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एडवाइजरी कमेटी की विजिट में मेरठ कॉलेज के स्टार डिपार्टमेंट ओके
Updated Wed, 05 Sep 2018 02:21 AM IST
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मेरठ कॉलेज के पांच विभाग ओके
मेरठ। मेरठ कॉलेज में मंगलवार को यूजीसी, सीपीई तृतीय चरण की एडवाइजरी कमेटी ने विजिट किया। कॉलेज के पांच स्टार डिपार्टमेंट डिफ्रेंस स्ट्डीज, रसायन विज्ञान, जंतु विज्ञान, वनस्पति विज्ञान और भौतिक विज्ञान विभाग में कार्यों की भौतिक समीक्षा की। एडवाजरी कमेटी के सामने विभागों द्वारा कराए गए रिसर्च और प्रोजेक्ट के बारे में जानकारी दी। एडवाइजरी कमेटी ने पांच डिपार्टमेंट को ओके रिपोर्ट दे दी है।
एडवाइजरी कमेटी की टीम में चेयरमैन डॉ. वीए वौराई, प्राचार्य एसजीआरआरपीजी कॉलेज देहरादून एवं सदस्य आभा बंसल और एसए जैन पीजी कॉलेज अंबाला की प्राचार्य शामिल रहीं। टीम के सामने पांचों स्टार डिपार्टमेंट के शिक्षकों ने प्रजेंटेशन दिया। टीम को बताया कि डिफेंस स्ट्डीज विभाग में 16 प्रोजेक्ट पूरे कराए गए। 14 वर्कशॉप-संगोष्ठी कराई गई। यूजीसी और आईसीएसआर द्वारा 10 पोस्ट डॉक्टरेल फेलोशिप कराई गई। विभाग के डॉ. संजय कुमार को यूनाटेड सर्विस इंस्टीट्यूशन द्वारा विजिटिंग फेलो 2026 तक बनाया गया है। डॉ. अनुराग जायसवाल को भी 2026 तक विजिटिंग फेलो बनाया गया है।
जंतु विज्ञान विभाग ने सीपीई के तहत उच्च कोटि के शोध अपनी प्रयोगशाला में किए हैं। विभागाध्यक्ष डॉ. नीरज कुमार को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर विश्व प्रसिद्ध शोध जर्नल का एसोसिएट एडिटर बनाया गया है। यह स्विटजरलैंड से प्रकाशित होती है। डॉ. प्रगति रस्तोगी को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कार प्रदान किया गया है। टीम को बताया कि जंतु विज्ञान विभाग ने अंतर्राष्ट्रीय स्तर का म्यूजियम तैयार किया।
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शिक्षकों ने बताया कि रसायन विज्ञान विभाग में सीपीई के तहत शानदार लैब बनाई गई है। फैकल्टी द्वारा 10 पुस्तकों का प्रकाशन कराया गया। वनस्पति विज्ञान विभाग के बारे में बताया कि यहां पर डीबीटी द्वारा स्वीकृत 1 करोड़ चार लाख की परियोजना चल रही है।
लैब और स्मार्ट क्लास देखी
एडवाजरी कमेटी के सदस्यों ने पांचों स्टार डिपार्टमेंट में ग्रांट से मिली रकम द्वारा कराए गए कार्यों की भौतिक समीक्षा की। इस रकम से पांचों विभाग की लैब को अपग्रेड किया गया। थीसिस में चोरी पकड़ने के लिए इन विभागों में सॉफ्टवेयर मंगाए गए हैं। इसके साथ ही स्मार्ट क्लास बनाई गई हैं।
चौथे फेज के लिए मिलेगी बड़ी ग्रांट
एडवाइजरी कमेटी की तरफ से स्टार डिपार्टमेंट में कराए गए कार्यों की समीक्षा करते हुए ओके रिपोर्ट दी है। ऐसे में 14 और 15 सितंबर को नैक टीम के निरीक्षण के बाद ए ग्रेड मिलने पर कॉलेज को पिछली बार के मुकाबले चौथे फेज के लिए तीन गुना रकम मिलेेगी। प्रथम फेज में कॉलेज को 2006 से 2010 के बीच 60 लाख रुपये की ग्रांट मिली थी। दूसरे फेज में 2010 से 2015 के बीच 50 लाख मिले थे। तीसरे फेज में कॉलेज को ए ग्रेड मिलने के बाद 2015 से 2020 तक एक करोड़ तीस लाख रुपये की ग्रांट मिली। चतुर्थ फेज में अगर कॉलेज को ए ग्रेड ही मिला तो चार करोड़ से ज्यादा की रकम मिल जाएगी।
ये शिक्षक रहे मौजूद
एडवाइजरी कमेटी ने सीपीई के कोऑर्डिनेटर डॉ. नीरज कुमार, डॉ. संजय कुमार, डॉ. राजीव राठौर और प्राचार्या डॉ. आशा चंद्रा के नेतृत्व में पांचों विभागों का निरीक्षण किया।
