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सिर पर मानसून की दस्तक, कैसे होगा जल संरक्षण
Updated Mon, 02 Jul 2018 11:20 PM IST
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मवाना। मानसून के दौरान जल संरक्षण के लिए शासन की ओर से तालाबों की खुदाई के निर्देश के बाद भी तालाबों की खुदाई का कार्य पूरा नहीं हो सका है। आलम यह है कि दो-तीन दिन तालाबों में फावड़ा चलवाने के बाद अधिकारियों ने इतिश्री कर ली। सवाल यह उठता है कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मानसून दस्तक दे चुका है तो ऐसे में जल संरक्षण कैसे होगा?
लगातार घट रहे जलस्तर को लेकर सरकार बेहद गंभीर है। इसलिए लगभग एक माह पहले सरकार ने सभी ब्लॉकों को दस-दस तालाबों को मनरेगा योजना अंतर्गत गंदगी से अटे एवं कब्जा हुए तालाबों को कब्जा मुक्त कराकर उनकी खुदाई कराने के आदेश दिए थे। धरातल पर यह योजना परवान नहीं चढ़ सकी। इसके पीछे सरकार की मंशा थी कि मनरेगा योजना से खुदाई होने पर मजदूरों को कार्य मिल जायेगा। मानसून में बरसात का पानी भी एकत्रित कर लिया जाएगा। अधिकारियों ने सरकार के आदेशों को ठेंगा दिखाते हुए दो तीन दिन कार्य कर तालाबों की खुदाई को अधूरा छोड़ दिया।
काम हुआ शुरू पर पूरा नहीं
मानसून के दौरान होने वाली बारिश के पानी का संरक्षण करने के लिए मवाना ब्लॉक के नंगली ईसा गांव स्थित तालाब को चिह्नित किया गया था। गांव निवासी रजनीश, अनिल आदि ने बताया कि तालाब की खुदाई के लिए तीन दिन तक लगातार जेसीबी एवं ट्रैक्टर पहुंचे और खुदाई की। हालांकि ग्राम विकास अधिकारियों की हड़ताल के बाद दोबारा कार्य शुरू नहीं हो सका। जिस कारण आज तालाब का कार्य बीच अधर में है।
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अधिकारी हटे पीछे तो ग्राम पंचायत ने शुरू किया कार्य
फलावदा। मवाना ब्लॉक अंर्तगत आने वाले गांव सनौता व बहजादका को तालाब खुदाई के लिए चुना गया था। सनौता गांव में जिस तालाब की खुदाई होनी थी। उसका कार्य अधर में छोड़ अधिकारी एवं मजदूर चले गए। ऐसे में गंदे पानी की निकासी एवं जल संरक्षण को लेकर ग्राम पंचायत ने बीड़ा उठाया। आज ग्राम पंचायत अपनी निधि से बड़े तालाब की सफाई व खुदाई करा रही है। इसके अतिरिक्त बहजादका के तालाब की खुदाई तो मात्र दो दिन ही चल सकी। गांव निवासी अंगूरी, सुदेश एवं सुल्तान का कहना है कि तालाब की खुदाई तो शुरू हुई थी, लेकिन दो दिन बाद कार्य बंद हो गया। जिस कारण तालाब से निकली गंदगी भी मजदूर तालाब के कोने में ही छोड़ गए।
दस में दो तालाब की हो सकी खुदाई
मानसून दस्तक दे चुका है और ब्लॉक अधिकारी तालाबों की खुदाई का कार्य पूर्ण नहीं करा सके हैं। परीक्षितगढ़ ब्लॉक के दस गांव अगवानपुर, असलपुर, जटोला, परीक्षितगढ़ देहात, दयालपुर, समसपुर, पुटठी, सालोर, ललियाना, दर्वेशपुर में तालाब खुदाई का लक्ष्य दिया गया था। बरसात से पहले हर कीमत पर होना था। मानसून सिर पर है और अब तक ब्लॉक अधिकारी मनरेगा योजना के अंर्तगत दर्वेशपुर एवं दयालपुर गांव के तालाब की ही खुदाई करा सके हैं।
