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सरकार फिल्मों के माध्यम से फैलाये जा रहे सांस्कृतिक प्रदूषण पर रोक लगाये-डा मेजर हिमांशु
Updated Wed, 17 Jan 2018 09:29 PM IST
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राजपूत करनी सेना की बैठक
अमर उजाला ब्यूरो
सरधना।
नगर के बिनौली रोड स्थित भारतीय जैन मिलन अस्पताल में बुधवार को फिल्म पद्मावती के नाम को बदलकर पद्मावत कर दिये जाने को लेकर राजपूत करनी सेना की एक बैठक आयोजित हुई।
बैठक के दौरान राजपूत करनी सेना के संरक्षक व सलाहकार डॉ. मेजर हिमांशु ने पत्रकारों के साथ प्रेसवार्ता की। इस दौरान डॉ. मेजर हिमांशु ने कहा कि राजपूत समाज की नहीं बल्कि देश की सर्व समाज की संस्कृति को धूमिल करने के लिये निर्मित फिल्म पद्मावती के नाम के सामने से केवल बड़ी ई की मात्रा हटा देने और फिल्म का नाम पद्मावती की जगह पर पद्मावत कर किए जाने से राजपूत समाज का गुस्सा शांत नहीं होगा। देश में फिल्मों के माध्यम से फैलाये जा रहे सांस्कृतिक प्रदूषण पर सरकार को जल्द रोक लगानी चाहिए। सांस्कृतिक प्रदूषण फैलाने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई के लिये कानून बनाना चाहिए। ताकि देश की संस्कृति की धरोहर बची रहे और सांस्कृतिक प्रदूषण फैलाकर देश की सामाजिक व्यवस्था तोड़ने वालों पर सख्त कार्रवाई हो सके। जब सरकार ने तमाम प्रदूषणों पर रोक लगाने के लिये कानून बनाया है। तो जल्द ही सांस्कृतिक प्रदूषण फैलाने वालों पर भी कार्रवाई को कानून बनाया जाना चाहिए। इस मौके पर वक्ताओं ने एक स्वर में सरकार से मांग की इस फिल्म के नाम बदलने मात्र से इस फिल्म को रिलीज होने की मंजूरी नहीं देनी चाहिए। सिनेमाघर मालिक भी इस फिल्म का प्रदर्शन सिनेमाघरों में न करें इसकी अपील की गई। इस मौके पर डॉ. मेजर हिमांशु, रमेश सिंह, ओमकार पुंडीर आदि शामिल रहे।
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अमर उजाला ब्यूरो
सरधना।
नगर के बिनौली रोड स्थित भारतीय जैन मिलन अस्पताल में बुधवार को फिल्म पद्मावती के नाम को बदलकर पद्मावत कर दिये जाने को लेकर राजपूत करनी सेना की एक बैठक आयोजित हुई।
बैठक के दौरान राजपूत करनी सेना के संरक्षक व सलाहकार डॉ. मेजर हिमांशु ने पत्रकारों के साथ प्रेसवार्ता की। इस दौरान डॉ. मेजर हिमांशु ने कहा कि राजपूत समाज की नहीं बल्कि देश की सर्व समाज की संस्कृति को धूमिल करने के लिये निर्मित फिल्म पद्मावती के नाम के सामने से केवल बड़ी ई की मात्रा हटा देने और फिल्म का नाम पद्मावती की जगह पर पद्मावत कर किए जाने से राजपूत समाज का गुस्सा शांत नहीं होगा। देश में फिल्मों के माध्यम से फैलाये जा रहे सांस्कृतिक प्रदूषण पर सरकार को जल्द रोक लगानी चाहिए। सांस्कृतिक प्रदूषण फैलाने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई के लिये कानून बनाना चाहिए। ताकि देश की संस्कृति की धरोहर बची रहे और सांस्कृतिक प्रदूषण फैलाकर देश की सामाजिक व्यवस्था तोड़ने वालों पर सख्त कार्रवाई हो सके। जब सरकार ने तमाम प्रदूषणों पर रोक लगाने के लिये कानून बनाया है। तो जल्द ही सांस्कृतिक प्रदूषण फैलाने वालों पर भी कार्रवाई को कानून बनाया जाना चाहिए। इस मौके पर वक्ताओं ने एक स्वर में सरकार से मांग की इस फिल्म के नाम बदलने मात्र से इस फिल्म को रिलीज होने की मंजूरी नहीं देनी चाहिए। सिनेमाघर मालिक भी इस फिल्म का प्रदर्शन सिनेमाघरों में न करें इसकी अपील की गई। इस मौके पर डॉ. मेजर हिमांशु, रमेश सिंह, ओमकार पुंडीर आदि शामिल रहे।
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