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खाद्यान्न घोटाला पकड़ने को एसआईटी जांच की संस्तुति
Updated Wed, 26 Jul 2017 02:50 AM IST
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खाद्यान्न घोटाला में एसआईटी जांच की संस्तुति
डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने की थी मुख्यमंत्री से शिकायत
मेरठ। आपूर्ति विभाग द्वारा मेरठ में खाद्यान्न घोटाला किए जाने के भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी की शिकायत पर एसआईटी जांच की स्वीकृति हो गई है। प्रमुख सचिव गृह ने इस मामले में मंगलवार को बैठक में स्वीकृति जारी की।
डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने एक जून को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से कहा था कि मेरठ में एक जनवरी 2016 से मई 2017 तक भारी खाद्यान्न घोटाला हुआ है। उनके द्वारा यह मामला उठाये जाने के बाद अचानक मई माह में चावल और गेहूं का कुल 12879 क्विंटल राशन का कोटा कम कर दिया गया। ऐसे में साफ है कि इस दौरान आपूर्ति विभाग ने फर्जी तरीके से खाद्यान्न लिया और कालाबाजारी में बेच दिया। इसमें आपूर्ति विभाग ने 2.19 करोड़ से अधिक का घोटाला किया। वाजपेयी इस शिकयत पर मुख्यमंत्री कार्यालय से प्रमुख सचिव गृह को पत्र जारी किया गया। मंगलवार को हुई बैठक में प्रमुख सचिव गृह ने इस मामले में एसआईटी जांच की स्वीकृति प्रदान कर दी है। वहीं सूत्राें का कहना है कि मेरठ में होने वाली जांच में यदि खाद्यान्न घोटाला पकड़ा गया तो पूरे प्रदेश में इसकी जांच हो सकती है।
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डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने की थी मुख्यमंत्री से शिकायत
मेरठ। आपूर्ति विभाग द्वारा मेरठ में खाद्यान्न घोटाला किए जाने के भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी की शिकायत पर एसआईटी जांच की स्वीकृति हो गई है। प्रमुख सचिव गृह ने इस मामले में मंगलवार को बैठक में स्वीकृति जारी की।
डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने एक जून को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से कहा था कि मेरठ में एक जनवरी 2016 से मई 2017 तक भारी खाद्यान्न घोटाला हुआ है। उनके द्वारा यह मामला उठाये जाने के बाद अचानक मई माह में चावल और गेहूं का कुल 12879 क्विंटल राशन का कोटा कम कर दिया गया। ऐसे में साफ है कि इस दौरान आपूर्ति विभाग ने फर्जी तरीके से खाद्यान्न लिया और कालाबाजारी में बेच दिया। इसमें आपूर्ति विभाग ने 2.19 करोड़ से अधिक का घोटाला किया। वाजपेयी इस शिकयत पर मुख्यमंत्री कार्यालय से प्रमुख सचिव गृह को पत्र जारी किया गया। मंगलवार को हुई बैठक में प्रमुख सचिव गृह ने इस मामले में एसआईटी जांच की स्वीकृति प्रदान कर दी है। वहीं सूत्राें का कहना है कि मेरठ में होने वाली जांच में यदि खाद्यान्न घोटाला पकड़ा गया तो पूरे प्रदेश में इसकी जांच हो सकती है।
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