जल्द होगी तालाबों की खुदाई व सफाई
हस्तिनापुर। प्रदेश सरकार द्वारा जल बचाव योजनान्तर्गत ग्रामों में सूखे पड़े एवं गंदे तालाबों को साफ किए जाने एवं तालाबों पर हुए कब्जों को पूरी तरह हटाए जाने के निर्देश दिए हैं। जिस क्रम में तालाबों की सफाई का कार्य काफी धीमी गति से चल रहा है जबकि कई ग्राम ऐसे हैं। जिनमें कई तालाब हैं और वे उक्त योजना में सम्मलित नहीं किए गए हैं। इन तालाबों पर कई ग्रामीणों द्वारा कब्जा भी किया हुआ है। इस ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। ग्राम गणेशपुर में चार तालाब हैं। जिनमें गंदगी के अंबार लगे हुए हैं। इनमें मात्र एक तालाब की उक्त योजना अंतर्गत सफाई कराई गई थी, बाकी तीन तालाबों को लिए सरकार के पास कोई योजना नहीं। ग्राम प्रधान बाला देवी का कहना है कि गांव के किनारे एवं आबादी के बीच का तालाब गंदगी से अटा हुआ है। इसके अलावा जिन तालाबों को लेकर खुदाई के आदेश हुए थे। वहां भी समय से कार्य पूर्ण न होने के कारण सरकार के जल संरक्षण अभियान को पलीता लगता नजर आ रहा है।
बहसूमा। तालाबों में जल सरंक्षण करने के लिए शासन ने गत 26 मई को हस्तिनापुर ब्लॉक के 12 गंावों के तालाबो की खुदाई करने के निर्देश दिए थे। इसमें तजपुरा, करीमपुर, मौड़ खुर्द मोहम्मदपुर शकिस्त, सिरजुपुर गांवड़ी, खोड़दयालपुर, रठौड़ा खुर्द, मटौरा, कूड़ी कमालपुर, सैफपुर कर्मचंदपुर व बोहडुपुर के तालाबों में मनेरगा अंतर्गत खुदाई होनी थी। लेकिन 36 दिन बाद भी 12 तालाबों में से केवल 7 तालाबों की खुदाई का कार्य हुआ है। इनमें से मौड़ खुर्द एवं मोहम्मपुर शकिस्त में आधे से अधिक तालाब की खुदाई हो चुकी है। वहीं, इस संबंध में मौड़ खुर्द प्रधान धर्मेंद्र फौजी का कहना है कि उन्होंने मनेरगा से लगभग दो लाख रुपये का तथा प्रधान निधि से 2.50 लाख रुपये का कार्य करा चुके हैं। बाकी 5 तालाबों में खुदाई का कार्य दो-चार दिन बाद बंद हो गया। शेष पांच तालाबों की कार्य योजना बनकर तैयार हो गई, लेकिन अधिकारियों की लापरवाही के कारण शासन की योजना को एक माह बाद भी अमल में नहीं लाया गया। मानसून सिर पर है और आसमान में प्रतिदिन बादलों की आवक हो रही है, लेकिन इसके बाद भी कार्य में तेजी नहीं लाई जा रही है। ऐसे में कैसे तालाबों के अंदर जल संरक्षण होगा यह सोचने का विषय है।
इनका कहना है
कार्य किया जा रहा है। सभी तालाबों की खुदाई होगी। कुछ ही तालाब बचे हैं, जल्द लक्ष्य को प्राप्त कर लिया जायेगा। -सुनीत भाटी, बीडीओ मवाना ब्लॉक
ब्लॉक को दस तालाबों की खुदाई का लक्ष्य मिला है। कार्य धीमी गति से चल रहा है, परंतु समय से कार्य पूर्ण कर लिया जायेगा। -बाबूराम, कार्यवाहक एडीओ पंचायत परीक्षितगढ़ ब्लॉक
