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मंगतपुरम में कूड़े पर हाईकोर्ट में पीआईएल खारिज
Updated Tue, 02 Oct 2018 02:17 AM IST
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मंगतपुरम के कूड़े पर निगम को राहत, याचिकाकर्ता को नोटिस
मेरठ। मंगतपुरम में कूड़े की पहाड़ी को लेकर हाईकोर्ट में डाली गई पीआईएल न्यायालय ने खारिज कर दी है। इतना ही नहीं याचिकाकर्ता को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। न्यायालय की कार्रवाई से नगर निगम प्रशासन ने राहत की सांस ली है। हालांकि नगर निगम प्रशासन ने न्यायालय में पक्ष दाखिल किया है कि वह शीघ्र ही कूड़े का निस्तारण करेगा।
दिल्ली रोड स्थित मंगतपुरम में कूड़े का ढेर हैं। जिसके विरोध में विपिन कुमार ने हाईकोर्ट में पीआईएल दाखिल की थी। जिसकी पैरवी आरटीआई कार्यकर्ता लोकेश खुराना कर रहे थे। सोमवार को हाईकोर्ट में इस मामले पर सुनवाई थी। नगर निगम के संपत्ति अधिकारी राजेश कुमार सिंह ने बताया कि न्यायालय में याचिका विपिन कुमार ने डाली है, लेकिन शपथ पत्र लोकेश खुराना ने अपने नाम से लगाया है। जिसको लेकर न्यायालय ने याचिका कर्ता को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया है। संपत्ति अधिकारी ने बताया कि नगर निगम ने न्यायालय में अपना पक्ष रख दिया है कि कूड़ा निस्तारण के लिए कंपनियों से ऑफर मांगे गए हैं। दो कंपनियों ने कूड़ा निस्तारण के लिए प्रजेंटेशन भी दी है। शीघ्र ही कूड़े का निस्तारण हो जाएगा। इस संबंध में लोकेश खुराना का कहना है कि न्यायालय ने हमारे खिलाफ क्या कार्रवाई की है। इसकी जानकारी नहीं है। लेकिन हम जनहित के लिए न्यायालय गए थे।
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मेरठ। मंगतपुरम में कूड़े की पहाड़ी को लेकर हाईकोर्ट में डाली गई पीआईएल न्यायालय ने खारिज कर दी है। इतना ही नहीं याचिकाकर्ता को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। न्यायालय की कार्रवाई से नगर निगम प्रशासन ने राहत की सांस ली है। हालांकि नगर निगम प्रशासन ने न्यायालय में पक्ष दाखिल किया है कि वह शीघ्र ही कूड़े का निस्तारण करेगा।
दिल्ली रोड स्थित मंगतपुरम में कूड़े का ढेर हैं। जिसके विरोध में विपिन कुमार ने हाईकोर्ट में पीआईएल दाखिल की थी। जिसकी पैरवी आरटीआई कार्यकर्ता लोकेश खुराना कर रहे थे। सोमवार को हाईकोर्ट में इस मामले पर सुनवाई थी। नगर निगम के संपत्ति अधिकारी राजेश कुमार सिंह ने बताया कि न्यायालय में याचिका विपिन कुमार ने डाली है, लेकिन शपथ पत्र लोकेश खुराना ने अपने नाम से लगाया है। जिसको लेकर न्यायालय ने याचिका कर्ता को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया है। संपत्ति अधिकारी ने बताया कि नगर निगम ने न्यायालय में अपना पक्ष रख दिया है कि कूड़ा निस्तारण के लिए कंपनियों से ऑफर मांगे गए हैं। दो कंपनियों ने कूड़ा निस्तारण के लिए प्रजेंटेशन भी दी है। शीघ्र ही कूड़े का निस्तारण हो जाएगा। इस संबंध में लोकेश खुराना का कहना है कि न्यायालय ने हमारे खिलाफ क्या कार्रवाई की है। इसकी जानकारी नहीं है। लेकिन हम जनहित के लिए न्यायालय गए थे।
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