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शहर से बाहर नहीं जाएगा भैसाली अड्डा
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शहर से बाहर नहीं जाएगा भैसाली बस अड्डा
- भैसाली बस अड्डे पर रैपिड रेल का बनाया जाना है अंडरग्राउंड स्टेशन
- परिवहन निगम, एनसीआरटीसी अधिकारियों के बीच बनी सहमति
- कमिश्नर की अध्यक्षता में बैठक का हुआ आयोजन, शासन को भेजी जाएगी रिपोर्ट
अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ। शहरवासियों के लिए राहत की खबर है। दिल्ली रोड स्थित भैसाली बस अड्डा अपने स्थान पर ही रहेगा। कमिश्नर की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में एनसीआरटीसी और परिवहन निगम के अधिकारियों में इस बात पर सहमति बनी है। पिछले कुछ दिनों से बस अड्डे को शहर से बाहर करने पर चर्चाएं चल रही थीं। रैपिड रेल के अंडरग्राउंड स्टेशन के निर्माण को लेकर एनसीआरटीसी ने परिवहन निगम से जमीन की मांग की थी। हालांकि, परिवहन निगम भी बस अड्डे को शहर से बाहर करने के पक्ष में नहीं था।
शनिवार को परिवहन निगम के जीएम राजीव चौहान ने बस अड्डे पर पहुंचकर एनसीआरटीसी अधिकारियों के साथ निरीक्षण किया। उन्होंने बस अड्डे पर बनाए जाने वाले भैंसाली स्टेशन के नक्शे को भी विस्तार से देखा और जानकारी ली। इसके बाद एमडीए वीसी और कमिश्नर के यहां बैठक आयोजित की गई। इसमें सिर्फ रीजनल वर्कशॉप को शहर से बाहर करने पर विचार किया गया। हालांकि, फाइनल फैसले के लिए शासन की अनुमति मिलने का इंतजार है। बैठक में डीएम अनिल ढींगरा, एमडीए उपाध्यक्ष राजेश कुमार पांडेय, एनसीआरटीसी चीफ इंजीनियर वीरेंद्र कुमार, प्रोजेक्ट मैनेजर पंकज त्यागी, क्षेत्रीय प्रबंधक नीरज सक्सेना मौजूद रहे।
चल रहा बैठकों का दौर
82 किलोमीटर के दिल्ली-मेरठ रैपिड रेल कॉरिडोर के लिए निर्माण कार्य किया जाना है। वर्ष-2024 तक कॉरिडोर का निर्माण करने का लक्ष्य है। हालांकि, गाजियाबाद में रैपिड रेल निर्माण की शुरुआत हो चुकी है। वहीं, मेरठ क्षेत्र में जमीन अधिग्रहण के लिए बैठकों का दौर जारी है। हर महीने मंडल स्तर पर कमिश्नर और प्रदेश स्तर पर मुख्य सचिव समीक्षा कर रहे हैं। जिससे तय समय पर रैपिड रेल का निर्माण शुरू हो सके।
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इस प्लान पर बनी सहमति
कमिश्नर की बैठक में भैसाली बस अड्डे पर स्थित रीजनल वर्कशॉप को शताब्दीनगर में एमडीए अधिकारियों ने परिवहन निगम के अधिकारियों को शिफ्ट करने का प्लान दिया है। रैपिड रेल के स्टेशन के लिए एनसीआरटीसी को 7 हजार 534 वर्ग मीटर जमीन चाहिए। वहीं, अस्थायी तौर पर दस हजार वर्ग मीटर जमीन चाहिए। अस्थायी जमीन को बाद में परिवहन निगम को हैंडओवर कर दिया जाएगा। इसके अलावा मेरठ डिपो वर्कशॉप को रीजनल वर्कशॉप के स्थान पर शिफ्ट करने पर सहमति बनी है। जिससे बस अड्डा अपने तय स्थान से संचालित होता रहेगा।
कॉलोनी के लिए गंगानगर और रक्षापुरम
परिवहन निगम के अधिकारियों के लिए भैसाली अड्डे के पास बनी कॉलोनी को भी शिफ्ट कर दिया जाएगा। इस कॉलोनी में कुल पांच मकान और एक गेस्ट हाउस है। इनके लिए एमडीए ने परिवहन निगम को गंगानगर और रक्षापुरम का ऑफर दिया है। सोमवार को परिवहन निगम के क्षेत्रीय प्रबंधक नीरज सक्सेना एमडीए अधिकारियों के साथ वर्कशॉप और कॉलोनी के स्थान के लिए निरीक्षण करेंगे।