योजना के तहत सभी तालाबों पर कार्य किया जा रहा है। जल्द ही अन्य कब्जा हुए व गंदे तालाबों को निरीक्षण कर कार्य किया जायेगा।-रामकिशन, बीडीओ हस्तिनापुर ब्लॉक
मुख्य बातें
सरकारी जलसंरक्षण की योजना पर अफसरों की रस्म अदायगी
तालाबों की खुदाई, सफाई अधूरी, अवैध कब्जों की भरमार
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लगातार घट रहे जलस्तर को लेकर सरकार बेहद गंभीर है। इसलिए लगभग एक माह पहले सरकार ने सभी ब्लॉकों को दस-दस तालाबों को मनरेगा योजना अंतर्गत गंदगी से अटे एवं कब्जा हुए तालाबों को कब्जा मुक्त कराकर उनकी खुदाई कराने के आदेश दिए थे। धरातल पर यह योजना परवान नहीं चढ़ सकी। इसके पीछे सरकार की मंशा थी कि मनरेगा योजना से खुदाई होने पर मजदूरों को कार्य मिल जायेगा। मानसून में बरसात का पानी भी एकत्रित कर लिया जाएगा। अधिकारियों ने सरकार के आदेशों को ठेंगा दिखाते हुए दो तीन दिन कार्य कर तालाबों की खुदाई को अधूरा छोड़ दिया।
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काम हुआ शुरू पर पूरा नहीं
मानसून के दौरान होने वाली बारिश के पानी का संरक्षण करने के लिए मवाना ब्लॉक के नंगली ईसा गांव स्थित तालाब को चिह्नित किया गया था। गांव निवासी रजनीश, अनिल आदि ने बताया कि तालाब की खुदाई के लिए तीन दिन तक लगातार जेसीबी एवं ट्रैक्टर पहुंचे और खुदाई की। हालांकि ग्राम विकास अधिकारियों की हड़ताल के बाद दोबारा कार्य शुरू नहीं हो सका। जिस कारण आज तालाब का कार्य बीच अधर में है।
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अधिकारी हटे पीछे तो ग्राम पंचायत ने शुरू किया कार्य
फलावदा। मवाना ब्लॉक अंर्तगत आने वाले गांव सनौता व बहजादका को तालाब खुदाई के लिए चुना गया था। सनौता गांव में जिस तालाब की खुदाई होनी थी। उसका कार्य अधर में छोड़ अधिकारी एवं मजदूर चले गए। ऐसे में गंदे पानी की निकासी एवं जल संरक्षण को लेकर ग्राम पंचायत ने बीड़ा उठाया। आज ग्राम पंचायत अपनी निधि से बड़े तालाब की सफाई व खुदाई करा रही है। इसके अतिरिक्त बहजादका के तालाब की खुदाई तो मात्र दो दिन ही चल सकी। गांव निवासी अंगूरी, सुदेश एवं सुल्तान का कहना है कि तालाब की खुदाई तो शुरू हुई थी, लेकिन दो दिन बाद कार्य बंद हो गया। जिस कारण तालाब से निकली गंदगी भी मजदूर तालाब के कोने में ही छोड़ गए।
दस में दो तालाब की हो सकी खुदाई
मानसून दस्तक दे चुका है और ब्लॉक अधिकारी तालाबों की खुदाई का कार्य पूर्ण नहीं करा सके हैं। परीक्षितगढ़ ब्लॉक के दस गांव अगवानपुर, असलपुर, जटोला, परीक्षितगढ़ देहात, दयालपुर, समसपुर, पुटठी, सालोर, ललियाना, दर्वेशपुर में तालाब खुदाई का लक्ष्य दिया गया था। बरसात से पहले हर कीमत पर होना था। मानसून सिर पर है और अब तक ब्लॉक अधिकारी मनरेगा योजना के अंर्तगत दर्वेशपुर एवं दयालपुर गांव के तालाब की ही खुदाई करा सके हैं।
जल्द होगी तालाबों की खुदाई व सफाई
