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कैंट : बंद नहीं होगा डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन
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कैंट : बंद नहीं होगा डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन
- 29 मई को हुई बोर्ड बैठक में इसे खत्म करने पर किया गया था विचार
- अधिकतम 10 लाख रुपये प्रति माह के खर्च का निकाला जाएगा टेंडर
मेरठ।
कैंट में रहने वाले लोगों के लिए अच्छी खबर है। क्षेत्र से डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन बंद नहीं होगा। 29 मई को हुई बोर्ड बैठक में इस व्यवस्था को बंद करने पर चर्चा की गई थी। लेकिन बोर्ड सदस्यों के सहमत न होने पर मामला टल गया था। कैंट बोर्ड अधिकारियों का कहना था कि बजट न होने के कारण इसे बंद करना पड़ सकता है। इस पर एक महीने में 15 लाख रुपये खर्च किए जा रहे हैं।
बृहस्पतिवार को फाइनेंस कमेटी की बैठक में सभी वार्ड सदस्यों ने इस पर दोबारा चर्चा की और टेंडर लाने पर सहमति बनी। इस पर अधिकतम खर्च सीमा दस लाख रुपये तय की गई। वहीं, बोर्ड उपाध्यक्ष बीना वाधवा का कहना है कि यह व्यवस्था कभी बंद नहीं होनी चाहिए। स्वच्छता के कारण ही हम पूरे देश के कैंट में नंबर दो पर है। इसके लिए हमें अवार्ड भी मिला था।
कंपनी के पास 60 कर्मचारी
कैंट में इस कार्य को करने के लिए अग्रवाल एंड कंपनी को जिम्मेदारी दी गई है। कंपनी के करीब 60 कर्मचारी घरों से कूड़ा लेने के काम में लगे हैं। इससे वार्ड में साफ-सफाई दुरस्त रहती है। वहीं, क्षेत्रवासी भी इस सुविधा के लिए कैंट बोर्ड का धन्यवाद करते रहते हैं।
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- 29 मई को हुई बोर्ड बैठक में इसे खत्म करने पर किया गया था विचार
- अधिकतम 10 लाख रुपये प्रति माह के खर्च का निकाला जाएगा टेंडर
मेरठ।
कैंट में रहने वाले लोगों के लिए अच्छी खबर है। क्षेत्र से डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन बंद नहीं होगा। 29 मई को हुई बोर्ड बैठक में इस व्यवस्था को बंद करने पर चर्चा की गई थी। लेकिन बोर्ड सदस्यों के सहमत न होने पर मामला टल गया था। कैंट बोर्ड अधिकारियों का कहना था कि बजट न होने के कारण इसे बंद करना पड़ सकता है। इस पर एक महीने में 15 लाख रुपये खर्च किए जा रहे हैं।
बृहस्पतिवार को फाइनेंस कमेटी की बैठक में सभी वार्ड सदस्यों ने इस पर दोबारा चर्चा की और टेंडर लाने पर सहमति बनी। इस पर अधिकतम खर्च सीमा दस लाख रुपये तय की गई। वहीं, बोर्ड उपाध्यक्ष बीना वाधवा का कहना है कि यह व्यवस्था कभी बंद नहीं होनी चाहिए। स्वच्छता के कारण ही हम पूरे देश के कैंट में नंबर दो पर है। इसके लिए हमें अवार्ड भी मिला था।
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कंपनी के पास 60 कर्मचारी
कैंट में इस कार्य को करने के लिए अग्रवाल एंड कंपनी को जिम्मेदारी दी गई है। कंपनी के करीब 60 कर्मचारी घरों से कूड़ा लेने के काम में लगे हैं। इससे वार्ड में साफ-सफाई दुरस्त रहती है। वहीं, क्षेत्रवासी भी इस सुविधा के लिए कैंट बोर्ड का धन्यवाद करते रहते हैं।
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