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सात साल से गंगापुल पर हरियाली की काली छाया
Updated Tue, 20 Feb 2018 02:20 AM IST
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एक साल में पूरा हो जाएगा पुल निर्माण
मेरठ।
हस्तिनापुर भिकुंड मेें गंगा पर पुल का निर्माण एक साल में पूरा हो जाएगा। पुल निर्माण में अड़ंगा बने पेड़ों को हटाने के लिए प्रदेश सरकार ने एक करोड़ रुपये जारी कर दिए हैं। यह धनराशि वन विभाग को भेजी जाएगी। जिसके बाद वन विभाग पीडब्लूडी को एनओसी जारी करेगा। साथ ही वन विभाग अपने पेड़ कटवाने का काम शुरू करेगा। पीडब्लूडी, सेतु निगम अपना कार्य शुरू करेंगे। पुल बनने के बाद मेरठ से चांदपुर की दूरी घट जाएगी।
139.47 करोड़ होन है खर्च
गंगा पुल और पुल के दोनों ओर सड़कों के निर्माण पर 139.47 करोड़ रुपये खर्च होंगे। जहां पीडब्लूडी मार्ग का निर्माण करेगा और सेतु निगम पुल निर्माण का कार्य पूरा करेगा। जिस प्रकार से सरकार पुल निर्माण को लेकर गंभीर है, उससे साफ जाहिर होता है कि 2019 से पहले ही मेरठ और बिजनौर जनपद के चांदपुर सहित बड़े इलाके की जनता को गंगापुल की सौगात मिल जाएगी।
आधी रह जाएगी मेरठ से चांदपुर की दूरी
हस्तिनापुर भिकुंड में गंगा का पुल बनने के बाद मेरठ और चांदपुर की दूरी आधी रह जाएगी। फिलहाल मेरठ की जनता को चांदपुर जाने के लिए वाया बिजनौर या वाया ब्रजघाट, गजरोला होते हुए जाना पड़ता है। यानी कुल मिलाकर लगभग 100 किलोमीटर दूरी बैठती है।
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बसपा सरकार में शुरू हुआ था पुल निर्माण
करीब आठ साल पहले बसपा सरकार में हस्तिनापुर के भिकुंड में गंगा पुल बनाने का मसौदा तैयार किया गया था। एक साल केभीतर पुल निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया था। 2012 में बसपा की सरकार चली गई थी। पूर्व की सपा सरकार ने पुल निर्माण को गंभीरता से नहीं लिया। अब उप्र की योगी सरकार ने मेरठ और चांदपुर की दूरी को कम करने के लिए गंगापुल निर्माण को गंभीरता से लिया है।
ये है गंगापुल और सड़क का लेखाजोखा
दो लेन पुल की लंबाई 690 मीटर
पुल से मेरठ की तरफ सड़क की लंबाई 4.75 किमी
पुल से चांदपुर की तरफ सड़क की लंबाई 5.50 किमी
शासन से एक करोड़ रुपये मिल चुके हैं, जो वन विभाग को भेजे जाएंगे। शीघ्र ही विभाग अपने स्तर से वन विभाग से एनओसी ले लेगा। उसके बाद शीघ्र ही पुल पर निर्माण शुरू हो जाएगा। प्रताप सिंह, अधिशासी अभियंता, पीडब्लूडी
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मेरठ।
हस्तिनापुर भिकुंड मेें गंगा पर पुल का निर्माण एक साल में पूरा हो जाएगा। पुल निर्माण में अड़ंगा बने पेड़ों को हटाने के लिए प्रदेश सरकार ने एक करोड़ रुपये जारी कर दिए हैं। यह धनराशि वन विभाग को भेजी जाएगी। जिसके बाद वन विभाग पीडब्लूडी को एनओसी जारी करेगा। साथ ही वन विभाग अपने पेड़ कटवाने का काम शुरू करेगा। पीडब्लूडी, सेतु निगम अपना कार्य शुरू करेंगे। पुल बनने के बाद मेरठ से चांदपुर की दूरी घट जाएगी।
139.47 करोड़ होन है खर्च
गंगा पुल और पुल के दोनों ओर सड़कों के निर्माण पर 139.47 करोड़ रुपये खर्च होंगे। जहां पीडब्लूडी मार्ग का निर्माण करेगा और सेतु निगम पुल निर्माण का कार्य पूरा करेगा। जिस प्रकार से सरकार पुल निर्माण को लेकर गंभीर है, उससे साफ जाहिर होता है कि 2019 से पहले ही मेरठ और बिजनौर जनपद के चांदपुर सहित बड़े इलाके की जनता को गंगापुल की सौगात मिल जाएगी।
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आधी रह जाएगी मेरठ से चांदपुर की दूरी
हस्तिनापुर भिकुंड में गंगा का पुल बनने के बाद मेरठ और चांदपुर की दूरी आधी रह जाएगी। फिलहाल मेरठ की जनता को चांदपुर जाने के लिए वाया बिजनौर या वाया ब्रजघाट, गजरोला होते हुए जाना पड़ता है। यानी कुल मिलाकर लगभग 100 किलोमीटर दूरी बैठती है।
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बसपा सरकार में शुरू हुआ था पुल निर्माण
करीब आठ साल पहले बसपा सरकार में हस्तिनापुर के भिकुंड में गंगा पुल बनाने का मसौदा तैयार किया गया था। एक साल केभीतर पुल निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया था। 2012 में बसपा की सरकार चली गई थी। पूर्व की सपा सरकार ने पुल निर्माण को गंभीरता से नहीं लिया। अब उप्र की योगी सरकार ने मेरठ और चांदपुर की दूरी को कम करने के लिए गंगापुल निर्माण को गंभीरता से लिया है।
ये है गंगापुल और सड़क का लेखाजोखा
दो लेन पुल की लंबाई 690 मीटर
पुल से मेरठ की तरफ सड़क की लंबाई 4.75 किमी
पुल से चांदपुर की तरफ सड़क की लंबाई 5.50 किमी
शासन से एक करोड़ रुपये मिल चुके हैं, जो वन विभाग को भेजे जाएंगे। शीघ्र ही विभाग अपने स्तर से वन विभाग से एनओसी ले लेगा। उसके बाद शीघ्र ही पुल पर निर्माण शुरू हो जाएगा। प्रताप सिंह, अधिशासी अभियंता, पीडब्लूडी