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- भैसाली बस अड्डे पर रैपिड रेल का बनाया जाना है अंडरग्राउंड स्टेशन
- परिवहन निगम, एनसीआरटीसी अधिकारियों के बीच बनी सहमति
- कमिश्नर की अध्यक्षता में बैठक का हुआ आयोजन, शासन को भेजी जाएगी रिपोर्ट
अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ। शहरवासियों के लिए राहत की खबर है। दिल्ली रोड स्थित भैसाली बस अड्डा अपने स्थान पर ही रहेगा। कमिश्नर की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में एनसीआरटीसी और परिवहन निगम के अधिकारियों में इस बात पर सहमति बनी है। पिछले कुछ दिनों से बस अड्डे को शहर से बाहर करने पर चर्चाएं चल रही थीं। रैपिड रेल के अंडरग्राउंड स्टेशन के निर्माण को लेकर एनसीआरटीसी ने परिवहन निगम से जमीन की मांग की थी। हालांकि, परिवहन निगम भी बस अड्डे को शहर से बाहर करने के पक्ष में नहीं था।
शनिवार को परिवहन निगम के जीएम राजीव चौहान ने बस अड्डे पर पहुंचकर एनसीआरटीसी अधिकारियों के साथ निरीक्षण किया। उन्होंने बस अड्डे पर बनाए जाने वाले भैंसाली स्टेशन के नक्शे को भी विस्तार से देखा और जानकारी ली। इसके बाद एमडीए वीसी और कमिश्नर के यहां बैठक आयोजित की गई। इसमें सिर्फ रीजनल वर्कशॉप को शहर से बाहर करने पर विचार किया गया। हालांकि, फाइनल फैसले के लिए शासन की अनुमति मिलने का इंतजार है। बैठक में डीएम अनिल ढींगरा, एमडीए उपाध्यक्ष राजेश कुमार पांडेय, एनसीआरटीसी चीफ इंजीनियर वीरेंद्र कुमार, प्रोजेक्ट मैनेजर पंकज त्यागी, क्षेत्रीय प्रबंधक नीरज सक्सेना मौजूद रहे।
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चल रहा बैठकों का दौर
82 किलोमीटर के दिल्ली-मेरठ रैपिड रेल कॉरिडोर के लिए निर्माण कार्य किया जाना है। वर्ष-2024 तक कॉरिडोर का निर्माण करने का लक्ष्य है। हालांकि, गाजियाबाद में रैपिड रेल निर्माण की शुरुआत हो चुकी है। वहीं, मेरठ क्षेत्र में जमीन अधिग्रहण के लिए बैठकों का दौर जारी है। हर महीने मंडल स्तर पर कमिश्नर और प्रदेश स्तर पर मुख्य सचिव समीक्षा कर रहे हैं। जिससे तय समय पर रैपिड रेल का निर्माण शुरू हो सके।
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इस प्लान पर बनी सहमति
कमिश्नर की बैठक में भैसाली बस अड्डे पर स्थित रीजनल वर्कशॉप को शताब्दीनगर में एमडीए अधिकारियों ने परिवहन निगम के अधिकारियों को शिफ्ट करने का प्लान दिया है। रैपिड रेल के स्टेशन के लिए एनसीआरटीसी को 7 हजार 534 वर्ग मीटर जमीन चाहिए। वहीं, अस्थायी तौर पर दस हजार वर्ग मीटर जमीन चाहिए। अस्थायी जमीन को बाद में परिवहन निगम को हैंडओवर कर दिया जाएगा। इसके अलावा मेरठ डिपो वर्कशॉप को रीजनल वर्कशॉप के स्थान पर शिफ्ट करने पर सहमति बनी है। जिससे बस अड्डा अपने तय स्थान से संचालित होता रहेगा।
कॉलोनी के लिए गंगानगर और रक्षापुरम
परिवहन निगम के अधिकारियों के लिए भैसाली अड्डे के पास बनी कॉलोनी को भी शिफ्ट कर दिया जाएगा। इस कॉलोनी में कुल पांच मकान और एक गेस्ट हाउस है। इनके लिए एमडीए ने परिवहन निगम को गंगानगर और रक्षापुरम का ऑफर दिया है। सोमवार को परिवहन निगम के क्षेत्रीय प्रबंधक नीरज सक्सेना एमडीए अधिकारियों के साथ वर्कशॉप और कॉलोनी के स्थान के लिए निरीक्षण करेंगे।