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शनिवार को तय होगी जिला पंचायत चुनाव की दिशा
Updated Thu, 17 Aug 2017 03:16 AM IST
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- जिला पंचायत उपचुनाव की शनिवार को तय होगी दिशा
- सपना के नामांकन वापसी के लिए संगीत सोम पर बनाया जा रहा दबाव
अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ। जिला पंचायत अध्यक्ष उपचुनाव की तस्वीर शनिवार को पूरी तरह साफ होगी। क्योंकि भाजपाई अब इस चुनाव को प्रतिष्ठा का प्रश्न बनाकर दबाव की रणनीति पर उतर आए हैं। सदस्यों पर शिकंजा कसने के साथ ही विधायक संगीत सोम पर भी दबाव बनाने की कोशिश की जा रही है।
बुधवार को नामांकन के बाद दोनों प्रत्याशियों कुलविंदर सिंह और सपना हुड्डा के नामांकन वैध पाये गये हैं। अब शनिवार 19 अगस्त को नामांकन वापसी का दिन है और 22 अगस्त को मतदान होना है। ऐसे में भाजपाई खेेमे का प्रयास है कि 19 अगस्त को किसी भी तरह दबाव की रणनीति अपनाकर सपना हुड्डा का नामांकन वापस करा दिया जाये। इसके लिए भाजपाई खेमे ने आला नेतृत्व के साथ ही संघ परिवार से भी संपर्क साधना शुरू कर दिया है। इस मामले में कुछ संघ परिवार के लोग मंगलवार और बुधवार को हस्तक्षेप करते भी नजर आये।
सूत्राें के अनुसार संघ के एक नेता ने प्रत्याशी बदलने का सुझाव दिया था। लेकिन भाजपाई खेमे ने उसे अनसुना कर दिया। संघ नेता का मानना था कि प्रत्याशी बदलने से यदि विवाद शांत होता है तो उसे शांत कर चुनाव संपन्न करा लिया जाए। लेकिन अब स्थिति गंभीर हो चली है। भाजपाइयाें के बीच ही वर्चस्व की जंग छिड़ गयी है। भाजपा सूत्रों का कहना है कि विधायक ठा. संगीत सोम पर पार्टी हाईकमान की तरफ से दबाव बनाने की रणनीति शुरू हो चुकी है। उम्मीद है कि 19 अगस्त तक वह सपना हुड्डा का पर्चा वापस कराएंगे या उसका समर्थन बंद कर भाजपाई खेमे का साथ देंगे।
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वहीं, दूसरे खेमे का कहना है कि अब पर्चा वापसी मुश्किल है, क्योंकि सपना हुड्डा गुट चुनाव में अपनी पूरी ताकत झोंक चुका है। ऐसे में पर्चा वापसी के समझौते का पालन भाजपाई खेेमे के लिए आसान नहीं होगा। जिसके चलते चुनाव होता नजर आ रहा है। यह बात अलग है कि दबाव की रणनीति में चुनाव किस दिशा में जाएगा, इसे लेकर सभी अपने दावे ठोक रहे हैं।
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- सपना के नामांकन वापसी के लिए संगीत सोम पर बनाया जा रहा दबाव
अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ। जिला पंचायत अध्यक्ष उपचुनाव की तस्वीर शनिवार को पूरी तरह साफ होगी। क्योंकि भाजपाई अब इस चुनाव को प्रतिष्ठा का प्रश्न बनाकर दबाव की रणनीति पर उतर आए हैं। सदस्यों पर शिकंजा कसने के साथ ही विधायक संगीत सोम पर भी दबाव बनाने की कोशिश की जा रही है।
बुधवार को नामांकन के बाद दोनों प्रत्याशियों कुलविंदर सिंह और सपना हुड्डा के नामांकन वैध पाये गये हैं। अब शनिवार 19 अगस्त को नामांकन वापसी का दिन है और 22 अगस्त को मतदान होना है। ऐसे में भाजपाई खेेमे का प्रयास है कि 19 अगस्त को किसी भी तरह दबाव की रणनीति अपनाकर सपना हुड्डा का नामांकन वापस करा दिया जाये। इसके लिए भाजपाई खेमे ने आला नेतृत्व के साथ ही संघ परिवार से भी संपर्क साधना शुरू कर दिया है। इस मामले में कुछ संघ परिवार के लोग मंगलवार और बुधवार को हस्तक्षेप करते भी नजर आये।
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सूत्राें के अनुसार संघ के एक नेता ने प्रत्याशी बदलने का सुझाव दिया था। लेकिन भाजपाई खेमे ने उसे अनसुना कर दिया। संघ नेता का मानना था कि प्रत्याशी बदलने से यदि विवाद शांत होता है तो उसे शांत कर चुनाव संपन्न करा लिया जाए। लेकिन अब स्थिति गंभीर हो चली है। भाजपाइयाें के बीच ही वर्चस्व की जंग छिड़ गयी है। भाजपा सूत्रों का कहना है कि विधायक ठा. संगीत सोम पर पार्टी हाईकमान की तरफ से दबाव बनाने की रणनीति शुरू हो चुकी है। उम्मीद है कि 19 अगस्त तक वह सपना हुड्डा का पर्चा वापस कराएंगे या उसका समर्थन बंद कर भाजपाई खेमे का साथ देंगे।
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वहीं, दूसरे खेमे का कहना है कि अब पर्चा वापसी मुश्किल है, क्योंकि सपना हुड्डा गुट चुनाव में अपनी पूरी ताकत झोंक चुका है। ऐसे में पर्चा वापसी के समझौते का पालन भाजपाई खेेमे के लिए आसान नहीं होगा। जिसके चलते चुनाव होता नजर आ रहा है। यह बात अलग है कि दबाव की रणनीति में चुनाव किस दिशा में जाएगा, इसे लेकर सभी अपने दावे ठोक रहे हैं।