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एलीवेटिड रोड

Sat, 10 Mar 2018 02:24 AM IST
Updated Sat, 10 Mar 2018 02:24 AM IST
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एलीवेटिड रोड
इस इकरार से एमडीए पर पड़ेगी 300 करोड़ की मार
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मेरठ। बेगमपुल से लेकर हापुड़ अड्डे तक एलीवेटेड रोड को मेट्रो की डीपीआर में शामिल करने पर लखनऊ मेट्रो रेल कारपोरेशन (एलएमआरसी) ने सहमति जता दी है। साथ ही शर्त भी लगा दी है कि एलीवेटेड रोड के निर्माण पर आने वाला खर्च स्थानीय विभागों को खुद ही वहन करना होगा। इससे एमडीए तथा अन्य विभागों पर लगभग तीन सौ करोड़ रुपये की मार पड़ेगी।
बेगमपुल से हापुड़ अड्डे के बीच एक ही पिलर पर एलीवेटेड रोड और उसके ऊपर मेट्रो ट्रेन फर्राटा भरेगी। तकनीकी रूप से हरी झंडी मिलने के बाद इसके डिजाइन एवं प्रस्ताव को तैयार कर लिया गया है। दरअसल बेगमपुल पर फ्लाईओवर बनाए जाने की मंशा को लेकर जो प्लान बना, उससे ही नए प्रस्ताव और डिजायन का जन्म हुआ। व्यापारियों ने यहां बेगमपुल पर फ्लाईओवर का विरोध शुरू किया। लेकिन तकनीकी टीम ने इसे हरी झंडी दे दी। एलएमआरसी तथा नेशनल कैपिटल रीजन ट्रांसपोर्ट कारपोरेशन (एनसीआरटीसी) की टीम ने संयुक्त दौरा किया। कहा कि यह सही है। एक ही पिलर पर फ्लाईओवर और मेट्रो चल सकती है। बाद में आयुक्त डॉ. प्रभात कुमार के साथ हुई बैठक में एक नए अहम प्रस्ताव ने आकार लिया। तय हुआ कि यदि बेगमपुल से लेकर हापुड़ अड्डे तक ही एलीवेटेड रोड बन जाए तो निकट भविष्य में सुगम यातायात की संभावनाएं पूरी तरह से परिपक्व हो जाएंगी।
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नागपुर, कोच्चि और जयपुर का लिया उदाहरण
एनसीआरटीसी तथा एलएमआरसी की टीम ने इसके लिए नागपुर, कोच्चि और जयपुर का उदाहरण लिया। कहा कि इन स्थानों पर मेट्रो के अलावा स्थलीय यातायात समस्या सामने आई तो एलीवेटेड रोड बनी। मेरठ में भी यह काम हो सकता है। सिंगल पिलर पर ही नीचे एलीवेटेड रोड और उसके ऊपर मेट्रो चल सकती है।
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आयुक्त के प्रस्ताव को दी सहमति
इस बाबत आयुक्त डॉ. प्रभात कुमार ने एलएमआरसी अधिकारियों को पत्र लिखा कि मेट्रो की डीपीआर में ही एलीवेटेड रोड को भी शामिल कर लिया जाए। चूंकि दोनों का एक ही एलाइनमेंट है। इस पर एलएमआरसी के प्रबंध निदेशक कुमार केशव ने इस पर सहमति जताते हुए प्रदेश सरकार आवास एवं शहरी नियोजन विभाग लखनऊ के अनुसचिव को पत्र लिखा है। कहा है कि मेट्रो रेल परियोजना के क्रियान्वयन के समय डिटेल्ड डिजाइन की स्टेज पर फ्लाईओवर एलीवेटिड रोड निर्माण को शामिल किया जा सकता है।
लेकिन खर्च वहन करना होगा
साथ ही प्रबंध निदेशक ने शर्त लगा दी है कि भले ही इसका क्रियान्वयन मेट्रो के डिपोजिट वर्क के रूप में होगा। लेकिन इसका खर्च स्थानीय विभाग जैसे एमडीए, निगम या अन्य निकाय को ही उठाना होगा। नागपुर, कोच्चि तथा जयपुर में भी ऐसा ही हुआ है।
जुटाने होंगे तीन सौ करोड़
एलीवेटेड रोड पर लगभग तीन सौ करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसकी मार मुख्य रूप से एमडीए पर पड़ेगी। इसके अलावा अन्य विभागों को भी अपना अपना हिस्सा देना होगा। एमडीए धन जुटाने के प्रयास में अभी से लग गया है। लगातार शमन शुल्क जुटाया जा रहा है, तो वहीं विकास शुल्क के लिए भी बिल्डरों पर आरसी जारी की जा रही है। अब तक पचास करोड़ रुपये की आरसी एमडीए जारी कर चुका है।

यह सकारात्मक कदम
यह एक बड़ा सकारात्मक कदम है कि मेट्रो की डीपीआर में एलीवेटेड रोड भी शामिल होगी। पैसा तो हम अपने संसाधनों से जुटा लेंगे। एमडीए, निगम तथा आवास विकास मुख्य रूप से पैसा देंगे। लेकिन यह रोड मेरठ की सूरत बदल देगी। - डॉ. प्रभात कुमार, आयुक्त मेरठ


खास बातें:
एलएमआरसी ने बेगमपुल से हापुड़ अड्डे तक एलीवेटेड रोड को मेट्रो डीपीआर में ही शामिल करने पर जताई सहमति
साथ में लगाई शर्त, इसका खर्च स्वयं संबंधित निकाय, प्राधिकरण को ही करना होगा
तीन सौ करोड़ होंगे इस एलीवेटेड रोड पर खर्च
एक ही पिलर पर रोड और मेट्रो का मॉडर्न डिजाइन
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