हस्तिनापुर। प्रदेश सरकार द्वारा जल बचाव योजनान्तर्गत ग्रामों में सूखे पड़े एवं गंदे तालाबों को साफ किए जाने एवं तालाबों पर हुए कब्जों को पूरी तरह हटाए जाने के निर्देश दिए हैं। जिस क्रम में तालाबों की सफाई का कार्य काफी धीमी गति से चल रहा है जबकि कई ग्राम ऐसे हैं। जिनमें कई तालाब हैं और वे उक्त योजना में सम्मलित नहीं किए गए हैं। इन तालाबों पर कई ग्रामीणों द्वारा कब्जा भी किया हुआ है। इस ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। ग्राम गणेशपुर में चार तालाब हैं। जिनमें गंदगी के अंबार लगे हुए हैं। इनमें मात्र एक तालाब की उक्त योजना अंतर्गत सफाई कराई गई थी, बाकी तीन तालाबों को लिए सरकार के पास कोई योजना नहीं। ग्राम प्रधान बाला देवी का कहना है कि गांव के किनारे एवं आबादी के बीच का तालाब गंदगी से अटा हुआ है। इसके अलावा जिन तालाबों को लेकर खुदाई के आदेश हुए थे। वहां भी समय से कार्य पूर्ण न होने के कारण सरकार के जल संरक्षण अभियान को पलीता लगता नजर आ रहा है।
बहसूमा। तालाबों में जल सरंक्षण करने के लिए शासन ने गत 26 मई को हस्तिनापुर ब्लॉक के 12 गंावों के तालाबो की खुदाई करने के निर्देश दिए थे। इसमें तजपुरा, करीमपुर, मौड़ खुर्द मोहम्मदपुर शकिस्त, सिरजुपुर गांवड़ी, खोड़दयालपुर, रठौड़ा खुर्द, मटौरा, कूड़ी कमालपुर, सैफपुर कर्मचंदपुर व बोहडुपुर के तालाबों में मनेरगा अंतर्गत खुदाई होनी थी। लेकिन 36 दिन बाद भी 12 तालाबों में से केवल 7 तालाबों की खुदाई का कार्य हुआ है। इनमें से मौड़ खुर्द एवं मोहम्मपुर शकिस्त में आधे से अधिक तालाब की खुदाई हो चुकी है। वहीं, इस संबंध में मौड़ खुर्द प्रधान धर्मेंद्र फौजी का कहना है कि उन्होंने मनेरगा से लगभग दो लाख रुपये का तथा प्रधान निधि से 2.50 लाख रुपये का कार्य करा चुके हैं। बाकी 5 तालाबों में खुदाई का कार्य दो-चार दिन बाद बंद हो गया। शेष पांच तालाबों की कार्य योजना बनकर तैयार हो गई, लेकिन अधिकारियों की लापरवाही के कारण शासन की योजना को एक माह बाद भी अमल में नहीं लाया गया। मानसून सिर पर है और आसमान में प्रतिदिन बादलों की आवक हो रही है, लेकिन इसके बाद भी कार्य में तेजी नहीं लाई जा रही है। ऐसे में कैसे तालाबों के अंदर जल संरक्षण होगा यह सोचने का विषय है।
इनका कहना है
कार्य किया जा रहा है। सभी तालाबों की खुदाई होगी। कुछ ही तालाब बचे हैं, जल्द लक्ष्य को प्राप्त कर लिया जायेगा। -सुनीत भाटी, बीडीओ मवाना ब्लॉक
ब्लॉक को दस तालाबों की खुदाई का लक्ष्य मिला है। कार्य धीमी गति से चल रहा है, परंतु समय से कार्य पूर्ण कर लिया जायेगा। -बाबूराम, कार्यवाहक एडीओ पंचायत परीक्षितगढ़ ब्लॉक
योजना के तहत सभी तालाबों पर कार्य किया जा रहा है। जल्द ही अन्य कब्जा हुए व गंदे तालाबों को निरीक्षण कर कार्य किया जायेगा।-रामकिशन, बीडीओ हस्तिनापुर ब्लॉक
मुख्य बातें
सरकारी जलसंरक्षण की योजना पर अफसरों की रस्म अदायगी
तालाबों की खुदाई, सफाई अधूरी, अवैध कब्जों की भरमार