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मेरठ। मेरठ कॉलेज में मंगलवार को यूजीसी, सीपीई तृतीय चरण की एडवाइजरी कमेटी ने विजिट किया। कॉलेज के पांच स्टार डिपार्टमेंट डिफ्रेंस स्ट्डीज, रसायन विज्ञान, जंतु विज्ञान, वनस्पति विज्ञान और भौतिक विज्ञान विभाग में कार्यों की भौतिक समीक्षा की। एडवाजरी कमेटी के सामने विभागों द्वारा कराए गए रिसर्च और प्रोजेक्ट के बारे में जानकारी दी। एडवाइजरी कमेटी ने पांच डिपार्टमेंट को ओके रिपोर्ट दे दी है।
एडवाइजरी कमेटी की टीम में चेयरमैन डॉ. वीए वौराई, प्राचार्य एसजीआरआरपीजी कॉलेज देहरादून एवं सदस्य आभा बंसल और एसए जैन पीजी कॉलेज अंबाला की प्राचार्य शामिल रहीं। टीम के सामने पांचों स्टार डिपार्टमेंट के शिक्षकों ने प्रजेंटेशन दिया। टीम को बताया कि डिफेंस स्ट्डीज विभाग में 16 प्रोजेक्ट पूरे कराए गए। 14 वर्कशॉप-संगोष्ठी कराई गई। यूजीसी और आईसीएसआर द्वारा 10 पोस्ट डॉक्टरेल फेलोशिप कराई गई। विभाग के डॉ. संजय कुमार को यूनाटेड सर्विस इंस्टीट्यूशन द्वारा विजिटिंग फेलो 2026 तक बनाया गया है। डॉ. अनुराग जायसवाल को भी 2026 तक विजिटिंग फेलो बनाया गया है।
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जंतु विज्ञान विभाग ने सीपीई के तहत उच्च कोटि के शोध अपनी प्रयोगशाला में किए हैं। विभागाध्यक्ष डॉ. नीरज कुमार को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर विश्व प्रसिद्ध शोध जर्नल का एसोसिएट एडिटर बनाया गया है। यह स्विटजरलैंड से प्रकाशित होती है। डॉ. प्रगति रस्तोगी को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कार प्रदान किया गया है। टीम को बताया कि जंतु विज्ञान विभाग ने अंतर्राष्ट्रीय स्तर का म्यूजियम तैयार किया।
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शिक्षकों ने बताया कि रसायन विज्ञान विभाग में सीपीई के तहत शानदार लैब बनाई गई है। फैकल्टी द्वारा 10 पुस्तकों का प्रकाशन कराया गया। वनस्पति विज्ञान विभाग के बारे में बताया कि यहां पर डीबीटी द्वारा स्वीकृत 1 करोड़ चार लाख की परियोजना चल रही है।
लैब और स्मार्ट क्लास देखी
एडवाजरी कमेटी के सदस्यों ने पांचों स्टार डिपार्टमेंट में ग्रांट से मिली रकम द्वारा कराए गए कार्यों की भौतिक समीक्षा की। इस रकम से पांचों विभाग की लैब को अपग्रेड किया गया। थीसिस में चोरी पकड़ने के लिए इन विभागों में सॉफ्टवेयर मंगाए गए हैं। इसके साथ ही स्मार्ट क्लास बनाई गई हैं।
चौथे फेज के लिए मिलेगी बड़ी ग्रांट
एडवाइजरी कमेटी की तरफ से स्टार डिपार्टमेंट में कराए गए कार्यों की समीक्षा करते हुए ओके रिपोर्ट दी है। ऐसे में 14 और 15 सितंबर को नैक टीम के निरीक्षण के बाद ए ग्रेड मिलने पर कॉलेज को पिछली बार के मुकाबले चौथे फेज के लिए तीन गुना रकम मिलेेगी। प्रथम फेज में कॉलेज को 2006 से 2010 के बीच 60 लाख रुपये की ग्रांट मिली थी। दूसरे फेज में 2010 से 2015 के बीच 50 लाख मिले थे। तीसरे फेज में कॉलेज को ए ग्रेड मिलने के बाद 2015 से 2020 तक एक करोड़ तीस लाख रुपये की ग्रांट मिली। चतुर्थ फेज में अगर कॉलेज को ए ग्रेड ही मिला तो चार करोड़ से ज्यादा की रकम मिल जाएगी।
ये शिक्षक रहे मौजूद
एडवाइजरी कमेटी ने सीपीई के कोऑर्डिनेटर डॉ. नीरज कुमार, डॉ. संजय कुमार, डॉ. राजीव राठौर और प्राचार्या डॉ. आशा चंद्रा के नेतृत्व में पांचों विभागों का निरीक्षण किया।