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बसंत पंचमी आज, अनसूझ होंगे शुभ मुहूर्त कार्य
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बसंत पंचमी आज, अनसूझ होंगे शुभ मुहूर्त कार्य
मेरठ। बसंत पंचमी आज है। जहां मां सरस्वती पूजन का विशेष महत्व है वहीं आज अनसूझ शुभ मुहूर्त कार्य हो सकते हैं। आज ही के दिन होलिका स्थलों पर पूजन किया जाएगा। शादियों की भी भरमार रहेगी।
ज्योतिष पं. विनोद त्यागी के अनुसार बसंत पंचमी सुबह से प्रारंभ होकर दोपहर दो बजकर आठ मिनट तक रहेगी। यह सरस्वती पूजन का त्योहार है। भारतीय संस्कृति के अनुसार इसी दिन विद्यालय में बच्चे को पहला अक्षर लिखना सिखाया जाता था। जिस समय सृष्टि की रचना हुई तो प्रकृति चेतना विहीन थी। इसी दिन ब्रह्माजी ने अपने कमंडल से जल छिड़का प्रकृति में चेतना आई। इस दिन पीली खिचड़ी बनाने का भी महत्व है। दान किया जाता है और मां सरस्वती की पूजा होती है। बसंत ऋतु का आगमन पर शहर और देहात में जहां पर भी होलिका रखी जाती हैं उन सभी स्थानों का आज के दिन पूजन किया जाता है। इनका कहना है कि बसंत पंचमी को अनसूझ शादियां होती हैं। इसलिए रविवार को शादियां रहेंगी।
खास बातें:
- मां सरस्वती की पूजा का है बड़ा महत्व
- होलिका स्थलों पर होगी विशेष पूजा
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मेरठ। बसंत पंचमी आज है। जहां मां सरस्वती पूजन का विशेष महत्व है वहीं आज अनसूझ शुभ मुहूर्त कार्य हो सकते हैं। आज ही के दिन होलिका स्थलों पर पूजन किया जाएगा। शादियों की भी भरमार रहेगी।
ज्योतिष पं. विनोद त्यागी के अनुसार बसंत पंचमी सुबह से प्रारंभ होकर दोपहर दो बजकर आठ मिनट तक रहेगी। यह सरस्वती पूजन का त्योहार है। भारतीय संस्कृति के अनुसार इसी दिन विद्यालय में बच्चे को पहला अक्षर लिखना सिखाया जाता था। जिस समय सृष्टि की रचना हुई तो प्रकृति चेतना विहीन थी। इसी दिन ब्रह्माजी ने अपने कमंडल से जल छिड़का प्रकृति में चेतना आई। इस दिन पीली खिचड़ी बनाने का भी महत्व है। दान किया जाता है और मां सरस्वती की पूजा होती है। बसंत ऋतु का आगमन पर शहर और देहात में जहां पर भी होलिका रखी जाती हैं उन सभी स्थानों का आज के दिन पूजन किया जाता है। इनका कहना है कि बसंत पंचमी को अनसूझ शादियां होती हैं। इसलिए रविवार को शादियां रहेंगी।
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खास बातें:
- मां सरस्वती की पूजा का है बड़ा महत्व
- होलिका स्थलों पर होगी विशेष पूजा