के धवस्तीकरण की कार्रवाई पर मेरठ व्यापार संघ अध्यक्ष नवीन गुप्ता और अन्य व्यापारियों ने विरोध जताया। व्यापारियों ने एमडीए टीम का विरोध किया। पुलिस ने व्यवस्था संभालते हुए व्यापारियों को शांत कराया। व्यापारियों ने एमडीए अधिकारियों पर अवैध निर्माणों को खड़ा करने का आरोप लगाया। कहा कि अधिकारियों पर भी तो एक्शन हो।
व्यापारियों का कहना था कि निर्माण पूर्ण होने के बाद ही विभाग द्वारा कार्रवाई की जाती है। निर्माण के दौरान विभागीय अधिकारी सेंटिग कर आंखे बंद कर भवन खड़ा करा देते हैं। धवस्तीकरण में मालिक से ज्यादा एमडीए अधिकारियों की लापरवाही होती है। नवीन गुप्ता ने कहा कि इस मामले में मंडलायुक्त से मिलकर अवैध निर्माण कराने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की जाएगी। शाहिद मंजूर, दीपक कामरा और नवीन गुप्ता ने एमडीए अधिकारियों को कांप्लेक्स के पेपर भी दिखाये। इस दौरान व्यापार संघ पदाधिकारी विजय आनंद, संदीप रेवड़ी, कमल ठाकुर, पवन मित्तल, सरदार दलजीत सिंह, उमेश शारदा सहित अन्य व्यापारी मौजूद रहे।
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5 घंटे तक अफरातफरी रही
मेरठ। पांच घंटे की धवस्तीकरण कार्रवाई के दौरान कांप्लेक्स रोड के आसपास अफरातफरी का माहौल रहा। पूर्व मंत्री शाहिद मंजूर के व्यावसायिक साझेदार दीपक कामरा साथियोें के साथ पेपर लेकर घूमते रहे। समायोजन के लिए 5 लॉख के ड्रॉफ्ट की कॉपी और अन्य पेपर भी दिखाये। इस दौरान कई बार अधिकारियों से लोगों की जमकर नोकझोंक हुई। मामला पूर्व मंत्री से जुड़ा होने के कारण पुलिस को पब्लिक द्वारा भारी विरोध का अंदेशा था। जिसके चलते पुलिस ने कांपलेक्स रोड़ को पूरी तरह बंद कर सोतीगंज की ओर रूट डायवर्जन कर दिया।
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जनप्रतिधि ही करा रहे अवैध निर्माण
सच संस्था के अध्यक्ष डॉ. संदीप पहल ने कहा है कि इस निर्माण से यह बात साफ हो रही है कि जन प्रतिनिधि ही अवैध निर्माण करा रहे है। यह कार्रवाई ठीक हुई है। उन्होंने कहा जब नेता और व्यापारी ही अवैध निर्माण कराएंगे तो आम आदमी से क्या उम्मीद की जा सकती है। यही कारण है कि अवैध निर्माणों की संख्या दिन प्रतिदिन बढती जा रही है।
कालेज की भी कर दी छुट्टी
ध्वस्तीकरण के दौरान इस कांप्लेक्स से सटे जगदीश शरण इंटर कालेज की भी छुट्टी कर दी गई। माना यह जा रहा था कि एक साथ कहीं कांप्लेक्स का ध्वस्तीकरण न हो जाए पर इससे आसपास की दुकानों तथा लोगों को खतरा हो सकता था। यही कारण रहा कि हथौड़ों से लेंटर पर काम किया गया। साथ ही बुलडोजर पहले नीचे की दुकानों के शटर तथा सीढ़ियों पर लगाए गए।
हापुड़ के दस जेई रहे मुस्तैद
मेरठ। ध्वस्तीकरण अभियान के दौरान जहां मेरठ की टीम सक्रिय रही तो वहीं हापुड़ पिलखुवा विकास प्राधिकरण के दस जेई भी मौके पर मुस्तैद रहे। चूंकि यहां अवर अभियंता हड़ताल पर हैं तो वहां से जेई बुलाए गए हैं।