{"_id":"59c4231a4f1c1bb1688b61bd","slug":"151506026266-meerut-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"आरएफसी कंपाउंड जमीन पर चल सकता है बुलडोजर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आरएफसी कंपाउंड जमीन पर चल सकता है बुलडोजर
Updated Fri, 22 Sep 2017 02:07 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आरएफसी कंपाउंड जमीन पर हुए निर्माण पर चल सकता है बुलडोजर
मेरठ। संभागीय खाद्य नियंत्रक कार्यालय परिसर की जमीन बेचे जाने का मामला अब तूल पकड़ गया है। मंडलायुक्त के संज्ञान में आने के बाद इस मामले में तेजी से कार्रवाई हो रही है। शीघ्र ही जहां अब तक हुए बैनामे निरस्त होने की कार्रवाई तय मानी जा रही है, तो निर्माण पर बुलडोजर भी चलना तय बताया जा रहा है। इस मामले में जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी ने उपनिबंधक तृतीय और एमडीए को पत्र जारी किया है।
आरएफसी (संभागीय खाद्य नियंत्रक) कार्यालय परिसर वक्फ बोर्ड की जमीन पर है। लेकिन फर्जी आदेशों के आधार पर इस जमीन को मुतवल्ली आफताब और फईज आफताब ने कुछ बिल्डरों और नेताओं से साज कर बेचना शुरू कर दिया। जिसकी शिकायत तत्कालीन आरएफसी नेहा शर्मा ने की तो जांच बैठी, जिसमें स्पष्ट हो गया कि जमीन को फर्जी तरीके से बेचा गया है।
इसी मामले में 7 जून को अपर जिलाधिकारी नगर मुकेश चंद्र ने भी एक जांच रिपोर्ट तैयार कर जिलाधिकारी को भेजी। लेकिन इसमें कुछ भाजपाइयों के शामिल होने के कारण जांच दबा दी गई। मामला मंडलायुक्त के संज्ञान में आया तो कार्रवाई शुरू हुई। जिसमें जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी ने 15 सितंबर को दोनों मुतवल्लियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करा दी। अब जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी और सहायक सर्वे वक्फ कमिश्नर मो. तारिक ने उपनिबंधक तृतीय को पत्र लिखा है, जिसमें स्पष्ट कहा है कि वक्फ अलल औलाद 265 से संबंधित किसी भी जमीन का बैनामा न किया जाए। इसके साथ ही एमडीए वीसी को भी पत्र जारी किया गया है, जिसमें इस जमीन के भीतर किसी भी निर्माण को न होने की मांग की गई है।
विज्ञापन
13262 वर्ग मीटर पर हो चुका है कब्जा
आरएफसी कैंपस में वक्फ बोर्ड की करीब 30 हजार वर्ग मीटर जमीन है। इस जमीन पर भूमाफिया ने साठगांठ कर फर्जीवाड़े से अब तक 13262 वर्ग मीटर जमीन पर कब्जा कर लिया है। सूत्रों की मानें तो इस पूरे फर्जीवाड़े में सपा के साथ भाजपा के लोग भी शामिल हैं।
खास बात
जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी ने उपनिबंधक तृतीय और एमडीए वीसी को लिखा पत्र
विज्ञापन
मेरठ। संभागीय खाद्य नियंत्रक कार्यालय परिसर की जमीन बेचे जाने का मामला अब तूल पकड़ गया है। मंडलायुक्त के संज्ञान में आने के बाद इस मामले में तेजी से कार्रवाई हो रही है। शीघ्र ही जहां अब तक हुए बैनामे निरस्त होने की कार्रवाई तय मानी जा रही है, तो निर्माण पर बुलडोजर भी चलना तय बताया जा रहा है। इस मामले में जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी ने उपनिबंधक तृतीय और एमडीए को पत्र जारी किया है।
आरएफसी (संभागीय खाद्य नियंत्रक) कार्यालय परिसर वक्फ बोर्ड की जमीन पर है। लेकिन फर्जी आदेशों के आधार पर इस जमीन को मुतवल्ली आफताब और फईज आफताब ने कुछ बिल्डरों और नेताओं से साज कर बेचना शुरू कर दिया। जिसकी शिकायत तत्कालीन आरएफसी नेहा शर्मा ने की तो जांच बैठी, जिसमें स्पष्ट हो गया कि जमीन को फर्जी तरीके से बेचा गया है।
विज्ञापन
इसी मामले में 7 जून को अपर जिलाधिकारी नगर मुकेश चंद्र ने भी एक जांच रिपोर्ट तैयार कर जिलाधिकारी को भेजी। लेकिन इसमें कुछ भाजपाइयों के शामिल होने के कारण जांच दबा दी गई। मामला मंडलायुक्त के संज्ञान में आया तो कार्रवाई शुरू हुई। जिसमें जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी ने 15 सितंबर को दोनों मुतवल्लियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करा दी। अब जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी और सहायक सर्वे वक्फ कमिश्नर मो. तारिक ने उपनिबंधक तृतीय को पत्र लिखा है, जिसमें स्पष्ट कहा है कि वक्फ अलल औलाद 265 से संबंधित किसी भी जमीन का बैनामा न किया जाए। इसके साथ ही एमडीए वीसी को भी पत्र जारी किया गया है, जिसमें इस जमीन के भीतर किसी भी निर्माण को न होने की मांग की गई है।
विज्ञापन
13262 वर्ग मीटर पर हो चुका है कब्जा
आरएफसी कैंपस में वक्फ बोर्ड की करीब 30 हजार वर्ग मीटर जमीन है। इस जमीन पर भूमाफिया ने साठगांठ कर फर्जीवाड़े से अब तक 13262 वर्ग मीटर जमीन पर कब्जा कर लिया है। सूत्रों की मानें तो इस पूरे फर्जीवाड़े में सपा के साथ भाजपा के लोग भी शामिल हैं।
खास बात
जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी ने उपनिबंधक तृतीय और एमडीए वीसी को लिखा पत्र