फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   तालाब फिर बनेंगी परेशानी की वजह

तालाब फिर बनेंगी परेशानी की वजह

Thu, 06 Jun 2019 02:04 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Thu, 06 Jun 2019 02:04 AM IST
विज्ञापन
तालाब फिर बनेंगी परेशानी की वजह
तालाब फिर बनेंगी परेशानी की वजह
विज्ञापन

खरखौदा। कस्बे में तालाब अतिक्रमण होने की वजह से ओवर फ्लो हो रहे हैं। जिस कारण हल्की बरसात होते ही निचले स्थानों पर जलभराव हो जाता है। खरखौदा नगर पंचायत को आदर्श नगर पंचायत का दर्जा मिलने के बाद भी कस्बे की जल निकासी की समस्या का निस्तारण नहीं हो सका है। क्षेत्रीय विधायक इस मामले में विधानसभा में भी प्रश्न उठा चुके हैं।
कस्बा खरखौदा की आबादी करीब 15.5 हजार है। यहां रिकार्ड के हिसाब से करीब 20 तालाब हैं। इनमें से मौके पर करीब 8 तालाब लुप्त हो चुके हैं। अब केवल 12 तालाब बचे हैं। इनमें से एक भी तालाब कब्जा मुक्त नहीं है। वहीं, कई वर्षों से इनकी सफाई नहीं हो पाई है। सभी तालाब सिल्ट से अटे पड़े हैं। हर वर्ष थोड़ी सी बरसात में निचले इलाकों में बने मकान जलमग्न हो जाते हैं। खासपुर रोड करीब एक किलोमीटर तक जलमग्न हो जाती है। गंदा पानी मुस्लिम समुदाय के कब्रिस्तान एवं हिंदू समुदाय के श्मशान में भी भर जाता है। दोनों समुदायों द्वारा कई बार मांग करने पर एवं जलमग्न हुए मकान स्वामियों की मांग पर एक वर्ष पहले नगर पंचायत में जल निकासी के लिए प्रस्ताव रखा गया था। तालाबों की सफाई नहीं होने के कारण नगर पंचायत द्वारा दो तरह से पानी का समाधान हो सकता है। पहला खरखौदा कस्बे से मोहिउद्दीनपुर रोड के किनारे पर नाले का निर्माण कर उक्त पानी को गांव धनतला में नाले में छोड़ा जाए। दूसरा उलधन मार्ग पर नगर पंचायत भूमि है उसमें तालाब का निर्माण कराया जाए। लागत के हिसाब से गांव धनतला तक नाले का निर्माण कराकर वहां मौजूद नाले में पानी छोड़ने का प्रस्ताव रखा गया। खरखौदा नगर पंचायत को आदर्श नगर पंचायत का दर्जा मिलने के बाद किठौर विधायक सत्यवीर त्यागी ने भी पिछले वर्ष विधानसभा ने खरखौदा की जल निकासी के लिए प्रश्न रखा था। जिसमें तुरंत ही इसके निस्तारण का जिम्मा जल निगम को दिया गया था। कई करोड़ की लागत से बनने वाले करीब पांच किलोमीटर के नाले के लिए जल निगम ने सर्वे भी किया था। जल निगम ने सर्वे के नाम पर नगर पंचायत से नौ लाख रुपये की मांग की। हालांकि एक वर्ष बाद भी इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं हुई।
विज्ञापन

बरसात को लेकर फिर चिंता
कस्बे से खासपुर को जाने वाला मार्ग बरसात के दौरान जल मग्न हो जाता है। जिससे इस मार्ग से आने वाले करीब दर्जन भर गांवों के राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। वहीं, जिन लोगों के मकानों में पानी भर जाता है। उनके चहरे पर भी चिंता की लकीरे पड़ी हुई हैं। एक वर्ष बाद भी इस समस्या का निस्तारण नहीं हुआ है।
विज्ञापन
विज्ञापन

जल निगम ने एस्टीमेट शुल्क के लिए रकम की मांग की है। अभी जल्दी में ही वह यहां तैनात हुए हैं। यह कार्य कहां तक चला इसके बारे में जानकारी की जाएगी। -सुरेंद्र कुमार सुमन, जेई जल निगम।

खरखौदा की जल निकासी की समस्या पुरानी है। इसके लिए वह विधानसभा में भी प्रश्न उठा चुके हैं। मामला कहां पर रुका हुआ है इसकी जानकारी की जाएगी।-सत्यवीर त्यागी, विधायक किठौर
यह कार्य बड़ा है। नगर पंचायत इतना पैसा खर्च नहीं कर सकती है। इस कार्य को जल निगम की देख रहा है। शशिप्रभा चौधरी, अधिशासी अधिकारी नगर पंचायत खरखौदा
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed