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नर्सिंग कॉलेज में हुई शुरू हुई प्रशिक्षण की पाठशाला
Updated Tue, 27 Mar 2018 02:47 AM IST
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नर्सिंग कॉलेज में शुरू हुई प्रशिक्षण की पाठशाला
मेरठ।
एलएलआरएम कॉलेज स्थित नर्सिंग कॉलेज में प्रशिक्षण शुरू हो गया है, जो पांच मई तक चलेगा। डीएम अनिल ढींगरा ने सोमवार से इसका उद्घाटन किया। पहले प्रशिक्षण शिविर में राजस्थान और इटावा केनर्सिंग कॉलेज से 12 नर्सिंग स्टाफ यहां प्रशिक्षण लेने के लिए आया है।
केंद्र सरकार द्वारा इस नर्सिंग कॉलेज को स्टेट नोडल सेंटर और ‘सेंटर ऑफ एक्सिलेंस’ की उपाधि दी गई है। इस के तहत राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन द्वारा कराए जाने वाले छह साप्ताहिक ट्रेनिंग प्रोग्राम का उद्घाटन किया गया है। इसमें देश के विभिन्न राज्यों से प्रतिभागी मिडवाइफरी व परिवार कल्याण जैसे विषयों पर कौशल विकास ट्रेनिंग लेंगे। उद्देश्य है कि यह देश में मातृ व शिशु मृत्यु दर को कम करने में सहायक होगा। इस दौरान जिला अस्पताल के प्रमुख अधीक्षक डॉ. पीके बंसल, सीएमओ डॉ. राजकुमार, एसीएमओ डॉ. पूजा शर्मा, जिला महिला अस्पताल की प्रमुख अधीक्षक डॉ. मंजू मलिक, मेडिकल कॉलेज प्राचार्य डॉ. एसके गर्ग, प्रमुख अधीक्षक डॉ. अजीत चौधरी, डॉ. संजीव, उप अधीक्षक और नोडल सेंटर ऑफिसर डॉ. दिनेश राणा, मेडिकल कर्मचारी एसोसिएशन अध्यक्ष विपिन त्यागी, डॉ. अरविंद गोस्वामी, डॉ. चंदन, डॉ. कपिल सिंह जादौन, जी. मर्टिना देवी आदि रहे।
राज्य का पहला बीएससी नर्सिंग कॉलेज
यह नर्सिंग कॉलेज भारत सरकार केस्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की केंद्र पोषित योजना के अंतर्गत बनाया गया है। यह उत्तर प्रदेश का पहला और एकमात्र बीएससी नर्सिंग कॉलेज है। वर्ष 2012 से 50 सीटों की क्षमता से संचालित किया जा रहा है। पिछले साल मुख्यमंत्री ने मेडिकल कॉलेज के निरीक्षण केसमय बीएससी नर्सिंग कॉलेज की सीटें 50 से बढ़ाकर 100 करने के लिए निर्देशित किया था। इसके बाद उत्तर प्रदेश शासन, नर्सिंग परिषद और चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय से 100 सीटों की मान्यता मिल गई है।
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नर्सों का भी अहम रोल
डीएम अनिल ढींगरा ने कहा कि आमजन के स्वास्थ्य निर्माण में चिकित्सकों के साथ नर्सों का भी अहम रोल होता है। इसलिए सभी छात्र अपने नर्सिंग कोर्स को पूर्ण लगन व निष्ठा के साथ पूरा कर्रें औ आमजन को स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ दें।
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मेरठ।
एलएलआरएम कॉलेज स्थित नर्सिंग कॉलेज में प्रशिक्षण शुरू हो गया है, जो पांच मई तक चलेगा। डीएम अनिल ढींगरा ने सोमवार से इसका उद्घाटन किया। पहले प्रशिक्षण शिविर में राजस्थान और इटावा केनर्सिंग कॉलेज से 12 नर्सिंग स्टाफ यहां प्रशिक्षण लेने के लिए आया है।
केंद्र सरकार द्वारा इस नर्सिंग कॉलेज को स्टेट नोडल सेंटर और ‘सेंटर ऑफ एक्सिलेंस’ की उपाधि दी गई है। इस के तहत राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन द्वारा कराए जाने वाले छह साप्ताहिक ट्रेनिंग प्रोग्राम का उद्घाटन किया गया है। इसमें देश के विभिन्न राज्यों से प्रतिभागी मिडवाइफरी व परिवार कल्याण जैसे विषयों पर कौशल विकास ट्रेनिंग लेंगे। उद्देश्य है कि यह देश में मातृ व शिशु मृत्यु दर को कम करने में सहायक होगा। इस दौरान जिला अस्पताल के प्रमुख अधीक्षक डॉ. पीके बंसल, सीएमओ डॉ. राजकुमार, एसीएमओ डॉ. पूजा शर्मा, जिला महिला अस्पताल की प्रमुख अधीक्षक डॉ. मंजू मलिक, मेडिकल कॉलेज प्राचार्य डॉ. एसके गर्ग, प्रमुख अधीक्षक डॉ. अजीत चौधरी, डॉ. संजीव, उप अधीक्षक और नोडल सेंटर ऑफिसर डॉ. दिनेश राणा, मेडिकल कर्मचारी एसोसिएशन अध्यक्ष विपिन त्यागी, डॉ. अरविंद गोस्वामी, डॉ. चंदन, डॉ. कपिल सिंह जादौन, जी. मर्टिना देवी आदि रहे।
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राज्य का पहला बीएससी नर्सिंग कॉलेज
यह नर्सिंग कॉलेज भारत सरकार केस्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की केंद्र पोषित योजना के अंतर्गत बनाया गया है। यह उत्तर प्रदेश का पहला और एकमात्र बीएससी नर्सिंग कॉलेज है। वर्ष 2012 से 50 सीटों की क्षमता से संचालित किया जा रहा है। पिछले साल मुख्यमंत्री ने मेडिकल कॉलेज के निरीक्षण केसमय बीएससी नर्सिंग कॉलेज की सीटें 50 से बढ़ाकर 100 करने के लिए निर्देशित किया था। इसके बाद उत्तर प्रदेश शासन, नर्सिंग परिषद और चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय से 100 सीटों की मान्यता मिल गई है।
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नर्सों का भी अहम रोल
डीएम अनिल ढींगरा ने कहा कि आमजन के स्वास्थ्य निर्माण में चिकित्सकों के साथ नर्सों का भी अहम रोल होता है। इसलिए सभी छात्र अपने नर्सिंग कोर्स को पूर्ण लगन व निष्ठा के साथ पूरा कर्रें औ आमजन को स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ दें।