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किसानों ने गुलावठी में बाईपास निर्माण रोकने की चेतावनी दी

Fri, 21 Jun 2019 01:53 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Fri, 21 Jun 2019 01:53 AM IST
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किसानों ने गुलावठी में बाईपास निर्माण रोकने की चेतावनी दी
किसानों ने गुलावठी में बाईपास निर्माण रोकने की चेतावनी दी
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खरखौदा। मेरठ से बुलंदशहर तक राष्ट्रीय राजमार्ग 235 का चौड़ीकरण तेज रफ्तार से चल रहा था। इसके चलते मेरठ से हापुड़ तक करीब 90 फीसदी कार्य पूरा हो चुका है। वहीं, हापुड़ से बुलंदशहर तक करीब 60 फीसदी काम हो पाया है। वहीं, सबसे बड़ी समस्या गुलावठी में बनाए जा रहे सात किलोमीटर लंबे बाईपास निर्माण के लिए जमीन की जरूरत है। जिसके लिए किसान अपनी जमीन को नए सिरे से गजट निकालकर तथा 2019 के सर्किल रेट का चार गुना लेने की मांग पर अड़े हैं। उधर, जमीन का गजट जारी करने के बजाय किसानों को बार-बार समय दिया जा रहा है। 18 जून को गजट जारी होना था परंतु नहीं हुआ। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि दो दिन में गजट नहीं निकाला गया तो गुलावठी बाईपास पर करीब दर्जनभर गांव के किसान कार्य नहीं होने देंगे।
मेरठ से बुलंदशहर तक करीब 61.19 किलोमीटर लंबे राष्ट्रीय राजमार्ग के चौड़ीकरण की प्रक्रिया 2011 में शुरू हुई। इसके लिए किसानों की जमीनों का अधिग्रहण 2015 में शुरू हुआ। किसानों ने मुआवजा तो उठा लिया, लेकिन जमीनों पर कब्जा नहीं दिया। इस पर एनएचएआई ने पुलिस-प्रशासन की मदद से जमीनों पर कब्जा ले लिया था। 2016 से इस रोड के चौड़ीकरण का कार्य एपको इंफ्राटेक प्रा. लिमिटेड द्वारा किया जा रहा है। इस प्रोजेक्ट को पूरा करने का लक्ष्य अक्तूबर 2019 था, लेकिन किसानों के विरोध के चलते कई जगह बदलाव किए गए। वहीं, निर्माण कंपनी को मार्च 2020 तक का समय दिया गया। जहां मेरठ से हापुड़ के बीच में गांव फफूंड़ा, कस्बा खरखौदा, गांव कैली एवं कस्बा गुलावठी में अलग-अलग जगह पर कुल 25.5 किलोमीटर बाईपास एवं बाकी 35.69 किलोमीटर पुरानी रोड का चौड़ीकरण किया जाना है। मेरठ से हापुड़ के बीच में तीन बाईपास समेत करीब 27 किलोमीटर लंबी सड़क का करीब 90 प्रतिशत निर्माण पूर्ण हो गया है। निर्माण कंपनी 30 जून तक कैली फ्लाईओवर एवं हापुड़ में रेलवे क्रॉसिंग को छोड़कर पूरे रोड को चालू करने का दावा कर रही है। हापुड़ से बुलंदशहर के बीच जहां पुरानी रोड का चौड़ीकरण होना था वहां निर्माण की गति ठीक है। गुलावठी बाईपास पर निर्माण रुका हुआ है। सात किलोमीटर लंबा बाईपास गांव मोड़ी से मिठेपुर के बीच बनाया जाना है। एनएचएआई की भूल की वजह से बाईपास के निर्माण के लिए अधिक जमीन की अवश्यकता पड़ रही है। जिसके लिए एनएचएआई ने किसानों से बढ़ी जमीनों का बैनामा कराने की बात कही। वहीं, किसानों ने 2019 के सर्किल रेट के हिसाब से नये सिरे से गजट कर जमीन देने की बात कही। गजट नहीं होने तक किसानों ने जमीनों को नहीं छोड़ा। अब 18 जून को गजट निकलना था, लेकिन नहीं निकला।
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किसानों ने दी चेतावनी
गुलावठी बाईपास निर्माण के लिए जिन किसानों की जमीन अधिग्रहण की जानी है उन्होंने बृहस्पतिवार को एक बार फिर एनएचएआई अधिकारियों से गजट के बारे में जानकारी ली। एनएचएआई द्वारा अभी कोई संतुष्टिपूर्ण जवाब नहीं मिलने पर किसानों ने चेतावनी दी। यदि 22 जून तक गजट नहीं भेजा तो हापुड़ से बुलंदशहर के बीच में चलने वाले अन्य कार्य भी रोक देंगे।
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एनएचएआई ने अपना पूरा कार्य करके फाइल मंत्रालय को भेज दी है। इस मामले में जल्द बात कर गजट निकाले जाने का प्रयास किया जाएगा। -डीके चतुर्वेदी, पीडी एनएचआई।
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