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खादर के किसानों को अब मुआवजे की आस।
Updated Tue, 11 Sep 2018 02:20 AM IST
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खादर क्षेत्र के किसानों के सामने आर्थिक संकट
- बाढ़ के चलते सैकड़ों किसानों की फसल हो गई बर्बाद
हस्तिनापुर। लगभग एक महीने से खादर क्षेत्र के दर्जनों गांव में बाढ़ के पानी ने सैकड़ों किसानों की फसल को काफी नुकसान पहुंचाया है। जिसके बाद अब किसानों की आर्थिक स्थिति भी कमजोर हो गई है। अब ग्रामीण अपने बच्चों की पढ़ाई लिखाई का खर्च उठाने में परेशानियों का सामना कर रहे हैं। ग्रामीणों की मांग है कि नष्ट हुई फसल का मुआवजा दिलवाना होगा जिससे किसानों की आर्थिक स्थिति में कुछ सुधार आ सके। खादर क्षेत्र के ग्रामीणों का कहना है कि गत एक माह से उन्होंने बाढ़ के कारण काफी परेशानियों का सामना किया है। उनकी बाढ़ के पानी के कारण फसल भी काफी नष्ट हो चुकी है इस समय धान की फसल में गंगा ने तबाही मचाई जो अधिक दिनों तक पानी भरे होने के कारण पानी में गल सड़कर नष्ट हो गई है। किसानों की मांग है कि सरकार उनके लिए फसल का मुआवजा जल्द से जल्द व्यवस्था करें अब उनके सामने कई बड़ी परेशानियां खड़ी हो रही हैं। जिसके चलते उनकी आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर हो चुकी है। दबखेड़ी निवासी रणवीर सिंह, समय सिंह, भुंडे सिंह, ध्यान सिंह और विजयपाल आदि ने बताया कि उन्होंने जैसे तैसे करके पैसा उधार लेकर खेतों में धान की फसल उगाई थी। तटबंध टूटने से नष्ट हुई फसल से किसानों के सामने आर्थिक स्थिति का संकट पैदा हो गया। कई किसान खादर में धान की खेती करते हैं जिनकी बाढ़ के कारण धान की फसल पूरी तरह नष्ट हो चुकी है और अब उनके सामने आर्थिक संकट पैदा हो गया है। क्षेत्रीय ग्रामीणों ने कहा कि कहीं अधिकारियों और राजनेताओं ने उन्हें आश्वासन दिलाया है कि उन्हें जल्द से जल्द बाढ़ में नष्ट हुई फसल का फसली बीमा और मुआवजा मिलेगा इसका लाभ दिलवाया जाए। प्रदेश के गन्ना मंत्री सुरेश राणा ने बाढ़ क्षेत्र का दौराकर ग्रामीणों की समस्या का समाधान करने का आश्वासन दिया था।
- बाढ़ के चलते सैकड़ों किसानों की फसल हो गई बर्बाद
हस्तिनापुर। लगभग एक महीने से खादर क्षेत्र के दर्जनों गांव में बाढ़ के पानी ने सैकड़ों किसानों की फसल को काफी नुकसान पहुंचाया है। जिसके बाद अब किसानों की आर्थिक स्थिति भी कमजोर हो गई है। अब ग्रामीण अपने बच्चों की पढ़ाई लिखाई का खर्च उठाने में परेशानियों का सामना कर रहे हैं। ग्रामीणों की मांग है कि नष्ट हुई फसल का मुआवजा दिलवाना होगा जिससे किसानों की आर्थिक स्थिति में कुछ सुधार आ सके। खादर क्षेत्र के ग्रामीणों का कहना है कि गत एक माह से उन्होंने बाढ़ के कारण काफी परेशानियों का सामना किया है। उनकी बाढ़ के पानी के कारण फसल भी काफी नष्ट हो चुकी है इस समय धान की फसल में गंगा ने तबाही मचाई जो अधिक दिनों तक पानी भरे होने के कारण पानी में गल सड़कर नष्ट हो गई है। किसानों की मांग है कि सरकार उनके लिए फसल का मुआवजा जल्द से जल्द व्यवस्था करें अब उनके सामने कई बड़ी परेशानियां खड़ी हो रही हैं। जिसके चलते उनकी आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर हो चुकी है। दबखेड़ी निवासी रणवीर सिंह, समय सिंह, भुंडे सिंह, ध्यान सिंह और विजयपाल आदि ने बताया कि उन्होंने जैसे तैसे करके पैसा उधार लेकर खेतों में धान की फसल उगाई थी। तटबंध टूटने से नष्ट हुई फसल से किसानों के सामने आर्थिक स्थिति का संकट पैदा हो गया। कई किसान खादर में धान की खेती करते हैं जिनकी बाढ़ के कारण धान की फसल पूरी तरह नष्ट हो चुकी है और अब उनके सामने आर्थिक संकट पैदा हो गया है। क्षेत्रीय ग्रामीणों ने कहा कि कहीं अधिकारियों और राजनेताओं ने उन्हें आश्वासन दिलाया है कि उन्हें जल्द से जल्द बाढ़ में नष्ट हुई फसल का फसली बीमा और मुआवजा मिलेगा इसका लाभ दिलवाया जाए। प्रदेश के गन्ना मंत्री सुरेश राणा ने बाढ़ क्षेत्र का दौराकर ग्रामीणों की समस्या का समाधान करने का आश्वासन दिया था।