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किसान और चीनी मिल के गले की फांस बनी रिजेक्ट प्रजाति

Thu, 19 Apr 2018 08:56 PM IST
Updated Thu, 19 Apr 2018 08:56 PM IST
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किसान और चीनी मिल के गले की फांस बनी रिजेक्ट प्रजाति
सरूरपुर।
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गन्ने की रिजेक्ट प्रजाति के चलते चीनी मिलों की रिकवरी घटने लगती है। हालांकि किसान इस प्रजाति से हुए बम्पर उत्पादन से बेहद खुश है। ऐसे में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के चीनी मिलों की उत्पादकता को प्रभावित करने में गन्ने की रिजेक्ट प्रजाति को कारण माना है।
शासन ने अगेती और सामान्य प्रजाति के गन्ने के दाम में दस रूपये का अंतर रखा। हालांकि रिजेक्ट प्रजाति का सामान्य से पांच रुपये कम दाम तय किया है। इसमें अगेती 325, सामान्य 315 और रिजेक्ट प्रजाति का 310 रुपये प्रति कुंतल मूल्य है। गन्ना मूल्य में मामूली अंतर होने के चलते किसान रिजेक्ट प्रजाति छोड़ने का तैयार नहीं है। बजाज शुगर मिल किनौनी, दौराला मिल क्षेत्र के गांवों में गन्ने की रिजेक्ट प्रजाति की पैदावार से मिल में आपूर्ति से मिल प्रबंधन काफी परेशान हैं। जबकि क्षेत्र के अधिकतर किसान इस प्रजाति की बुवाई करके बम्पर पैदावार प्राप्त करने का दावा करते हैं। इस कारण क्षेत्र के किसानों का इस खोखला प्रजाति को छोडने का मोह खत्म नहीं हो रहा है। ऐसे में गन्ना विभाग एवं चीनी मिलों ने भी इन प्रजातियों को रिजेक्ट की श्रेणी में डाल दिया है। मिल प्रबंधन कई साल से इस प्रजाति की बुआई न करने की सलाह दे रहे हैं। कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार वर्तमान में पश्चिमी उत्तर प्रदेश की लगभग सभी शुगर मिलों में चीनी की रिकवरी बेहतर स्थिति में रही। हालांकि अब रिकवरी गिरने में रिजेक्ट प्रजाति की अहम भूमिका सामने आ रही है। क्षेत्र के गांवों में भ्रमण करने पर मिली कि इस खोखली गन्ना प्रजाति की बुआई हर चीनी मिलों में पिछले साल 10 से 15 फीसदी क्षेत्र में किसानों द्वारा की गई है। वैज्ञानिकों ने बताया कि इस गन्ना प्रजाति के परीक्षण में स्पष्ट हुआ कि इसका गन्ना अंदर से खोखला है। जिसकी वजह से इसका वजन काटने के समय 25 से 30 फीसदी तक कम हो जाता है। यही वजह है कि जूस भी कम निकलता हैं। इसके बावजूद विभिन्न गांवों में अधिकतर किसानों के खेतों में रिजेक्ट प्रजाति मौजूद है। आए दिन चीनी मिल पर को-1148, कोसे-92423 रिजेक्ट गन्ने को लेकर किसानों में मिल अधिकारियों से झड़प हुई। ऐसे में किसानों का गन्ना वापस कर दिया गया।
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बजाज शुगर मिल किनौनी के यूनिट हेड केपी सिंह ने बताया कि मिल क्षेत्र में इस वर्ष गन्ने की रिकवरी घटने से रिजेक्ट प्रजाति गन्ने की आपूर्ति से मिलों को करोड़ों का नुकसान हो रहा है। उन्होंने कहा कि सभी किसानों को अगेती प्रजाति अपनाकर अधिक लाभ कमाने के लिए कहा। सहकारी गन्ना समिति मलियाना के सचिव डॉ. सचिन कुमार का कहना है कि समिति के किसानों को गन्ने की अगेती प्रजाति के प्रति जागरूक किया जा रहा है। इसे अपनाकर किसान अधिक लाभ कमा सकते हैं। इससे शुगर मिल की रिकवरी में भी इजाफा होगा।
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मुख्य बातें
गन्ना किसान रिजेक्ट प्रजाति नहीं छोड़ पा रहे मोह
चीनी मिल में इस प्रजाति के गन्ने की आपूर्ति से रिकवरी घटी
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