{"_id":"5d06a05d8ebc3e4315133a1f","slug":"156071534512-meerut-news102","type":"story","status":"publish","title_hn":"संस्कारित बच्चे ही उच्च स्थान पा सकेंगे : मुनिश्री","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
संस्कारित बच्चे ही उच्च स्थान पा सकेंगे : मुनिश्री
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
संस्कारित बच्चे ही उच्च स्थान पा सकेंगे : मुनिश्री
हस्तिनापुर। श्री दिगम्बर जैन प्राचीन बड़ा मंदिर के स्वर्णमयी त्रिमूर्ति जिनालय में चल रहे 40 दिवसीय श्री शांतिनाथ महामंडल विधान के 34वें दिन रविवार को मुनिश्री भाव भूषण जी महाराज ने अपने मंगल प्रवचन किया। उन्होंने बच्चों को उच्च संस्कारित करने का आह्वान किया।
आज शांतिधारा करने का सौभाग्य आशीष जैन, तरुणा जैन, विनोद जैन, अमित, अनिका, आरणा, सुदेश जैन को प्राप्त हुआ। मुनिश्री भावभूषण जी महाराज ने अपने मंगल उद्धबोधन में विधान में सम्मिलित परिवारों को आशीर्वाद देते हुए कहा कि आज आप पूरी निष्ठा एवं लगन के साथ पाठ करते हुए 35वें दिन अपनी पूर्ण भक्ति एवं शक्ति के साथ लगे हुए हैं। आपको निश्चित ही इस विधान में समर्पण के साथ भगवान शांतिनाथ के चरणों में सुख, शांति, समृद्धि की प्राप्ति होगी। उन्होंने बच्चों को उच्च संस्कारों से संस्कारित करने का आह्वान कर किया। उन्होंने कहा के वर्तमान समय में चल रही उठापटक जैसी परिस्थितियों में बच्चों के खानपान, उनके रहने सहने का तरीका तथा शिक्षा उपार्जन की पद्धति धर्मानुकूल निर्धारित कर बच्चों का मार्ग प्रशस्त करना होगा। तभी बच्चे सुसंस्कारित होकर उच्च स्थान प्राप्त कर सकेंगे और परिवार को सम्मान दिला पाएंगे। सांस्कृतिक कार्यक्रम में खुला धार्मिक प्रश्न मंच प्रतियोगिता आयोजित हुई। जिसमें आज के पुरस्कार प्रकाश चंद, सुधा जैन दिल्ली वालों ने प्रदत्त किए। कार्यक्रम को सफल बनाने में क्षेत्र के अध्यक्ष विनोद कुमार जैन, महामंत्री मुकेश जैन, कोषाध्यक्ष सुनील कुमार, उपाध्यक्ष सतेन्द्र जैन, अजीत प्रसाद, धनप्रकाश जैन, नवीन कुमार, सुशील जैन, भूषण स्वरूप, मुकेश कुमार, अशोक जैन, उमेश जैन, मणिचंद जैन, अतुल जैन, कमल, सुदर्शन, दीपक आदि का सहयोग रहा।
विज्ञापन
हस्तिनापुर। श्री दिगम्बर जैन प्राचीन बड़ा मंदिर के स्वर्णमयी त्रिमूर्ति जिनालय में चल रहे 40 दिवसीय श्री शांतिनाथ महामंडल विधान के 34वें दिन रविवार को मुनिश्री भाव भूषण जी महाराज ने अपने मंगल प्रवचन किया। उन्होंने बच्चों को उच्च संस्कारित करने का आह्वान किया।
आज शांतिधारा करने का सौभाग्य आशीष जैन, तरुणा जैन, विनोद जैन, अमित, अनिका, आरणा, सुदेश जैन को प्राप्त हुआ। मुनिश्री भावभूषण जी महाराज ने अपने मंगल उद्धबोधन में विधान में सम्मिलित परिवारों को आशीर्वाद देते हुए कहा कि आज आप पूरी निष्ठा एवं लगन के साथ पाठ करते हुए 35वें दिन अपनी पूर्ण भक्ति एवं शक्ति के साथ लगे हुए हैं। आपको निश्चित ही इस विधान में समर्पण के साथ भगवान शांतिनाथ के चरणों में सुख, शांति, समृद्धि की प्राप्ति होगी। उन्होंने बच्चों को उच्च संस्कारों से संस्कारित करने का आह्वान कर किया। उन्होंने कहा के वर्तमान समय में चल रही उठापटक जैसी परिस्थितियों में बच्चों के खानपान, उनके रहने सहने का तरीका तथा शिक्षा उपार्जन की पद्धति धर्मानुकूल निर्धारित कर बच्चों का मार्ग प्रशस्त करना होगा। तभी बच्चे सुसंस्कारित होकर उच्च स्थान प्राप्त कर सकेंगे और परिवार को सम्मान दिला पाएंगे। सांस्कृतिक कार्यक्रम में खुला धार्मिक प्रश्न मंच प्रतियोगिता आयोजित हुई। जिसमें आज के पुरस्कार प्रकाश चंद, सुधा जैन दिल्ली वालों ने प्रदत्त किए। कार्यक्रम को सफल बनाने में क्षेत्र के अध्यक्ष विनोद कुमार जैन, महामंत्री मुकेश जैन, कोषाध्यक्ष सुनील कुमार, उपाध्यक्ष सतेन्द्र जैन, अजीत प्रसाद, धनप्रकाश जैन, नवीन कुमार, सुशील जैन, भूषण स्वरूप, मुकेश कुमार, अशोक जैन, उमेश जैन, मणिचंद जैन, अतुल जैन, कमल, सुदर्शन, दीपक आदि का सहयोग रहा।
विज्ञापन