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समस्या को लेकर डीएम से मिलेंगे किसान नेता
Updated Sun, 20 Aug 2017 01:52 AM IST
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समस्या को लेकर डीएम से मिलेंगे किसान नेता
दोघट/ दाहा (बागपत)। किसान अधिकारी आंदोलन के संयोजक चौधरी नरेंद्र राणा ने भड़ल गांव में पत्रकारों को बताया कर्म माफी योजना का लाभ सभी किसानों को मिले। अलग-अलग बैंकों से लिए गए एक लाख रुपये तक का कर्ज माफ किया जाए और सभी किसानों को इसका लाभ मिले। जो किसान इस लाभ से वंचित रह गए हैं, इनसे बिना ब्याज के मूल जमा कराया जाए। गोवंश हत्या रोकने के लिए एमएलए से लेकर राष्ट्रपति तक और चपरासी से लेकर मुख्य सचिव तक सभी अपने घरों में एक-एक गाय पाले, यह नीति अनिवार्य रूप से बनाई जाए। गन्ने का भुगतान मय ब्याज के अविलंब किया जाए। चौगामा नहर का निर्माण कार्य पूरा कराकर इसमें नियमित पानी दिया जाए और देवबंद नहर से जोड़ा जाए। ग्रामीण क्षेत्रों में अति जल दोहन रोकने के लिए पावर सप्लाई 8 घंटे और 16 घंटे दो फेस में दी जाए। ग्रामीण घरेलू बिजली के बिल 200 रुपये माह फ्लैट रेट से ही लिए जाए। पानी की बर्बादी रोकने के लिए घरेलू सबमर्सिबल के पानी पर मीटर लगाया जाए आदि विषय को लेकर किसान डीएम से चर्चा करेंगे। यदि डीएम ने किसानों को कोई संतोषजनक उत्तर नहीं दिया तो किसान आंदोलन की राह पकड़ सकते हैं।
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दोघट/ दाहा (बागपत)। किसान अधिकारी आंदोलन के संयोजक चौधरी नरेंद्र राणा ने भड़ल गांव में पत्रकारों को बताया कर्म माफी योजना का लाभ सभी किसानों को मिले। अलग-अलग बैंकों से लिए गए एक लाख रुपये तक का कर्ज माफ किया जाए और सभी किसानों को इसका लाभ मिले। जो किसान इस लाभ से वंचित रह गए हैं, इनसे बिना ब्याज के मूल जमा कराया जाए। गोवंश हत्या रोकने के लिए एमएलए से लेकर राष्ट्रपति तक और चपरासी से लेकर मुख्य सचिव तक सभी अपने घरों में एक-एक गाय पाले, यह नीति अनिवार्य रूप से बनाई जाए। गन्ने का भुगतान मय ब्याज के अविलंब किया जाए। चौगामा नहर का निर्माण कार्य पूरा कराकर इसमें नियमित पानी दिया जाए और देवबंद नहर से जोड़ा जाए। ग्रामीण क्षेत्रों में अति जल दोहन रोकने के लिए पावर सप्लाई 8 घंटे और 16 घंटे दो फेस में दी जाए। ग्रामीण घरेलू बिजली के बिल 200 रुपये माह फ्लैट रेट से ही लिए जाए। पानी की बर्बादी रोकने के लिए घरेलू सबमर्सिबल के पानी पर मीटर लगाया जाए आदि विषय को लेकर किसान डीएम से चर्चा करेंगे। यदि डीएम ने किसानों को कोई संतोषजनक उत्तर नहीं दिया तो किसान आंदोलन की राह पकड़ सकते हैं।