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राष्ट्रीय लोक अदालत में 21908 वादों का निस्तारण
Updated Sun, 11 Feb 2018 02:56 AM IST
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मेरठ। जिला जज/जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष आलोक सक्सेना की अध्यक्षता में लगायी गयी राष्ट्रीय लोक अदालत में 21908 वादों का निस्तारण किया गया। परिवार न्यायाधीश द्वारा 15 परिवारों को बिखरने से बचाते हुए साथ रहने का समझौता कराया गया।
जिला जज द्वारा लोक अदालत में 40 वादों का निस्तारण किया गया। इनमें से 19 एमएसी वादों का निस्तारण करते हुए 60.80 लाख रुपये और एडीजे की पीठाें द्वारा एमएसी के 69 वादों का निस्तारण कर 3.30 करोड़ रुपये पीड़ित पक्षों को प्रतिकर के रूप में दिलवाए गए। परिवार न्यायालय के न्यायाधीश द्वारा 72 वैवाहिक वादों का निस्तारण कर 2 लाख रुपये मुआवजा दिलाया गया। अतिरिक्त परिवार न्यायालय द्वारा 11 वैवाहिक वादों का निस्तारण किया गया। लोक अदालत में 1392 व्यावहारिक, लघु फौजदारी के 10827 वाद निस्तारित किए गए। राजस्व वादों से संबंधित 1299 वादों का निस्तारण किया गया। वहीं, श्रम न्यायालय में भी सात वाद निपटाए गए। लोक अदालत के सफल होने पर जिला जज ने सभी का आभार जताया।
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जिला जज द्वारा लोक अदालत में 40 वादों का निस्तारण किया गया। इनमें से 19 एमएसी वादों का निस्तारण करते हुए 60.80 लाख रुपये और एडीजे की पीठाें द्वारा एमएसी के 69 वादों का निस्तारण कर 3.30 करोड़ रुपये पीड़ित पक्षों को प्रतिकर के रूप में दिलवाए गए। परिवार न्यायालय के न्यायाधीश द्वारा 72 वैवाहिक वादों का निस्तारण कर 2 लाख रुपये मुआवजा दिलाया गया। अतिरिक्त परिवार न्यायालय द्वारा 11 वैवाहिक वादों का निस्तारण किया गया। लोक अदालत में 1392 व्यावहारिक, लघु फौजदारी के 10827 वाद निस्तारित किए गए। राजस्व वादों से संबंधित 1299 वादों का निस्तारण किया गया। वहीं, श्रम न्यायालय में भी सात वाद निपटाए गए। लोक अदालत के सफल होने पर जिला जज ने सभी का आभार जताया।
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